{"_id":"697f9bb670fb1dcf0d0469d7","slug":"the-court-has-issued-a-notice-to-the-executive-engineer-of-ujhani-badaun-news-c-123-1-sbly1018-156279-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: उझानी के अधिशासी अभियंता को कोर्ट ने जारी किया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: उझानी के अधिशासी अभियंता को कोर्ट ने जारी किया नोटिस
विज्ञापन
बदायूं। विद्युत वितरण खंड उझानी के अधिशासी अभियंता को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव दुर्गपुर के रहने वाले विशनपाल ने 14 जनवरी को स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया है। इस मामले में अदालत ने 12 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाद का निस्तारण किया जाएगा।
विशनपाल ने बताया कि उसने मित्र वेदपाल के साथ आइसक्रीम का प्लांट चलाने के लिए पांच किलोवॉट के विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के सात दिन में अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट विभाग को देनी थी, लेकिन जांच के लिए टीम 15 दिन के बाद आई। जांच के बाद टीम लौट गई।
इसके बाद उसने आइसक्रीम की मशीन खरीदने के लिए मेरठ के गोविंद ट्रेडर्स से सामान खरीदा। वह सामान खरीदने गया था कि टीम ने गांव में पहुंचकर फिर से मशीन लगने की जांच कर दी। उस समय तक वह मशीन खरीदकर घर नहीं लौटा था। जब लौटा तो जांच अधिकारी ने उससे कहा कि अगर कनेक्शन लेना है ताे जांच रिपोर्ट 20 हजार रुपये देने के बाद ही लगेगी।
विज्ञापन
23 जून 2025 को एक नोटिस मिला, जिसमें बिल भुगतान 2,08338 रुपये का था। इसके बाद उसने निगम के अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने विद्युत वितरण खंड उझानी के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर 12 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में तलब किया है।
विज्ञापन
विशनपाल ने बताया कि उसने मित्र वेदपाल के साथ आइसक्रीम का प्लांट चलाने के लिए पांच किलोवॉट के विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के सात दिन में अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट विभाग को देनी थी, लेकिन जांच के लिए टीम 15 दिन के बाद आई। जांच के बाद टीम लौट गई।
विज्ञापन
इसके बाद उसने आइसक्रीम की मशीन खरीदने के लिए मेरठ के गोविंद ट्रेडर्स से सामान खरीदा। वह सामान खरीदने गया था कि टीम ने गांव में पहुंचकर फिर से मशीन लगने की जांच कर दी। उस समय तक वह मशीन खरीदकर घर नहीं लौटा था। जब लौटा तो जांच अधिकारी ने उससे कहा कि अगर कनेक्शन लेना है ताे जांच रिपोर्ट 20 हजार रुपये देने के बाद ही लगेगी।
विज्ञापन
23 जून 2025 को एक नोटिस मिला, जिसमें बिल भुगतान 2,08338 रुपये का था। इसके बाद उसने निगम के अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। अदालत ने विद्युत वितरण खंड उझानी के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर 12 फरवरी को अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में तलब किया है।