{"_id":"c6753f81c7fe6f71412fa8e191a86785","slug":"the-solar-machine-failed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौर ऊर्जा से संचालित जिले का पहला सरकारी नलकूप हुआ ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौर ऊर्जा से संचालित जिले का पहला सरकारी नलकूप हुआ ठप
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 19 Jan 2016 08:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
42 प्लेटों में छह चुराईं, एसएसपी से मिले एक्सईएन रिपोर्ट दर्ज
यहां बता दें कि जिले में 1201 सरकारी नलकूप संचालित हैं। इसमें सभी बिजली द्वारा संचालित हैं लेकिन उझानी के गांव चैतू नगला क्षेत्र में बिजली न होने के कारण यहां नलकूप खंड तृतीय की ओर से सौर ऊर्जा से संचालित नलकूप स्थापित किया गया था। यह काम नलकूप विभाग का पहला काम था और सफल होने पर आगे भी ऐसे नलकूप स्थापित करने की योजना थी। लेकिन, चोरों ने पहले प्रयास को ही खत्म कर दिया।
यहां बता दें कि सितंबर-16 में इस नलकूप की स्थापना की गई थी। इसके पैनल आदि में करीब 16 लाख रुपये की लागत आई थी। नलकूप का संचालन हुआ। सिंचाई शुरू हो गई थी। किसान खुश थे। सौर पैनलों की सुरक्षा को नलकूप ऐरिया को कटीले तारों से घेरा गया था और एक गेट बनाकर उसमें ताला जड़ दिया गया था। जरूरत पडने पर ही ताला खोला जाता था। बताया जाता है कि आठ/नौ जनवरी की रात चोरों ने इस नलकूप में लगे सौर ऊर्जा के 42 पैनलों में से छह पैनल चोरी कर लिए। इस संबंध में 10 जनवरी को नलकूप विभाग के एक्सईएन गिरीश चंद्र और उमेश चंद्र एसएसपी सौमित्र यादव से मिले और घटना की जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर उझानी कोतवाली में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक पैनल चोरों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। नलकूप ठप हो जाने से सैकड़ों किसान मायूस हैं, वहीं नलकूप विभाग के अधिकारी भी हतप्रभ नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
यहां बता दें कि जिले में 1201 सरकारी नलकूप संचालित हैं। इसमें सभी बिजली द्वारा संचालित हैं लेकिन उझानी के गांव चैतू नगला क्षेत्र में बिजली न होने के कारण यहां नलकूप खंड तृतीय की ओर से सौर ऊर्जा से संचालित नलकूप स्थापित किया गया था। यह काम नलकूप विभाग का पहला काम था और सफल होने पर आगे भी ऐसे नलकूप स्थापित करने की योजना थी। लेकिन, चोरों ने पहले प्रयास को ही खत्म कर दिया।
यहां बता दें कि सितंबर-16 में इस नलकूप की स्थापना की गई थी। इसके पैनल आदि में करीब 16 लाख रुपये की लागत आई थी। नलकूप का संचालन हुआ। सिंचाई शुरू हो गई थी। किसान खुश थे। सौर पैनलों की सुरक्षा को नलकूप ऐरिया को कटीले तारों से घेरा गया था और एक गेट बनाकर उसमें ताला जड़ दिया गया था। जरूरत पडने पर ही ताला खोला जाता था। बताया जाता है कि आठ/नौ जनवरी की रात चोरों ने इस नलकूप में लगे सौर ऊर्जा के 42 पैनलों में से छह पैनल चोरी कर लिए। इस संबंध में 10 जनवरी को नलकूप विभाग के एक्सईएन गिरीश चंद्र और उमेश चंद्र एसएसपी सौमित्र यादव से मिले और घटना की जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर उझानी कोतवाली में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक पैनल चोरों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। नलकूप ठप हो जाने से सैकड़ों किसान मायूस हैं, वहीं नलकूप विभाग के अधिकारी भी हतप्रभ नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन