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Budaun News: कायाकल्प की टीम को अस्पताल में घूमते मिले थे छुट्टा पशु
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जिला अस्पताल। संवाद
बदायूं। कायाकल्प की टीम के निरीक्षण में जिला अस्पताल फेल हो गया। मानकों को परखने आई टीम को साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिलीं। अस्पताल परिसर में छुट्टा पशु घूम रहे थे। सीएमएस को 15 दिन का मौका दिया गया है। अगर इस बार निरीक्षण में पास नहीं होता है तो कर्मचारियों व सफाई ठेकेदार पर कार्रवाई भी हो सकती है।
जिला अस्पताल में हर साल कायाकल्प की टीम निरीक्षण करने आती है। वह शासन को अपनी रिपोर्ट देती है। इसके बाद रैंक तय की जाती है। 15 जुलाई को टीम ने अस्पताल का भ्रमण करके मरीजों से वहां पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। अस्पताल की सुविधाओं के अनुसार पूरे प्रदेश के अस्पतालों की रैंकिंग तय होती है। टीम ने इमरजेंसी वार्ड, चिल्ड्रन वार्ड, महिला वार्ड, ओपीडी सहित ऑक्सीजन प्लांट, पैथालॉजी, ब्लड सेंटर आदि का मुआयना किया है।
इस दौरान मरीजों से भी बातचीत की। मरीजों से अस्पताल में जांच, दवा व चिकित्सकों का व्यवहार सहित तमाम जानकारी पूछी। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि टीम द्वारा मौखिक सूचना दी गई है कि जिला अस्पताल कायाकल्प के निरीक्षण में फेल हो गया है। मौका दिया जा रहा है कि 15 दिन में व्यवस्था में सुधार लाएं, इसके बाद टीम पुन: निरीक्षण करने अस्पताल पहुंचेगी।
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मानकों के अनुसार पास होने पर ही रैंक जारी की जाएगी। अभी रिजल्ट रोक लिया गया है। सफाई करने वाली टीम को व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए है। सफाई और अस्पताल में छुट्टा पशु मिलने पर टीम ने फेल कर दिया। अब व्यवस्थाओं को ठीक कराया जा रहा है। पास होने पर ही सफाई ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा।
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जिला अस्पताल में हर साल कायाकल्प की टीम निरीक्षण करने आती है। वह शासन को अपनी रिपोर्ट देती है। इसके बाद रैंक तय की जाती है। 15 जुलाई को टीम ने अस्पताल का भ्रमण करके मरीजों से वहां पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। अस्पताल की सुविधाओं के अनुसार पूरे प्रदेश के अस्पतालों की रैंकिंग तय होती है। टीम ने इमरजेंसी वार्ड, चिल्ड्रन वार्ड, महिला वार्ड, ओपीडी सहित ऑक्सीजन प्लांट, पैथालॉजी, ब्लड सेंटर आदि का मुआयना किया है।
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इस दौरान मरीजों से भी बातचीत की। मरीजों से अस्पताल में जांच, दवा व चिकित्सकों का व्यवहार सहित तमाम जानकारी पूछी। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि टीम द्वारा मौखिक सूचना दी गई है कि जिला अस्पताल कायाकल्प के निरीक्षण में फेल हो गया है। मौका दिया जा रहा है कि 15 दिन में व्यवस्था में सुधार लाएं, इसके बाद टीम पुन: निरीक्षण करने अस्पताल पहुंचेगी।
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मानकों के अनुसार पास होने पर ही रैंक जारी की जाएगी। अभी रिजल्ट रोक लिया गया है। सफाई करने वाली टीम को व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए है। सफाई और अस्पताल में छुट्टा पशु मिलने पर टीम ने फेल कर दिया। अब व्यवस्थाओं को ठीक कराया जा रहा है। पास होने पर ही सफाई ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा।