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Budaun News: सड़क हादसे में जान गंवाने वाला किशोर पठानटोला मोहल्ले का था
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अरशान का फाइल फोटो।
उझानी। कल्याण सिंह चौक पर रविवार की शाम सड़क हादसे में जान गंवाने वाले किशोर की शिनाख्त पठानटोला मोहल्ले के अरशान के रूप में हुई है। वह कांवड़ियों के डीजे देखते हुए चौक तक पहुंच गया था।
पिता बंटी के मुताबिक, अरशान (16) रविवार शाम करीब तीन बजे बाइपास स्थित मानकपुर मोड़ पर पहुंचा। उसके साथ मोहल्ले के दो-तीन अन्य किशोर भी थे। साथी किशोर तो मानकपुर मोड़ पर कांवड़ियों के डीजे देखने के बाद घर लौट गए, लेकिन अरशान डीजे देखते हुए कल्याण सिंह चौक तक चला गया। अरशान की मौत किस वाहन की टक्कर से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
रविवार देर रात करीब 11 बजे परिवार के लोग पुलिस से जानकारी करने के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो शव देखते ही बिलखने लगे। पिता बंटी ने शिनाख्त की कार्रवाई पूरी कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह न तो शव का पोस्टमॉर्टम कराना चाहते हैं और न ही उन्हें पुलिस कार्रवाई चाहिए। इसके बाद वह शव घर ले आए। रात में ही शव को कब्रिस्तान में दफन करा दिया गया।
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मृतक अरशान अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बहन अलीशा सबसे बड़ी हैं। अब भाइयों में इकलौता अनस है। हादसे में बेटे की मौत से मां शन्नो बदहवास हैं। पिता बंटी कबाड़ का कारोबार करते हैं।
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पिता बंटी के मुताबिक, अरशान (16) रविवार शाम करीब तीन बजे बाइपास स्थित मानकपुर मोड़ पर पहुंचा। उसके साथ मोहल्ले के दो-तीन अन्य किशोर भी थे। साथी किशोर तो मानकपुर मोड़ पर कांवड़ियों के डीजे देखने के बाद घर लौट गए, लेकिन अरशान डीजे देखते हुए कल्याण सिंह चौक तक चला गया। अरशान की मौत किस वाहन की टक्कर से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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रविवार देर रात करीब 11 बजे परिवार के लोग पुलिस से जानकारी करने के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो शव देखते ही बिलखने लगे। पिता बंटी ने शिनाख्त की कार्रवाई पूरी कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह न तो शव का पोस्टमॉर्टम कराना चाहते हैं और न ही उन्हें पुलिस कार्रवाई चाहिए। इसके बाद वह शव घर ले आए। रात में ही शव को कब्रिस्तान में दफन करा दिया गया।
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मृतक अरशान अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बहन अलीशा सबसे बड़ी हैं। अब भाइयों में इकलौता अनस है। हादसे में बेटे की मौत से मां शन्नो बदहवास हैं। पिता बंटी कबाड़ का कारोबार करते हैं।