{"_id":"58a344d34f1c1b110dd845c2","slug":"students-burn-an-effigy-of-the-valentine-s-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं ने वेलेंटाइन डे का पुतला फूंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं ने वेलेंटाइन डे का पुतला फूंका
अमर उजाला ब्यूरो उझानी।
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
वेलेंटाइन-डे
- फोटो : अमर उजाला
वीपी सिंह स्मारक उमा विद्यालय में मंगलवार को छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की पैरवी करते हुए पाश्चात्य सभ्यता से जुड़े वेलेंटाइन-डे का विरोध किया। छात्राओं ने वेलेंटाइन डे का पुतला फूंका। इस मौके पर उन्होंने चरित्र और आचरण से ऐसा माहौल बनाने पर जो दिया, जो परिवार में परस्पर प्रेम की भावना पैदा करे।
इस मौकेे पर विद्यालय की प्रधानाचार्य गीता यादव ने कहा कि देश में पाश्चात्य सभ्यता ने समाज में बुराइयां पैदा की हैं। ऋषियों के तप और त्याग से जो मार्ग मिला है, उसी रास्ते पर चलकर छात्राओं को भी भारतीय परंपराओं का निर्वहन करना चाहिए। निदेशक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि चरित्र और आचरण से समाज को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। शिक्षिकाओं ने मातृशक्ति को सजग रहने की सलाह दी। छात्राओं ने पाश्चात्य सभ्यता के प्रतीक वेलेंटाइन-डे के प्रति गुस्से का इजहार करते हुए कभी न मनाने की बात कही, साथ ही भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस मौके पर हंसा मिश्रा, तबस्सुम बी, रोशनी बी, पूनम यादव, कंचन, बेबी, नीलम, मधु वैश्य, वंशिका शर्मा, वर्णिता और अनम गाजी आदि मौजूद थीं।
विज्ञापन
इस मौकेे पर विद्यालय की प्रधानाचार्य गीता यादव ने कहा कि देश में पाश्चात्य सभ्यता ने समाज में बुराइयां पैदा की हैं। ऋषियों के तप और त्याग से जो मार्ग मिला है, उसी रास्ते पर चलकर छात्राओं को भी भारतीय परंपराओं का निर्वहन करना चाहिए। निदेशक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि चरित्र और आचरण से समाज को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। शिक्षिकाओं ने मातृशक्ति को सजग रहने की सलाह दी। छात्राओं ने पाश्चात्य सभ्यता के प्रतीक वेलेंटाइन-डे के प्रति गुस्से का इजहार करते हुए कभी न मनाने की बात कही, साथ ही भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस मौके पर हंसा मिश्रा, तबस्सुम बी, रोशनी बी, पूनम यादव, कंचन, बेबी, नीलम, मधु वैश्य, वंशिका शर्मा, वर्णिता और अनम गाजी आदि मौजूद थीं।
विज्ञापन