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Budaun News: गांव बेहटा माधव में कमरे में फंदे से लटका मिला अधिवक्ता का शव

Sun, 09 Nov 2025 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 01:00 AM IST
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The body of an advocate was found hanging in a room in Behta Madhav village.
मृतक दुर्विजय सिंह के परिजन जानकारी देते हुए। संवाद
दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव बेहटा माधव निवासी अधिवक्ता दुर्विजय सिंह (40) पुत्र चेतराम का शव शनिवार की सुबह घर के ही कमरे में लटका मिला है। शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव जिला मुख्यालय भेजा है। परिजनों ने बताया कि दूसरी पत्नी की बेवफाई से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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परिवार के लोगों ने बताया कि दुर्विजय सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। उनकी शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। पत्नी उनको छोड़कर चली गई। इसके बाद उन्होंने 2023 में दूसरी शादी की। उससे उन पर एक साल का बेटा भी है। दस दिन पहले बच्चे को साथ लेकर पत्नी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई। इसके बाद वह थाना पुलिस से लेकर सभी रिश्तेदारों के पास गए, लेकिन पत्नी ने लौटने से मना कर दिया। तभी से दुर्विजय सदमे में आ गए थे।
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शुक्रवार की शाम खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चले गए। परिवार के अन्य लोग भी सोने चले गए। शनिवार की सुबह दुर्विजय का शव फंदे पर लटका देखा तो परिवार के लोगों के होश उड़ गए। मामले की जानकारी दातागंज पुलिस को दी, जिस पर शव को जिला मुख्यालय भेजा गया। देर शाम को शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
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परिजनाें ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने व रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



चार दिन पहले ही लिखकर रख दिया था सुसाइड नोट

मेरी मौत का कारण मेरी पत्नी रेशमा है। पुलिस को बुलाकर सुसाइड नोट दे देना, जिससे पत्नी रेशमा जेल जा सके। मैं अपने बेटे सार्थक व पत्नी के बिना जिंदा नहीं रह सकता। उसने अपने भाई के लिए लिखा है कि आपका पैर जल्द ही ठीक हो जाएगा। हो सके तो मुझे माफ कर देना। मैं अवसाद में था, इसी वजह से मैंने आत्महत्या की है, लेकिन रेशमा को जेल भेजना है। - अधिवक्ता दुर्विजय सिंह
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