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Budaun News: चार साल चली कानूनी लड़ाई, भवन तीन घंटे में जमींदोज

Fri, 12 Jun 2026 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:51 AM IST
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The legal battle lasted four years, and the building was razed in three hours.
ग्राम समाज की जमीन पर अवैध म​स्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद
कादरचौक। चतुरी नगला गांव में जिस अवैध मस्जिद भवन को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया उसकी कानूनी लड़ाई चार वर्षों तक चली, लेकिन भवन तीन घंटे में ही जमींदोज हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम समाज की भूमि पर शुरुआत में रहने के उद्देश्य से निर्माण कार्य कराया था। धीरे-धीरे निर्माण का स्वरूप बदला, वहां धार्मिक गतिविधियां शुरू होने लगीं। नमाज पढ़े जाने से विवाद गहराने लगा। मामला बदायूं से बरेली फिर लखनऊ तक पहुंचा।
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ग्राम पंचायत ककोड़ा के मजरा चतुरी नगला में करीब 160 वर्ग मीटर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण किया गया था। शिकायतों के बाद मामला तहसीलदार सदर कोर्ट में पहुंचा, जहां विस्तृत सुनवाई के दौरान भूमि को ग्राम समाज की संपत्ति मानते हुए निर्माण को अवैध बता उसे हटाने के आदेश जारी किए थे।
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इधर, ककोड़ा के मजरा की प्रधान अमरवती का कहना है कि विवाद बढ़ने के बावजूद भवन में धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद करीब दो वर्ष पूर्व मौके पर पहुंचकर भवन को सील किया था। तब से भवन बंद पड़ा था। उस पर प्रशासन की निगरानी थी। चार वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय ने दोबारा निर्माण को अवैध मानते हुए हटाने का आदेश दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार को भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। ऐसे में लंबे समय से चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया।
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गांव बना छावनी, छतों से लेकर गलियों तक पुलिस का पहरा

कादरचौक। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही चतुरी नगला गांव को सुबह से ही सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। अवैध निर्माण स्थल की ओर जाने वालीं सभी गलियों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया। किसी भी प्रकार की भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी छतों पर से गांव की निगरानी करते रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते पूरी कार्रवाई के दौरान कोई विरोध या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई। बता दें कि ग्राम समाज की भूमि पर करीब 11-12 साल पहले निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जिसके बाद निर्माण तेजी से कराया गया था। संवाद


अवैध निर्माण की मजबूती ने बुलडोजर चालकों की ली परीक्षा
प्रशासन को उम्मीद थी कि कार्रवाई अपेक्षाकृत कम समय में पूरी हो जाएगी, लेकिन अवैध निर्माण की मजबूती ने बुलडोजर चालकों की परीक्षा ले ली। दो बुलडोजरों को लगातार करीब तीन घंटे तक कार्रवाई करनी पड़ी। दीवारों और ढांचे को तोड़ने में काफी समय लगा। निर्माण पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद प्रशासन ने मौके पर मौजूद मलबे को भी हटवाने का कार्य शुरू करा दिया, ताकि भविष्य में दोबारा किसी प्रकार का विवाद न हो सके। पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई है।


पहले नमाज पढ़नी शुरू की फिर एक कमरे को सन्नी
सेंट्रल बोर्ड में मस्जिद में करा लिया था पंजीकरण

बदायूं। तत्कालीन तहसीलदार ने 26 जून 2022 को तत्कालीन डीएम को रिपोर्ट भेजकर बताया था कि ग्राम चतुरी नगला में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले की जांच की गई। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने आख्या में बताया था कि ग्राम चतुरी नगला ग्राम समाज की बंजर भूमि व कुछ गांव की निजी भूमि पर बसा है। मस्जिद के सदस्यों से संपर्क कर बयान दर्ज किये थे।
उन्होंने बताया था कि वे लोग आले हसन पुत्र बुद्धी की खाली जगह पर नमाज पढ़ते आ रहे हैं। वर्ष 2001 से लगातार नमाज पढ़ने के साथ-साथ 2021 में मस्जिद का सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इसके बाद क्षेत्रीय नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा। उन्होंने जांच में पाया था कि स्थल पर मस्जिद न होकर एक मात्र हॉलनुमा बड़ा कमरा है, उस कमरे को मस्जिद के रूप में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज करा लिया गया है, जो नियम विरुद्ध है। भवन के निर्माण के संबंध में कोई अनुमति शासन-प्रशासन से भी नहीं ली गई थी। नायब तहसीलदार ने थाना कादरचौक पुलिस के साथ हॉलनुमा कमरे में ताला लगवाकर बंद करा दिया था। संवाद

आईजीआरएस पर हुई शिकायत पर अफसरों ने बंद कराया था नमाज पढ़ना
बदायूं। चतुरी नगला गांव निवासी अमरवती ने अवैध रूप से ग्राम समाज की भूमि पर मस्जिद बनाने का आरोप लगाते हुए 2022 में आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कमिश्नर बरेली को जांच कर अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। मामले में कमिश्नर की ओर से तत्कालीन अपर आयुक्त अरुण कुमार ने प्रमुख सचिव गृह को रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें यह बताया गया था कि प्रकरण में जांच के लिए बदायूं के डीएम को ऑनलाइन पत्र भेजा गया है।

29 अगस्त, 2022 को डीएम ने आख्या उपलब्ध कराई थी। डीएम ने तत्कालीन तहसीलदार की रिपोर्ट को ही उपलब्ध कराया था। रिपोर्ट में यह भी बताया था कि संवेदनशील प्रकरण है, जिस पर लगातार सतर्क दृष्टि रखने को एसडीएम सदर, थानाध्यक्ष, कादरचौक को निर्देशित किया था। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

ग्राम समाज की जमीन पर अवैध मस्जिद गिराता हुआ बुल्डोजर। संवाद

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