{"_id":"6abec2d1673f484a7600c293","slug":"the-school-did-not-open-by-945-am-teachers-arrived-after-10-am-badaun-news-c-123-1-sbly1001-174462-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: सुबह पौने दस बजे तक नहीं खुला स्कूल, 10 बजे के बाद पहुंचे शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: सुबह पौने दस बजे तक नहीं खुला स्कूल, 10 बजे के बाद पहुंचे शिक्षक
विज्ञापन
पौने 10 बजे तक स्कूल बंद होने पर बाहर घूमते छात्र-छात्राएं। संवाद
जरीफनगर। ब्लॉक दहगवां के ग्राम नसीरपुर टप्पा मससई स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार की सुबह पौने 10 बजे तक स्कूल नहीं खुला। इसकी वजह से छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर खड़े नजर आए। दस बजे के बाद शिक्षक स्कूल पहुंचे तो स्कूल खुला।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, एक अक्तूबर से स्कूलों का समय सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक का हो गया है। बृहस्पतिवार को नसीरपुर टप्पा मससई स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौने 10 बजे तक नहीं खुला। ऐसे में छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंचकर शिक्षकों का इंतजार करती रहीं। कुछ छात्र-छात्राएं वापस भी लौट गईं।
प्रधान उदय प्रताप सिंह का आरोप है कि कॉलेज में शिक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायत पहले भी सामने आती रही है। उनका कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से समय पालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में शिक्षकों की गैरमौजूदगी या देरी से उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है।
विज्ञापन
वहीं प्रधानाचार्य रीता गंगवार का कहना है कि कुछ काम होने की वजह से वह 10:19 बजे तक स्कूल नहीं पहुंची थीं। शिक्षकों को समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि कॉलेज स्टाफ ने बताया कि वह सुबह 9:21 पर स्कूल पहुंच गए थे। केवल प्रधानाचार्य ही कुछ देरी से आई थीं।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, एक अक्तूबर से स्कूलों का समय सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक का हो गया है। बृहस्पतिवार को नसीरपुर टप्पा मससई स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौने 10 बजे तक नहीं खुला। ऐसे में छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंचकर शिक्षकों का इंतजार करती रहीं। कुछ छात्र-छात्राएं वापस भी लौट गईं।
विज्ञापन
प्रधान उदय प्रताप सिंह का आरोप है कि कॉलेज में शिक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायत पहले भी सामने आती रही है। उनका कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से समय पालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में शिक्षकों की गैरमौजूदगी या देरी से उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है।
विज्ञापन
वहीं प्रधानाचार्य रीता गंगवार का कहना है कि कुछ काम होने की वजह से वह 10:19 बजे तक स्कूल नहीं पहुंची थीं। शिक्षकों को समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि कॉलेज स्टाफ ने बताया कि वह सुबह 9:21 पर स्कूल पहुंच गए थे। केवल प्रधानाचार्य ही कुछ देरी से आई थीं।