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यहां अंधेरे में है उज्ज्वला योजना
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:16 PM IST
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narendra modi
- फोटो : PTI
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- अब तक नहीं पता कहां से ली गई है लिस्ट
- लिस्ट के हिसाब से वितरण की गति धीमी
गरीब परिवार की महिलाओं को रसोई गैस नि:शुल्क दिए जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता की योजना उज्ज्वला जिले में अभी भी अंधेरे में है। गैस एजेंसियों को नामों की लिस्ट तो भेज दी गई हैं, लेकिन वितरण पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केवल आंवला संसदीय क्षेत्र से जुड़े जिले के कुछ हिस्से में कनेक्शन देकर योजना के क्रियान्वयन को दर्शा दिया गया है। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी से दूर रखा गया है। इसके लिए जिम्मेदार हैं गैस कंपनियों द्वारा नियुक्त डीएनओ। इन्होंने उज्ज्वला के कनेक्शन वितरण कराने में कोई अभिरुचि नहीं दिखाई है। इससे उज्ज्वला योजना जिले में अंधेरे में नजर आ रही है।
डीएम की अनुपस्थिति में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने अमर उजाला द्वारा उपलब्ध कराए मोबाइल नंबर 09917380888 पर योजना के डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफीसर (डीएनओ) अर्पित वंशल से बात की। उन्होंने डीएनओ से बात करने के बाद बताया कि 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर योजना का लाभ बदायूं के गरीब परिवारों की सूची हासिल कर ली गई है। इस सूची में लाखों नाम हैं। इनमें जिनके पास कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें कनेक्शन मिलेंगे।
इससे पूर्व आपूर्ति विभाग या जिला प्रशासन को डीएनओ ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे गरीब परिवार उज्ज्वला के कनेक्शन को भटक रहे हैं। यहां भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने बताया कि प्रशासन उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन पर गौर नहीं कर रहा है। वह पीएमओ को इसकी जानकारी देंगे। यहां लोगों ने शिकायत की है कि उज्ज्वला योजना के डीएनओ किसी का फोन नहीं उठाते हैं। जिले में उज्ज्वला की सूची में कितने नाम हैं किसी को सही जानकारी नहीं है। बस, यही कहा जा रहा है कि इस योजना के लिए लाभार्थियों की सूची में लाखों नाम हैं। इस हिसाब से वितरण अभी तीन अंकों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका है। जिला पूर्ति अधिकारी सत्यदेव ने बताया कि उन्हें भी उज्ज्वला योजना से संबंधित कोई लिस्ट नहीं दी गई है। कुल मिलाकर डीएनओ ही इस योजना की धुरी बने हुए हैं जो योजना को क्रियान्वयन को अपनी धुरी पर घूमने नहीं दे रहे हैं।
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हेलो क्या डीएसओ बोल रहे हैं...
जब तमाम फोन डीएनओ वंशल को किए गए तो अमर उजाला में काफी देर बाद फोन आया कि हेलो क्या डीएसओ सत्यदेव बोल रहे हैं। उन्हें जवाब मिला जी नहीं, अमर उजाला कार्यालय का नंबर है। आप लंबे समय से फोन ही नहीं उठा रहे थे। उज्ज्वला योजना के बारे में पूछना था। इस पर डीएनओ बोले.. जी उन्हें सब गोपनीय रखने को कहा गया है। प्रशासन को भी सूची नहीं दी है। सूची उजागर होगी तो प्रधान जोर जबर्दस्ती करेंगे और लाभार्थियों से पैसे भी ले सकते हैं। केवल डिस्ट्रीब्यूटर को सूचियां दे रखी हैं, जो घरों से बुलाकर लाभ पहुंचाएंगे। हो सकता है कि इसमें अभी विलंब हो रहा है। सांसद बदायूं को भी सूचना भिजवाई थी, लेकिन उन्होंने केवल यही कह दिया आप कनेक्शन बंटवाइये।
- लिस्ट के हिसाब से वितरण की गति धीमी
गरीब परिवार की महिलाओं को रसोई गैस नि:शुल्क दिए जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता की योजना उज्ज्वला जिले में अभी भी अंधेरे में है। गैस एजेंसियों को नामों की लिस्ट तो भेज दी गई हैं, लेकिन वितरण पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केवल आंवला संसदीय क्षेत्र से जुड़े जिले के कुछ हिस्से में कनेक्शन देकर योजना के क्रियान्वयन को दर्शा दिया गया है। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी से दूर रखा गया है। इसके लिए जिम्मेदार हैं गैस कंपनियों द्वारा नियुक्त डीएनओ। इन्होंने उज्ज्वला के कनेक्शन वितरण कराने में कोई अभिरुचि नहीं दिखाई है। इससे उज्ज्वला योजना जिले में अंधेरे में नजर आ रही है।
डीएम की अनुपस्थिति में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने अमर उजाला द्वारा उपलब्ध कराए मोबाइल नंबर 09917380888 पर योजना के डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफीसर (डीएनओ) अर्पित वंशल से बात की। उन्होंने डीएनओ से बात करने के बाद बताया कि 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर योजना का लाभ बदायूं के गरीब परिवारों की सूची हासिल कर ली गई है। इस सूची में लाखों नाम हैं। इनमें जिनके पास कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें कनेक्शन मिलेंगे।
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इससे पूर्व आपूर्ति विभाग या जिला प्रशासन को डीएनओ ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे गरीब परिवार उज्ज्वला के कनेक्शन को भटक रहे हैं। यहां भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने बताया कि प्रशासन उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन पर गौर नहीं कर रहा है। वह पीएमओ को इसकी जानकारी देंगे। यहां लोगों ने शिकायत की है कि उज्ज्वला योजना के डीएनओ किसी का फोन नहीं उठाते हैं। जिले में उज्ज्वला की सूची में कितने नाम हैं किसी को सही जानकारी नहीं है। बस, यही कहा जा रहा है कि इस योजना के लिए लाभार्थियों की सूची में लाखों नाम हैं। इस हिसाब से वितरण अभी तीन अंकों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका है। जिला पूर्ति अधिकारी सत्यदेव ने बताया कि उन्हें भी उज्ज्वला योजना से संबंधित कोई लिस्ट नहीं दी गई है। कुल मिलाकर डीएनओ ही इस योजना की धुरी बने हुए हैं जो योजना को क्रियान्वयन को अपनी धुरी पर घूमने नहीं दे रहे हैं।
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हेलो क्या डीएसओ बोल रहे हैं...
जब तमाम फोन डीएनओ वंशल को किए गए तो अमर उजाला में काफी देर बाद फोन आया कि हेलो क्या डीएसओ सत्यदेव बोल रहे हैं। उन्हें जवाब मिला जी नहीं, अमर उजाला कार्यालय का नंबर है। आप लंबे समय से फोन ही नहीं उठा रहे थे। उज्ज्वला योजना के बारे में पूछना था। इस पर डीएनओ बोले.. जी उन्हें सब गोपनीय रखने को कहा गया है। प्रशासन को भी सूची नहीं दी है। सूची उजागर होगी तो प्रधान जोर जबर्दस्ती करेंगे और लाभार्थियों से पैसे भी ले सकते हैं। केवल डिस्ट्रीब्यूटर को सूचियां दे रखी हैं, जो घरों से बुलाकर लाभ पहुंचाएंगे। हो सकता है कि इसमें अभी विलंब हो रहा है। सांसद बदायूं को भी सूचना भिजवाई थी, लेकिन उन्होंने केवल यही कह दिया आप कनेक्शन बंटवाइये।