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Budaun News: सीओ ने तीन बार कराई थी थानाध्यक्ष और विवेचक की प्रारंभिक जांच

Tue, 17 Mar 2026 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:31 AM IST
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The Circle Officer had ordered a preliminary inquiry into the Station House Officer and the Investigating Officer on three occasions.
बदायूं। उझानी सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने एक बार नहीं, बल्कि तीन बार एसओ मूसाझाग व एचपीसीएल प्लांट के दोनों अफसरों द्वारा दर्ज कराए गए केस में विवेचक की प्रारंभिक जांच कराई। इसके बाद सीओ दातागंज के स्तर से भी मामले की जांच कर रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई, लेकिन एसओ व विवेचक पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में बीती 12 मार्च को दो अधिकारियों की हत्या के बाद एसएसपी को हटा दिया गया। साथ ही शासन ने सीओ उझानी को भी जिले से हटाकर प्रदेश मुख्यालय से अटैच कर दिया है। पर हकीकत यह है कि सीओ उझानी रहे डॉ. देवेंद्र कुमार ने बीती 10 फरवरी को मूसाझाग थानाध्यक्ष अजय कुमार व विवेचक धर्मेंद्र कुमार और इस वारदात में आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई न करने को लेकर प्रारंभिक जांच की।
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इसके बाद एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने यह जांच सीओ दातागंज केके तिवारी से कराई। इस जांच में भी थाना प्रभारी समेत विवेचक दोषी पाया गया। सीओ दातागंज ने यह रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय भेज दी थी। आरोप है कि एसएसपी ऑफिस के कर्मचारी ने जांच को दबा लिया और रिपोर्ट एसएसपी के सामने नहीं रखी।
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छह मार्च काे सीओ ने दी थी चेतावनी....आरोपी
पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हो सकती बड़ी घटना
बदायूं। बीती छह मार्च को सीओ उझानी रहे डॉ. देवेंद्र कुमार ने एसओ अजय कुमार को लिखित चेतावनी देकर कहा था कि आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई न करना बेहद गलत है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य संकलन कर जार्चशीट कोर्ट में दाखिल कर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो मामला बड़ा रूप भी ले सकता है। उधर, एचपीसीएल के दोनों अधिकारी लगातार अपनी जान को खतरा बताकर शिकायत कर रहे थे। बावजूद इसके आरोपी अजय के खिलाफ थानेदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि एचपीसीएल के दोनों अधिकारियों की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई।

आरोपी के खिलाफ कोर्ट में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
- हत्याकांड के बाद विवेचक ने काटा था पहला पर्चा
बदायूं। एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद पुलिस सक्रिय हुई है। अब मामले की विवेचना मूसाझाग थाने के नए इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर कर रहे हैं। उन्होंने साक्ष्य संकलन करने का काम तेजी से शुरू किया है। अब तक उन्होंने इतने साक्ष्य जुटा लिए हैं कि जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में जल्द दाखिल कर दी जाएगी।

बता दें कि इन अफसरों ने वारदात के पहले आरोपी अजय प्रताप सिंह पर जो केस दर्ज कराया था उसके विवेचक रहे धर्मेंद्र कुमार ने खुद की गर्दन बचाते हुए 12 मार्च को दोनों अफसरों की हत्या होने के बाद मामले से संबंधित विवेचना का पहला पर्चा काटा। इसके बाद एसएसपी ने उनको निलंबित कर दिया। संवाद
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