{"_id":"593817c64f1c1b841c9c9667","slug":"the-first-rain-has-made-many-areas-a-pond","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बारिश ने ही कई इलाकों को तालाब बना दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बारिश ने ही कई इलाकों को तालाब बना दिया
बदायूं।
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नालों की सफाई न होने से कई इलाके हुए जलमग्न, नपा ने चुप्पी साधी
मंगलवार-बुधवार की रात हुई पहला सफाई के नगर पालिका के अभियान का सच सामने ला दिया।ली बारिश ने शहर में ना नालों और नालियों के चोक होने से शहर के कई मोहल्लों की गलियां तालाब बन गईं। इनसे लोगों का निकला मुश्किल हो गया। कई इलाकों में बुधवार शाम तक जलभराव की स्थिति बनी रही। नाले-नालियों से पानी का बहाव न होने से लोग बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की भयावह स्थिति का अनुमान लगा रहे हैं।
बारिश से शहर में सिविल लाइंस, आवास विकास, कृष्णापुरी, मधुवन कॉलोनी, स्टेशन रोड, नेकपुर, प्राइवेट बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड, जोगीपुरा से लेकर कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। आवास विकास शिव देवी विद्यामंदिर, बीएसए कार्यालय के पास और बदायूं क्लब के पास नाले चोक होने से रोड और परिसर तालाब जैसे नजर आने लगे, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से शाम तक भी पानी निकासी के लिए नालों की सफाई का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। वहीं, नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि नाला सफाई आठ दस दिन से कराई जा रही है, लेकिन यह सफाई कहां हो रही है, इस बारे किसी को पता नही है, इससे जाहिर होता है कि शहर में बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से पूरे शहर को इस बार भी बुरी तरह से जूझना पड़ेगा। कृष्णापुरी के डॉ. सुधीर ने बताया कि यहां गली में लगभग एक साल से सफाई नही हुई है। बुधवार को बारिश में कूड़ा रोड पर फैल गया और गंदगी बजबजाने लगी, लोगों का निकलना दूभर हो गया। बदायूं क्लब के सचिव अक्षत अशेष ने बताया कि क्लब के पास नाला चोक है, पालिका के ईओ को पत्र लिख कर कई बार अवगत कराया जा चुका है। बुधवार को बारिश के पानी में नाला चोक होने की वजह से क्लब में भर गया, इससे पूरे परिसर में गंदगी फैल गई। इसके बाद भी शाम तक वहां की सफाई न हो सकी। पालिका के अधिशासी अधिकारी डालचंद्र भारती ने बताया कि राज्य वित्त आयोग से एक करोड़ 47 लाख रुपये की ग्रांट जारी होती है, इसी से ही नगर पालिका के समस्त विकास कार्य, वेतन, पेंशन और सफाई अभियान पर खर्च किया जाता है। पिछले साल नाले की सफाई में 12-13 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है, ईओ का कहना है कि इस बार नालों की सफाई दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों से कराई जा रही है।
विज्ञापन
मंगलवार-बुधवार की रात हुई पहला सफाई के नगर पालिका के अभियान का सच सामने ला दिया।ली बारिश ने शहर में ना नालों और नालियों के चोक होने से शहर के कई मोहल्लों की गलियां तालाब बन गईं। इनसे लोगों का निकला मुश्किल हो गया। कई इलाकों में बुधवार शाम तक जलभराव की स्थिति बनी रही। नाले-नालियों से पानी का बहाव न होने से लोग बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की भयावह स्थिति का अनुमान लगा रहे हैं।
बारिश से शहर में सिविल लाइंस, आवास विकास, कृष्णापुरी, मधुवन कॉलोनी, स्टेशन रोड, नेकपुर, प्राइवेट बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड, जोगीपुरा से लेकर कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। आवास विकास शिव देवी विद्यामंदिर, बीएसए कार्यालय के पास और बदायूं क्लब के पास नाले चोक होने से रोड और परिसर तालाब जैसे नजर आने लगे, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से शाम तक भी पानी निकासी के लिए नालों की सफाई का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। वहीं, नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि नाला सफाई आठ दस दिन से कराई जा रही है, लेकिन यह सफाई कहां हो रही है, इस बारे किसी को पता नही है, इससे जाहिर होता है कि शहर में बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से पूरे शहर को इस बार भी बुरी तरह से जूझना पड़ेगा। कृष्णापुरी के डॉ. सुधीर ने बताया कि यहां गली में लगभग एक साल से सफाई नही हुई है। बुधवार को बारिश में कूड़ा रोड पर फैल गया और गंदगी बजबजाने लगी, लोगों का निकलना दूभर हो गया। बदायूं क्लब के सचिव अक्षत अशेष ने बताया कि क्लब के पास नाला चोक है, पालिका के ईओ को पत्र लिख कर कई बार अवगत कराया जा चुका है। बुधवार को बारिश के पानी में नाला चोक होने की वजह से क्लब में भर गया, इससे पूरे परिसर में गंदगी फैल गई। इसके बाद भी शाम तक वहां की सफाई न हो सकी। पालिका के अधिशासी अधिकारी डालचंद्र भारती ने बताया कि राज्य वित्त आयोग से एक करोड़ 47 लाख रुपये की ग्रांट जारी होती है, इसी से ही नगर पालिका के समस्त विकास कार्य, वेतन, पेंशन और सफाई अभियान पर खर्च किया जाता है। पिछले साल नाले की सफाई में 12-13 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है, ईओ का कहना है कि इस बार नालों की सफाई दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों से कराई जा रही है।
विज्ञापन