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सरल पेपर देख हुए खुश हुए परीक्षार्थी, परीक्षा रद्द का पता लगा तो लटके चेहरे
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गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में पेपर देने के लिए पहुंचे परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र चेक करती
- फोटो : BADAUN
बदायूं। रविवार को जिले भर से करीब 16 हजार अभ्यर्थी टीईटी की परीक्षा देने शहर के बीस केंद्रों पर आए थे। परीक्षा केंद्र के अंदर बैठाने के बाद उन्हें ओएमआर शीट व पेपर भी दे दिया गया। पेपर देखकर परीक्षार्थी बेहद खुश नजर आए थे। करीब 20 मिनट में जब कई परीक्षार्थी आधा पेपर कर चुके थे तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा निरस्त हो गई है। उनसे पेपर व आंसर शीट ले ली गई। कक्ष में कई परीक्षार्थियों की आंखों में आंसू निकल आए, हालांकि बाहर आते-आते आंसू पोंछ लिए।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए उद्देश्य से काफी दिनों से शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैयारियां कर रहे थे। बावजूद पेपर शुरू होने के कुछ मिनट बाद में ही अधिकारियों के पास पेपर लीक होने की सूचनाएं पहुंच गईं। शासन स्तर से ही इस पेपर को रद्द कर दिया। ऐसे में करीब आधा घंटे में ही पेपर रद्द होने की सूचना सभी कॉलेजों में पहुंच गई। इसके बाद में कॉलेज प्रशासन ने अन्य जिलों से संपर्क साधा पर वहां भी परीक्षाएं रद्द होने की जानकारी मिली। 20 से 25 मिनट के अंदर सभी से पेपर और उत्तर पुस्तिका ले ली गईं और बताया कि पेपर रद्द हो गया है। इस पर परीक्षार्थी काफी निराश और उदास दिखे।
दूरदराज गांवों से आए परीक्षार्थियों को हुई ज्यादा परेशानी
शासन की ओर से शहर के कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जिन युवाओं ने इसका फॉर्म भरा था। वह परीक्षा देने के लिए शहर में आए थे। परीक्षा रद्द हो जाने के बाद में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि वह जिन लोगों के साथ में आए थे, वो लोग उन्हें परीक्षा सेंटर पर समय से छोड़कर चले गए और शाम को पेपर खत्म होने बाद आने की बात कह गए। कई अभ्यर्थियों के मोबाइल भी उन्हीं के परिवारीजनों के पास थे। ऐसे में उन्हें परीक्षा केंद्र से निकलकर परिवार से संपर्क साधना मुश्किल हो गया। परीक्षा रद्द होने की वजह से इन लोगों को बसों, डग्गामार वाहनों को सहारा लेकर वापस लौटना पड़ा।
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पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द होने की सूचना शासन से मिली। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों को बताया गया। साथ ही निर्देशित किया कि परीक्षा रद्द होने के बाद में परीक्षार्थी हंगामा न करें, इसका भी ध्यान रखा जाए। सभी को शांति पूर्वक सेंटर से बाहर भेज दिया गया। शासन स्तर से ही नई तारीख तय कर परीक्षा कराई जाएगी। - दीपा रंजन, डीएम
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए उद्देश्य से काफी दिनों से शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैयारियां कर रहे थे। बावजूद पेपर शुरू होने के कुछ मिनट बाद में ही अधिकारियों के पास पेपर लीक होने की सूचनाएं पहुंच गईं। शासन स्तर से ही इस पेपर को रद्द कर दिया। ऐसे में करीब आधा घंटे में ही पेपर रद्द होने की सूचना सभी कॉलेजों में पहुंच गई। इसके बाद में कॉलेज प्रशासन ने अन्य जिलों से संपर्क साधा पर वहां भी परीक्षाएं रद्द होने की जानकारी मिली। 20 से 25 मिनट के अंदर सभी से पेपर और उत्तर पुस्तिका ले ली गईं और बताया कि पेपर रद्द हो गया है। इस पर परीक्षार्थी काफी निराश और उदास दिखे।
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दूरदराज गांवों से आए परीक्षार्थियों को हुई ज्यादा परेशानी
शासन की ओर से शहर के कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जिन युवाओं ने इसका फॉर्म भरा था। वह परीक्षा देने के लिए शहर में आए थे। परीक्षा रद्द हो जाने के बाद में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि वह जिन लोगों के साथ में आए थे, वो लोग उन्हें परीक्षा सेंटर पर समय से छोड़कर चले गए और शाम को पेपर खत्म होने बाद आने की बात कह गए। कई अभ्यर्थियों के मोबाइल भी उन्हीं के परिवारीजनों के पास थे। ऐसे में उन्हें परीक्षा केंद्र से निकलकर परिवार से संपर्क साधना मुश्किल हो गया। परीक्षा रद्द होने की वजह से इन लोगों को बसों, डग्गामार वाहनों को सहारा लेकर वापस लौटना पड़ा।
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पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द होने की सूचना शासन से मिली। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों को बताया गया। साथ ही निर्देशित किया कि परीक्षा रद्द होने के बाद में परीक्षार्थी हंगामा न करें, इसका भी ध्यान रखा जाए। सभी को शांति पूर्वक सेंटर से बाहर भेज दिया गया। शासन स्तर से ही नई तारीख तय कर परीक्षा कराई जाएगी। - दीपा रंजन, डीएम