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Budaun News: वार्डन के अभाव में बंद है राजकीय महिला डिग्री कॉलेज का छात्रावास
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राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में बना छात्रावास। संवाद
बदायूं। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में बना छात्रावास वार्डन के अभाव में तीन साल से बंद पड़ा है। वार्डन तैनात न होने के कारण यहां पर छात्राएं अभी नहीं रुक रहीं हैं। देखरेख न होने की दशा में छात्रावास अब धीरे-धीरे खंडहर होने लगा है।
शहर में राजकीय महिला डिग्री कॉलेज स्थित है। इसके अलावा पूरे जनपद में कहीं पर भी सरकारी महिला डिग्री कॉलेज नहीं है। कॉलेज में एडमिशन को लेकर छात्राओं में मारामारी रहती है। दूरदराज गांव से भी तमाम छात्राएं पढ़ाई करने के लिए आती हैं। ऐसे में यहां पर पढ़ने वाली छात्राओं को शहर में रुकने में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसको ध्यान में रखते हुए शासन ने राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला छात्रावास का निर्माण कराया है। इसमें 30 कमरे बनाए गए हैं, प्रत्येक कमरे में तीन छात्राएं रुक सकती हैं। तीन साल पहले बने छात्रावास का आज तक सदुपयोग नहीं हो पाया है।
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हालत यह है कि तीन साल में आजतक एक भी छात्रा यहां पर नहीं रुकी है। इसकी मुख्य वजह वार्डन का ना होना बताया जा रहा है, हालांकि काॅलेज प्रशासन की तरफ से वार्डन को लेकर शासन को पत्राचार भी किया गया था, लेकिन अब तक शासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई है।वहीं देखरेख के अभाव में छात्रावास का भवन धीरे-धीरे खंडहर होने लगा है।
अभी वार्डन की तैनाती नहीं हो सकी है। इसको लेकर पत्राचार किया गया है। जैसे ही वार्डन की तैनाती हो जाएगी। उसके बाद ही छात्राओं से छात्रावास में रुकने के लिए आवेदन लिए जाएंगे, ताकि छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिल सके।- डॉ. राजधन, प्रभारी प्राचार्य राजकीय महिला इंटर कॉलेज
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शहर में राजकीय महिला डिग्री कॉलेज स्थित है। इसके अलावा पूरे जनपद में कहीं पर भी सरकारी महिला डिग्री कॉलेज नहीं है। कॉलेज में एडमिशन को लेकर छात्राओं में मारामारी रहती है। दूरदराज गांव से भी तमाम छात्राएं पढ़ाई करने के लिए आती हैं। ऐसे में यहां पर पढ़ने वाली छात्राओं को शहर में रुकने में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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इसको ध्यान में रखते हुए शासन ने राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला छात्रावास का निर्माण कराया है। इसमें 30 कमरे बनाए गए हैं, प्रत्येक कमरे में तीन छात्राएं रुक सकती हैं। तीन साल पहले बने छात्रावास का आज तक सदुपयोग नहीं हो पाया है।
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हालत यह है कि तीन साल में आजतक एक भी छात्रा यहां पर नहीं रुकी है। इसकी मुख्य वजह वार्डन का ना होना बताया जा रहा है, हालांकि काॅलेज प्रशासन की तरफ से वार्डन को लेकर शासन को पत्राचार भी किया गया था, लेकिन अब तक शासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई है।वहीं देखरेख के अभाव में छात्रावास का भवन धीरे-धीरे खंडहर होने लगा है।
अभी वार्डन की तैनाती नहीं हो सकी है। इसको लेकर पत्राचार किया गया है। जैसे ही वार्डन की तैनाती हो जाएगी। उसके बाद ही छात्राओं से छात्रावास में रुकने के लिए आवेदन लिए जाएंगे, ताकि छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिल सके।- डॉ. राजधन, प्रभारी प्राचार्य राजकीय महिला इंटर कॉलेज