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Budaun News: शिक्षकों का प्रदर्शन, कहा-टीईटी को लागू करना अन्याय
Fri, 27 Feb 2026 01:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 27 Feb 2026 01:48 AM IST
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टेट अनिवार्यता के विरोध बीएसए कार्यालय में धरना देते शिक्षक-शिक्षिकाएं। संवाद
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बदायूं। टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले विभिन्न शैक्षिक संगठनों से जुड़े शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों पर टेट की शर्त न थोपी जाए।
टीएफआई के राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा ने कहा कि जिस देश में गुरु को गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः की संज्ञा दी जाती है। वहां अपने समय के निर्धारित मापदंडों, अहर्ताओं को पूरा कर 20 से 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर टेट जैसी अनिवार्यता थोपना उनकी योग्यता पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है। उन्होंने इसे अतार्किक और घोर निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट वर्ष 2011 से लागू हुआ, जिसके तहत केवल 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए ही टेट अनिवार्य किया गया था। विश्व में ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसे उसके बनने से पूर्व की नियुक्तियों पर लागू किया जाए। इसके बावजूद शिक्षकों पर बार-बार ऐसे काले कानून लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
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धरने के बाद महिला शिक्षिकाओं के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए डीएम कार्यालय तक प्रदर्शन किया। वहां पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल को दिया गया। प्रदर्शन में जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, फरहत हुसैन, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर, मंत्री अतुल श्रोत्रिय मौजूद रहे।
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इन लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए
-बीएसए कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आसफपुर के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा, कादरचौक के अध्यक्ष बृजेश यादव, उसावां के अध्यक्ष रामसेवक वर्मा, जगत के अध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा, समरेर के अध्यक्ष संजय यादव, वजीरगंज के मंत्री सलमान खान, बिसौली के अध्यक्ष मधुकर उपाध्याय, सलारपुर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल, इस्लामनगर के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, उझानी के अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, दहगवां के अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अतुल श्रोत्रिय, महामंत्री के अरविंद राठौर, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, यतेंद्र कुमार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन यादव, मंत्री फरहत हुसैन आदि ने अपने विचारों के माध्यम से कड़े शब्दों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का विरोध किया।
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महिला शिक्षक संघ का समर्थन
बदायूं। उप्र महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया ने कहा, वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना न्यायोचित नहीं। ये शिक्षक वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। ज्ञापन देने से पहले पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट से बीएसए कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस मौके पर वीना सिंह, वीरवाला सिंह, अंजुम खान, सरोजिनी, पुष्पांजलि, निशा, नीलम, शशि और प्रमिला समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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टीएफआई के राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा ने कहा कि जिस देश में गुरु को गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः की संज्ञा दी जाती है। वहां अपने समय के निर्धारित मापदंडों, अहर्ताओं को पूरा कर 20 से 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर टेट जैसी अनिवार्यता थोपना उनकी योग्यता पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है। उन्होंने इसे अतार्किक और घोर निंदनीय बताया।
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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट वर्ष 2011 से लागू हुआ, जिसके तहत केवल 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए ही टेट अनिवार्य किया गया था। विश्व में ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसे उसके बनने से पूर्व की नियुक्तियों पर लागू किया जाए। इसके बावजूद शिक्षकों पर बार-बार ऐसे काले कानून लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
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धरने के बाद महिला शिक्षिकाओं के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए डीएम कार्यालय तक प्रदर्शन किया। वहां पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल को दिया गया। प्रदर्शन में जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, फरहत हुसैन, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर, मंत्री अतुल श्रोत्रिय मौजूद रहे।
इन लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए
-बीएसए कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आसफपुर के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा, कादरचौक के अध्यक्ष बृजेश यादव, उसावां के अध्यक्ष रामसेवक वर्मा, जगत के अध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा, समरेर के अध्यक्ष संजय यादव, वजीरगंज के मंत्री सलमान खान, बिसौली के अध्यक्ष मधुकर उपाध्याय, सलारपुर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल, इस्लामनगर के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, उझानी के अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, दहगवां के अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अतुल श्रोत्रिय, महामंत्री के अरविंद राठौर, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, यतेंद्र कुमार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन यादव, मंत्री फरहत हुसैन आदि ने अपने विचारों के माध्यम से कड़े शब्दों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का विरोध किया।
महिला शिक्षक संघ का समर्थन
बदायूं। उप्र महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया ने कहा, वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना न्यायोचित नहीं। ये शिक्षक वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। ज्ञापन देने से पहले पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट से बीएसए कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस मौके पर वीना सिंह, वीरवाला सिंह, अंजुम खान, सरोजिनी, पुष्पांजलि, निशा, नीलम, शशि और प्रमिला समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

टेट अनिवार्यता के विरोध बीएसए कार्यालय में धरना देते शिक्षक-शिक्षिकाएं। संवाद

टेट अनिवार्यता के विरोध बीएसए कार्यालय में धरना देते शिक्षक-शिक्षिकाएं। संवाद