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Budaun News: भोलेशंकर को रिझाने की हसरत रह गई अधूरी, गांव में चीत्कार
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बिसौली के गांव हुसैनपुर में रोते-बिलखते मृतक धमेंद्र के परिजन। संवाद
बदायूं। महाशिवरात्रि पर भोलेशंकर का जलाभिषेक करने के लिए जल भरने घर से निकले तीन दोस्त काल के ग्रास बन गए। तीनों की मौत की खबर मिलते ही बिसौली क्षेत्र का गांव हुसैनपुर गम में डूब गया। गांव में हर कोई गमजदा हो गया। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार दोपहर गांव में तीनों युवकों के शव पहुंचे। परिजन शवों से लिपटकर रोने बिलखने लगे। हर ओर चीख पुकार मच गई। लोग रो बिलख रहे परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।
हुसैनपुर गांव निवासी जितिन, गौरव और धर्मेंद्र हमउम्र होने के साथ गहरे दोस्त थे। सभी मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे। मंगलवार शाम तीनों दोस्तों ने अपने चौथे दोस्त धर्मवीर से महाशिवरात्रि के चलते कछला से जल भरकर लाने की इच्छा जताई। चारों दोस्त एक साथ जाने को राजी हो गए। दूसरी बाइक न होने की वजह से चारों एक ही बाइक से कछला के लिए रवाना हुए। रास्ते में वह हादसे का शिकार हो गए।
जितिन, गौरव और धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन तीनों की मौत उनके परिवार को ताउम्र गम दे गई। परिजनों ने बताया कि जितिन कश्यप तीन भाई थे। उसकी मौत से मां मीरा का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, धर्मेंद्र पुत्र रामदास चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई पुष्पेंद्र ने मंगलवार को ही एक किसान के आलू खोदने का ठेका लिया था। (संवाद)
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तीन दोस्तों की अर्थियां देख दहल उठे लोग
बदायूं। गांव हुसैनपुर के तीनों युवकों की आपस में गहरी दोस्ती और एक दूसरे के पड़ोसी भी थे। बुधवार को तीनों के शव घर पहुंचे तो आसपड़ोस ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में मातम छा गया। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, एक-दूसरे के पड़ोसी तीनों दोस्तों की अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। गमजदा माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। संवाद
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हुसैनपुर गांव निवासी जितिन, गौरव और धर्मेंद्र हमउम्र होने के साथ गहरे दोस्त थे। सभी मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे। मंगलवार शाम तीनों दोस्तों ने अपने चौथे दोस्त धर्मवीर से महाशिवरात्रि के चलते कछला से जल भरकर लाने की इच्छा जताई। चारों दोस्त एक साथ जाने को राजी हो गए। दूसरी बाइक न होने की वजह से चारों एक ही बाइक से कछला के लिए रवाना हुए। रास्ते में वह हादसे का शिकार हो गए।
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जितिन, गौरव और धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन तीनों की मौत उनके परिवार को ताउम्र गम दे गई। परिजनों ने बताया कि जितिन कश्यप तीन भाई थे। उसकी मौत से मां मीरा का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, धर्मेंद्र पुत्र रामदास चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई पुष्पेंद्र ने मंगलवार को ही एक किसान के आलू खोदने का ठेका लिया था। (संवाद)
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तीन दोस्तों की अर्थियां देख दहल उठे लोग
बदायूं। गांव हुसैनपुर के तीनों युवकों की आपस में गहरी दोस्ती और एक दूसरे के पड़ोसी भी थे। बुधवार को तीनों के शव घर पहुंचे तो आसपड़ोस ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में मातम छा गया। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, एक-दूसरे के पड़ोसी तीनों दोस्तों की अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। गमजदा माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। संवाद

बिसौली के गांव हुसैनपुर में रोते-बिलखते मृतक धमेंद्र के परिजन। संवाद

बिसौली के गांव हुसैनपुर में रोते-बिलखते मृतक धमेंद्र के परिजन। संवाद