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गन्ना क्रय केंद्रों पर तोल न होने पर किसानों का हंगामा
बदायूं ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:22 PM IST
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गन्ना सहकारी समिति सचिव को घेरकर किसानों ने दर्ज कराई शिकायत
गुलड़िया में लगे द्वारिकेश शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर तोल लिपिकों के न होने से वहां पर किसानों ने हंगामा करते हुए मजदूरों को भगा दिया। साथ ही सट्टा प्राप्त करने वाले किसानों को तोल की पर्चियां वितरित किए जाने की मांग की। आक्रोशित किसानों को समझाने आए गन्ना सहकारी समिति के सचिव रामकिशन से नोकझोंक भी हुई।
द्वारिकेश शुगर मिल के तोल लिपिकों क्रय केंद्रों पर न मिलने की वजह से सोमवार को गन्ना तोल नहीं हो सकी। वहां पहुंचे किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दलालों का गन्ना पहले तोला जा रहा है, जबकि किसानों को पर्चियां तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया था, हालांकि बाद में गन्ना सहकारी समिति के सचिव रामकिशन ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
किसानों का दर्द, उन्हीं की जुबानी...
रायपुर गांव के किसान जुगेंदर ने बताया कि गन्ने की ट्रॉली तीन दिन से खड़ी है, जो सोमवार को भी नहीं तोली जा सकी। गन्ना माफिया उतरने ही नहीं देते हैं। बेला गांव के किसान सर्वेश वर्मा ने बताया कि उनकी ट्रॉली की तोल रविवार को पांचवें दिन हो सकी, जबकि गन्ना माफिया ट्रॉला भरकर क्रय केंद्रों पर तोल कराते हैं। वहीं, गांव बेला के किसान भगवंत राम ने बताया कि यहां गन्ना माफिया हावी हैं, जिससे वे लोग औने-पौने दामों में गन्ना बेचने को मजबूर हैं। राणा शुगर मिल का सेंटर बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुलड़िया में लगे द्वारिकेश शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर तोल लिपिकों के न होने से वहां पर किसानों ने हंगामा करते हुए मजदूरों को भगा दिया। साथ ही सट्टा प्राप्त करने वाले किसानों को तोल की पर्चियां वितरित किए जाने की मांग की। आक्रोशित किसानों को समझाने आए गन्ना सहकारी समिति के सचिव रामकिशन से नोकझोंक भी हुई।
द्वारिकेश शुगर मिल के तोल लिपिकों क्रय केंद्रों पर न मिलने की वजह से सोमवार को गन्ना तोल नहीं हो सकी। वहां पहुंचे किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दलालों का गन्ना पहले तोला जा रहा है, जबकि किसानों को पर्चियां तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया था, हालांकि बाद में गन्ना सहकारी समिति के सचिव रामकिशन ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
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किसानों का दर्द, उन्हीं की जुबानी...
रायपुर गांव के किसान जुगेंदर ने बताया कि गन्ने की ट्रॉली तीन दिन से खड़ी है, जो सोमवार को भी नहीं तोली जा सकी। गन्ना माफिया उतरने ही नहीं देते हैं। बेला गांव के किसान सर्वेश वर्मा ने बताया कि उनकी ट्रॉली की तोल रविवार को पांचवें दिन हो सकी, जबकि गन्ना माफिया ट्रॉला भरकर क्रय केंद्रों पर तोल कराते हैं। वहीं, गांव बेला के किसान भगवंत राम ने बताया कि यहां गन्ना माफिया हावी हैं, जिससे वे लोग औने-पौने दामों में गन्ना बेचने को मजबूर हैं। राणा शुगर मिल का सेंटर बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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