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Budaun News: नेत्र रोग पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी, दिखने में भी दिक्कत
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जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंखों की जांच करते डॉक्टर। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले पांच दिनों में आंखों से जुड़े रोगों से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन 15-20 बच्चे यहां पहुंच रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे पांच वर्षीय आसिफ ने बताया कि आंख में खुजली होती है और पानी निकलता है। डॉ.पीयूष मोहन अग्रवाल ने जांच की तो पता चला कि आंख के अंदर छोटे-छोटे दाने पड़ गए थे। इस पर उन्होंने बच्चे के पिता मोहम्मद नईम को बच्चे को धूप और धूल में न ले जाने की सलाह देने के साथ कुछ दवाएं दी।
छह वर्षीय शाहरुख ने बताया कि आंख लाल है। कई बार धुंधला दिखता है। जांच की तो आंख के अंदर गंदगी थी। इस वजह से संक्रमण फैल गया था। चिकित्सक ने आंख की सफाई कर बच्चे को दवा दी। डॉ. पीयूष मोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से इन दिनों नेत्र रोग पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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औसतन हर दिन 15 से 20 बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए साफ व ठंडे पानी से आंख की धुलाई, सूती कपड़े में बर्फ का टुकड़ा रखकर सिकाई और धूप-धूल में जाने से बचने की ताकीद की गई है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर धूप में निकलें तो काला चश्मा लगाकर ही जाएं।
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ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे पांच वर्षीय आसिफ ने बताया कि आंख में खुजली होती है और पानी निकलता है। डॉ.पीयूष मोहन अग्रवाल ने जांच की तो पता चला कि आंख के अंदर छोटे-छोटे दाने पड़ गए थे। इस पर उन्होंने बच्चे के पिता मोहम्मद नईम को बच्चे को धूप और धूल में न ले जाने की सलाह देने के साथ कुछ दवाएं दी।
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छह वर्षीय शाहरुख ने बताया कि आंख लाल है। कई बार धुंधला दिखता है। जांच की तो आंख के अंदर गंदगी थी। इस वजह से संक्रमण फैल गया था। चिकित्सक ने आंख की सफाई कर बच्चे को दवा दी। डॉ. पीयूष मोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से इन दिनों नेत्र रोग पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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औसतन हर दिन 15 से 20 बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए साफ व ठंडे पानी से आंख की धुलाई, सूती कपड़े में बर्फ का टुकड़ा रखकर सिकाई और धूप-धूल में जाने से बचने की ताकीद की गई है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर धूप में निकलें तो काला चश्मा लगाकर ही जाएं।