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जीएसटी लागू होते ही दवा की सप्लाई रोकी

Sun, 02 Jul 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Sun, 02 Jul 2017 12:25 AM IST
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Stop supply of GST once applied
gst - फोटो : amar ujala
जीएसटी लागू होने से पहले जहां व्यापारी असमंजस में थे, वहीं शनिवार एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद कुछ दवा कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिला है। कुछ ने पुराने स्टॉक में बची दवाईयों की सप्लाई को रोक दिया है। नए सिरे से दवा बिक्री के लिए कंपनी से भेजी गई कोड लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है। हालांकि फुटकर विक्रेता अभी भी दवाई बेच रहे हैं।      
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कई व्यापारियों ने जीएसटी की पूर्ण जानकारी न होने का हवाला देते हुए कहा कि वह पुराने रेट में ही माल की सप्लाई कर रहे है। उनका कहना है कि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों को कोई प्रारुप फार्म प्राप्त नहीं हो सका है। ऐसे में,  स्टॉक में रखे पुराने सामान को बेचना जरूरी है। कपड़ा व्यपारियों का कहना था कि जीएसटी को जल्दबाजी में सरकार ने लागू तो कर दिया लेकिन इसकी पूर्णता जानकारी न होने की वजह से दुकानों पर पुराने रेट में ही माल बेचा जा रहा है। अभी टैक्स नहीं लगाया जा रहा है।      
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-वी-मार्ट मॉल में दिया जीएसटी का बिल            
जीएसटी लागू होने के बाद शहर के वी-मार्ट में कपड़ों की खरीदारी करने गए दंपति जितेंद्र और सुषमा के पास जीएसटी का बिल देखने को मिला है। वी-मार्ट के मैनेजर विवेक शर्मा ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद बिल अपडेट हो गए हैं। बिलों में पहले की तरह वैट और सर्विस टैक्स नहीं है बल्कि इसमें दो तरह के जीएसटी लगाए गए हैं, जिसमें एस जीएसटी और सी जीएसटी के रूप में लगा टैक्स देखा जा सकता है। इस बिल में जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी दर्ज है।      
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-दवा कारोबारी की बात       
दवा कारोबारी उपेन्द्र नाथ रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने पुराने स्टॉक में बची सभी दवाईयों की सप्लाई रोक दी है। नया माल मिल नहीं रहा है। कंपनी से भेजे गई कोड लिस्ट के हिसाब से दवाई का डाटा फीड किया जा रहा है। जीएसटी की पूरी तरह से जानकारी नहीं होने के चलते काम प्रभावित है। सीए भी इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे है। पुराना माल किस हिसाब से बेंचे पूरी डिटेल नहीं मिल सकी है।             
  
कपड़ा व्यापारी बोले-       
-पंजाबी मार्केट स्थित देवेंद्र ने बताया कि सरकार जीएसटी लागू कर कपड़ा व्यापारी पर जुल्म कर रही है। कपड़ा व्यापारी ने कभी टैक्स नहीं दिया है और न ही देगी। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कोई प्रोफार्मा फॉर्म नहीं दिया गया है। रोजाना की तरह दुकान पर सेल की जा रही है। किसी भी ग्राहक से जीएसटी टैक्स नहीं वसूला गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जीएसटी के विरोध में एक बार फिर आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।       

-कपड़ा व्यापारी वीरेंद्र धींगड़ा ने बताया कि अधूरी तैयारी के बीच जीएसटी लागू हुआ है इसलिए इसे समझने में समय लगेगा। छोट-बड़े व्यापारियों को जीएसटी के बारे में जानकारी नहीं है। सीए से भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सरकार की जीएसटी योजना पूरे देश में एक टैक्स ठीक है, लेकिन जीएसटी की खामियां दूर नहीं हो पाना गलत है, इसलिए जीएसटी में किस चीज पर कितना टैक्स लगेगा, इसको लेकर असमंजस के बीच लोग परेशान है।             


सर्राफ व्यापारी बोले      
-सर्राफ व्यापारी आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जीएसटी लागू कर दिया गया है लेकिन अभी तक रजिस्ट्रेशन कराने का फार्म नहीं मिला है। कैश मेमो को अपडेट किया जा रहा है। कुछ दिनों बाद स्थिति ठीक हो जाएगी। आने वाले कुछ ही दिनों में बगैर टैक्स दिए किसी भी चीज की खरीददारी नहीं हो सकेगी। सभी टैक्स खत्म कर जीएसटी लागू किया गया है कि यह  सरकार का अच्छा कदम है, इससे व्यापारियों की मनमानी पर रोक लगेगी।
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