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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में हस्तक्षेप करना चाहती केंद्र सरकार
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:50 PM IST
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सय्यद मुनव्वर अली जूनियर हाईस्कूल सोथा में केंद्र सरकार के तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड के मुद्दे पर हलफनामा दाखिल करने के विरोध में मुस्लिम समुदाय के गणमान्य लोगों की एक बैठक हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मौलाना यासीन अली उस्मानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप करना चाहती है। केंद्र सरकार ने सलाह विधि आयोग से मांगी है और विधि आयोग ने अपनी प्रश्नावली के अनुसार हिंदुस्तानी शहरियों से जिस अंदाज से सलाह मांगने का प्रयास किया है। वह उसकी नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, लिहाजा ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ पर्सनल बोर्ड ने मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के विरुद्ध मुसलमानों को अपनी राय देने के लिए एक फार्म जारी किया है, जिस पर ज्यादा से ज्यादा मुसलमान अपनी राय दें। इस दौरान ककराला जामा मस्जिद के इमाम रफी अहमद, हाजी मजहर हमीदी, आलम खान, सहाबे आलम, डॉ. आसिफ मसूद, जफर अहमद, उम्मी भाई, हाजी इबादुर्रहमान, फरहत अली सिददीकी, अबरार, रऊफ सिद्दीकी, फहाद फरीद, फर्रुख फरीद, फरीद अहमद, आबाद अहमद, सलमान अहमद, याकूब सिद्दीकी, सालिम फरशोरी, शाह मोहम्मद, खुर्रम, खुर्शीद, शारिक हुसैन, साबिर मलिक आदि लोग उपस्थित रहे।
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