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Budaun News: जिले में गन्ना सर्वेक्षण एक मई से 30 जून तक
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- सर्वे से तीन दिन पहले किसान को मैसेज के माध्यम से कराया जाएगा अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिलेभर में गन्ना सर्वेक्षण एक मई से शुरु हो जाएगा। यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। इसको लेकर जिला गन्ना अधिकारी तैयारियों में जुटे गए हैं। सर्वेक्षण में जीपीएस का प्रयोग करते समय द्वितीय व तृतीय पेड़ी का सत्यापन कंप्यूटरीकृत केन सर्वे रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि सर्वे नीति में पारदर्शिता के लिए किसान को पूर्व सूचना देने पर जोर दिया गया है। सर्वे टीम के खेत पर पहुंचने की तारीख और टीम इंचार्ज के नाम व मोबाइल नंबर की सूचना एसएमएस के माध्यम से तीन दिन पूर्व किसानों को दी जाएगी। संयुक्त टीम बनाकर सर्वेक्षण कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसमें राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, चीनी मिल कार्मिक के साथ संबंधित सर्किल के किसान की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिन परिषदों में गन्ना सर्वेक्षण के लिए अस्थायी सर्किलों के सापेक्ष राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होगी, उनमें उतनी ही संख्या में समिति के कर्मचारी लगाए जा सकेंगे। प्रत्येक सर्किल के लिए एक इंचार्ज भी नियुक्त किया जाएगा।
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किसानों को अपना घोषणा पत्र स्वयं आनलाइन भरना होगा। विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि जिन किसानों का आनलाइन घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं होगा, उनका सट्टा आगामी पेराई सत्र 2025-26 में बंद किया जा सकता है। मानसून गन्ना बोआई, शरदकालीन व बसंतकालीन गन्ना बोआई वाले खेतों, ड्रिप इरिगेशन वाले खेतों और सहफसली खेती भी यदि गन्ने के साथ की गई है तो उसका विवरण दर्ज करना होगा। आदर्श मॉडल प्लाट के तहत प्रत्येक गन्ना विकास परिषद में चयनित उत्तम कृषकों का विवरण दर्ज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिलेभर में गन्ना सर्वेक्षण एक मई से शुरु हो जाएगा। यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। इसको लेकर जिला गन्ना अधिकारी तैयारियों में जुटे गए हैं। सर्वेक्षण में जीपीएस का प्रयोग करते समय द्वितीय व तृतीय पेड़ी का सत्यापन कंप्यूटरीकृत केन सर्वे रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि सर्वे नीति में पारदर्शिता के लिए किसान को पूर्व सूचना देने पर जोर दिया गया है। सर्वे टीम के खेत पर पहुंचने की तारीख और टीम इंचार्ज के नाम व मोबाइल नंबर की सूचना एसएमएस के माध्यम से तीन दिन पूर्व किसानों को दी जाएगी। संयुक्त टीम बनाकर सर्वेक्षण कार्य कराया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इसमें राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक, चीनी मिल कार्मिक के साथ संबंधित सर्किल के किसान की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिन परिषदों में गन्ना सर्वेक्षण के लिए अस्थायी सर्किलों के सापेक्ष राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होगी, उनमें उतनी ही संख्या में समिति के कर्मचारी लगाए जा सकेंगे। प्रत्येक सर्किल के लिए एक इंचार्ज भी नियुक्त किया जाएगा।
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किसानों को अपना घोषणा पत्र स्वयं आनलाइन भरना होगा। विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि जिन किसानों का आनलाइन घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं होगा, उनका सट्टा आगामी पेराई सत्र 2025-26 में बंद किया जा सकता है। मानसून गन्ना बोआई, शरदकालीन व बसंतकालीन गन्ना बोआई वाले खेतों, ड्रिप इरिगेशन वाले खेतों और सहफसली खेती भी यदि गन्ने के साथ की गई है तो उसका विवरण दर्ज करना होगा। आदर्श मॉडल प्लाट के तहत प्रत्येक गन्ना विकास परिषद में चयनित उत्तम कृषकों का विवरण दर्ज किया जाएगा।