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Budaun News: शेखूपुर चीनी मिल में तकनीकी खराबी दूर, पेराई फिर शुरू
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अब तक डेढ़ लाख क्विंटल गन्ने की हो चुकी है पेराई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शेखूपुर चीनी मिल तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को काफी देर बंद रही, बाद में इस ठीक कर पेराई शुरू की गई। जिसके बाद अब तक डेढ़ लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है।
शहर से सटी ग्राम पंचायत शेखूपुर में दि किसान सहकारी चीनी मिल स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1977-78 में की गई थी। उस दौरान इसकी पेराई क्षमता 1250 टीडीसी थी, जो आज भी है। पुरानी मशीनरी होने की वजह से मिल आए दिन खराब होती रहती है।
शनिवार को भी तकनीकी खराबी आ जाने से काफी देर पेराई नहीं हो सकी। चीनी मिल जीएम किशन लाल ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिए मिल बंद हुई थी। कमी दूर हो जाने से गन्ने की पेराई फिर शुरू हो गई है।
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आधुनिकीकरण के लिए शासन को भेजे कई प्रस्ताव
चीनी मिल प्रशासन के अनुसार 2014 में चीनी मिल को आधुनिक बनाने के लिए 77.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को तत्कालीन डीएम शंभूनाथ ने भेजा था लेकिन धनराशि नहीं मिल सकी। वहीं जिले में मौजूदा गन्ना उत्पादन को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाेतरी 5000 टीडीसी करने का प्रस्ताव फिर भेजा गया है। इसको लेकर डीएम मनोज कुमार ने शासन से पत्राचार भी किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शेखूपुर चीनी मिल तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को काफी देर बंद रही, बाद में इस ठीक कर पेराई शुरू की गई। जिसके बाद अब तक डेढ़ लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है।
शहर से सटी ग्राम पंचायत शेखूपुर में दि किसान सहकारी चीनी मिल स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1977-78 में की गई थी। उस दौरान इसकी पेराई क्षमता 1250 टीडीसी थी, जो आज भी है। पुरानी मशीनरी होने की वजह से मिल आए दिन खराब होती रहती है।
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शनिवार को भी तकनीकी खराबी आ जाने से काफी देर पेराई नहीं हो सकी। चीनी मिल जीएम किशन लाल ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिए मिल बंद हुई थी। कमी दूर हो जाने से गन्ने की पेराई फिर शुरू हो गई है।
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आधुनिकीकरण के लिए शासन को भेजे कई प्रस्ताव
चीनी मिल प्रशासन के अनुसार 2014 में चीनी मिल को आधुनिक बनाने के लिए 77.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को तत्कालीन डीएम शंभूनाथ ने भेजा था लेकिन धनराशि नहीं मिल सकी। वहीं जिले में मौजूदा गन्ना उत्पादन को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाेतरी 5000 टीडीसी करने का प्रस्ताव फिर भेजा गया है। इसको लेकर डीएम मनोज कुमार ने शासन से पत्राचार भी किया है।