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Budaun News: धनु राशि में सूर्य की दस्तक... शहनाइयों की गूंज पर ब्रेक
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उझानी। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद आज (सोमवार) से धनु राशि में सूर्यदेव की दस्तक से शादियों पर ब्रेक लग गया है। इस दौरान शादियां ही नहीं, बल्कि गृह प्रवेश सरीखे कई और शुभ कार्य मकर संक्रांति तक नहीं होंगे। 16 जनवरी से होलिकाष्ठक लगने तक शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।
सूर्यदेव जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तभी से खरमास लग जाता है। आचार्य प्रवीण शर्मा के मुताबिक- सूर्यदेव ने आज धनु राशि में दस्तक दे दी है। 15 जनवरी तक खरमास रहेगा। इस दौरान शादियों के अलावा कोई भी शुभकार्य नहीं होता।
मान्यता है कि खरमास में होने वाले शुभकार्य कभी फलीभूत नहीं होते। खरमास समाप्ति के अगले दिन यानी 16 जनवरी से शुभ कार्यों का आगाज होगा, जो होलिकाष्ठक लगने तक चलेगा। होलिकाष्ठक लगने के बाद फिर से शादियों समेत गृहप्रवेश आदि पर ब्रेक लग जाता है।
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मकर संक्रांति के साथ शुरू शादियों की प्रमुख तिथियों के बारे में आचार्य प्रवीण महाराज कहते हैं कि जनवरी 2025 में 16, 17, 18, 21 और 22 तारीख तो फरवरी में 7, 13, 14, 18, 20, 21 और 25 तारीखें हैं। एक, पांच और छह मार्च को भी शादियों का योग है। सबसे बड़ा सहालग दो फरवरी और एक मार्च को रहेगा। इस दिन शादियों का सबसे अच्छा मुहूर्त माना गया है।
व्यापार पर भी पड़ेगा असर, सूने दिखेंगे मैरिज होम
खरमास में शादियों पर ब्रेक का असर व्यापारिक कामकाज पर भी पड़ेगा। खासकर आभूषण, कपड़े आदि की खरीदारी शादियों के दौरान अधिक होती है। बेटी की शादी के दौरान लोग अपनी सामर्थ्य के हिसाब से जेवरात और कपड़े खरीदते हैं। इसी तरह मैरिज होम भी 15 जनवरी तक सूने नजर आएंगे। मैरिज होम संचालकों में किशनचंद्र शर्मा कहते हैं कि 15 जनवरी के बाद की तारीखों में शादियों के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। बैंडबाजे वालों को जहां शादियां शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा, वही हलवाइयों को भी खरमास के समाप्त होने का इंतजार रहेगा।
इस अवधि में करें दान-पुण्य
आचार्य प्रवीण महाराज ने बताया कि खरमास के समय भगवान विष्णु व भगवान शंकर की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि दान-पुण्य करने से हमारे अच्छे कर्म बढ़ते हैं और इसका फल हमें मृत्यु के बाद भी मिलता है। खासतौर पर खरमास में जब शुभ काम करने की मनाही होती है तब दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ये कार्य रुक जाते
- विवाह या विवाह संबंधित बातचीत
- गृहप्रवेश व भूमि पूजन
- यज्ञोपवीत
- मुंडन व तिलक
- अन्य शुभ व मांगलिक कार्य
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सूर्यदेव जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तभी से खरमास लग जाता है। आचार्य प्रवीण शर्मा के मुताबिक- सूर्यदेव ने आज धनु राशि में दस्तक दे दी है। 15 जनवरी तक खरमास रहेगा। इस दौरान शादियों के अलावा कोई भी शुभकार्य नहीं होता।
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मान्यता है कि खरमास में होने वाले शुभकार्य कभी फलीभूत नहीं होते। खरमास समाप्ति के अगले दिन यानी 16 जनवरी से शुभ कार्यों का आगाज होगा, जो होलिकाष्ठक लगने तक चलेगा। होलिकाष्ठक लगने के बाद फिर से शादियों समेत गृहप्रवेश आदि पर ब्रेक लग जाता है।
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मकर संक्रांति के साथ शुरू शादियों की प्रमुख तिथियों के बारे में आचार्य प्रवीण महाराज कहते हैं कि जनवरी 2025 में 16, 17, 18, 21 और 22 तारीख तो फरवरी में 7, 13, 14, 18, 20, 21 और 25 तारीखें हैं। एक, पांच और छह मार्च को भी शादियों का योग है। सबसे बड़ा सहालग दो फरवरी और एक मार्च को रहेगा। इस दिन शादियों का सबसे अच्छा मुहूर्त माना गया है।
व्यापार पर भी पड़ेगा असर, सूने दिखेंगे मैरिज होम
खरमास में शादियों पर ब्रेक का असर व्यापारिक कामकाज पर भी पड़ेगा। खासकर आभूषण, कपड़े आदि की खरीदारी शादियों के दौरान अधिक होती है। बेटी की शादी के दौरान लोग अपनी सामर्थ्य के हिसाब से जेवरात और कपड़े खरीदते हैं। इसी तरह मैरिज होम भी 15 जनवरी तक सूने नजर आएंगे। मैरिज होम संचालकों में किशनचंद्र शर्मा कहते हैं कि 15 जनवरी के बाद की तारीखों में शादियों के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। बैंडबाजे वालों को जहां शादियां शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा, वही हलवाइयों को भी खरमास के समाप्त होने का इंतजार रहेगा।
इस अवधि में करें दान-पुण्य
आचार्य प्रवीण महाराज ने बताया कि खरमास के समय भगवान विष्णु व भगवान शंकर की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि दान-पुण्य करने से हमारे अच्छे कर्म बढ़ते हैं और इसका फल हमें मृत्यु के बाद भी मिलता है। खासतौर पर खरमास में जब शुभ काम करने की मनाही होती है तब दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ये कार्य रुक जाते
- विवाह या विवाह संबंधित बातचीत
- गृहप्रवेश व भूमि पूजन
- यज्ञोपवीत
- मुंडन व तिलक
- अन्य शुभ व मांगलिक कार्य