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अमरौली से सेवानिवृत्त अध्यापक के पीछे लगे थे बदमाश
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जिला अस्पताल में मोर्चरी के बाहर जानकारी देते मृतक के परिवार वाले। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। वजीरगंज इलाके में सेवानिवृत्त अध्यापक की हत्या करने वाले बदमाश अमरौली से ही उनके पीछे लगे थे। गांव में चर्चा है कि हत्या से पहले दोनों बदमाशों को गांव में देखा गया था। जैसे ही सेवानिवृत्त अध्यापक गांव से निकले कि बदमाश उनके पीछे लग गए और रास्ते में उनकी हत्या कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बदमाश हेलमेट पहने थे। वह अपाचे बाइक से पीछा करते हुए आए थे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सेवानिवृत्त अध्यापक सत्यपाल सिंह को कॉल करके बुलाया गया था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो रही है। परिवार वाले भी ऐसी जानकारी से इन्कार कर रहे हैं। पुलिस ने इसकी छानबीन शुरू करते हुए परिवार वालों के मोबाइल नंबर लिए हैं।
इधर, यह भी कहा जा रहा है कि जो प्रत्यक्षदर्शी मौके पर देखा गया था। वह सत्यपाल सिंह की बाइक पर पीछे बैठा था, जबकि प्रत्यक्षदर्शी दिलदार खुद को पैदल आना बता रहा है।। हत्यारोपी कौन हैं और उन्होंने हत्या क्यों की। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
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प्रत्यक्षदर्शी बोला-उसके सामने भागे थे बदमाश
घटना के प्रत्यक्षदर्शी दिलदार का कहना है कि वह गांव-गांव जाकर भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। हत्या के दौरान वह अमरौली गांव से ही पैदल भीख मांगकर लौट रहा था। यह इत्तेफाक है कि बदमाशों ने उसके नजदीक ही सत्यपाल को रोका था। उसने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह पैदल था। इससे ज्यादा दूर नहीं जा पाया। उसने सत्यपाल सिंह को संभालना ज्यादा जरूरी समझा।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बदमाश हेलमेट पहने थे। वह अपाचे बाइक से पीछा करते हुए आए थे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सेवानिवृत्त अध्यापक सत्यपाल सिंह को कॉल करके बुलाया गया था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो रही है। परिवार वाले भी ऐसी जानकारी से इन्कार कर रहे हैं। पुलिस ने इसकी छानबीन शुरू करते हुए परिवार वालों के मोबाइल नंबर लिए हैं।
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इधर, यह भी कहा जा रहा है कि जो प्रत्यक्षदर्शी मौके पर देखा गया था। वह सत्यपाल सिंह की बाइक पर पीछे बैठा था, जबकि प्रत्यक्षदर्शी दिलदार खुद को पैदल आना बता रहा है।। हत्यारोपी कौन हैं और उन्होंने हत्या क्यों की। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
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प्रत्यक्षदर्शी बोला-उसके सामने भागे थे बदमाश
घटना के प्रत्यक्षदर्शी दिलदार का कहना है कि वह गांव-गांव जाकर भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। हत्या के दौरान वह अमरौली गांव से ही पैदल भीख मांगकर लौट रहा था। यह इत्तेफाक है कि बदमाशों ने उसके नजदीक ही सत्यपाल को रोका था। उसने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह पैदल था। इससे ज्यादा दूर नहीं जा पाया। उसने सत्यपाल सिंह को संभालना ज्यादा जरूरी समझा।

अमरौली-सैदपुर रोड पर इसी जगह सेवानिवृत्त अध्यापक को मारी गई गोली, छानबीन करती पुलिस। संवाद- फोटो : BADAUN