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Budaun News: 12 हजार रुपये की रिश्वत लेता एसएसआई गिरफ्तार
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सहसवान कोतवाली से गिरफ्तार एसएसआई कमलेश कुमार सिंह। संवाद
बदायूं। बरेली से आई एंटी करप्शन टीम ने सहसवान कोतवाली में तैनात एसएसआई कमलेश कुमार को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सोमवार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि एसएसआई ने एक मुकदमे में आरोपियों के नाम न निकालने को लेकर वादी से 12 हजार रुपये लिए थे। एंटी करप्शन टीम ने उसके खिलाफ उझानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्हैदादपुर धोबई निवासी दिनेश मिश्रा ने अपने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना एसएसआई कमलेश कुमार को दी गई थी। दिनेश मिश्रा के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि मुकदमे के आरोपी एसएसआई से साठगांठ करके मुकदमे से नाम निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं।
जब उन्होंने एसएसआई से जानकारी की तो उसने किसी का भी नाम न निकालने की एवज में दिनेश से 20 हजार रुपये मांगे। एसएसआई ने यह भी कहा कि अगर वह उन्हें रुपये नहीं देगा तो वह आरोपियों के नाम विवेचना से निकाल देंगे। इससे दिनेश परेशान हो गया।
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एसएसआई से 12 हजार रुपये में मामला तय हो गया। सोमवार की सुबह रुपये देने का करार भी हो गया। दिनेश ने शनिवार को इसकी शिकायत बरेली जाकर एंटी करप्शन टीम से की। उसके बताए समय के अनुसार सोमवार को टीम सहसवान कोतवाली पहुंच गई। उधर, दिनेश भी कोतवाली पहुंच गया।
जैसे ही दिनेश ने एसएसआई को रुपये दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने उसे 12 हजार रुपयों के साथ कोतवाली में बड़ के पेड़ के नीचे से रंगेहाथ दबोच लिया। एसएसआई को गिरफ्तार करके उझानी कोतवाली लाया गया, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूछताछ में टीम जुटी है। आज उसे जेल भेजा जाएगा।
दो माह पहले कादरचौक से सहसवान हुआ था तबादला
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह कादरचौक में करीब एक साल से तैनात था। करीब दो माह पहले ही उनका तबादला एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने सहसवान कोतवाली में किया था। यहां वह क्षेत्र के लोगों से अभी पूरी तरह से परिचित भी नहीं हो पाया था कि मुकदमे से नाम न निकालने के नाम पर रिश्वत मांग बैठा।
खुलेआम लिए रुपये, टीम को भी नहीं पहचान सका दरोगा
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह को यह भरोसा ही नहीं था कि उसको एंटी करप्शन की टीम दबोच भी सकती है। क्योंकि मामला कोई इतना बड़ा नहीं था। मारपीट के मामले में दिनेश मिश्रा ने गांव के ही रामकुमार, वेदप्रकाश व हरिबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा दो लोगों के नाम मुकदमा से हटाने की फिराक में था। नाम न हटाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
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सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्हैदादपुर धोबई निवासी दिनेश मिश्रा ने अपने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना एसएसआई कमलेश कुमार को दी गई थी। दिनेश मिश्रा के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि मुकदमे के आरोपी एसएसआई से साठगांठ करके मुकदमे से नाम निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं।
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जब उन्होंने एसएसआई से जानकारी की तो उसने किसी का भी नाम न निकालने की एवज में दिनेश से 20 हजार रुपये मांगे। एसएसआई ने यह भी कहा कि अगर वह उन्हें रुपये नहीं देगा तो वह आरोपियों के नाम विवेचना से निकाल देंगे। इससे दिनेश परेशान हो गया।
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एसएसआई से 12 हजार रुपये में मामला तय हो गया। सोमवार की सुबह रुपये देने का करार भी हो गया। दिनेश ने शनिवार को इसकी शिकायत बरेली जाकर एंटी करप्शन टीम से की। उसके बताए समय के अनुसार सोमवार को टीम सहसवान कोतवाली पहुंच गई। उधर, दिनेश भी कोतवाली पहुंच गया।
जैसे ही दिनेश ने एसएसआई को रुपये दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने उसे 12 हजार रुपयों के साथ कोतवाली में बड़ के पेड़ के नीचे से रंगेहाथ दबोच लिया। एसएसआई को गिरफ्तार करके उझानी कोतवाली लाया गया, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूछताछ में टीम जुटी है। आज उसे जेल भेजा जाएगा।
दो माह पहले कादरचौक से सहसवान हुआ था तबादला
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह कादरचौक में करीब एक साल से तैनात था। करीब दो माह पहले ही उनका तबादला एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने सहसवान कोतवाली में किया था। यहां वह क्षेत्र के लोगों से अभी पूरी तरह से परिचित भी नहीं हो पाया था कि मुकदमे से नाम न निकालने के नाम पर रिश्वत मांग बैठा।
खुलेआम लिए रुपये, टीम को भी नहीं पहचान सका दरोगा
एसएसआई कमलेश कुमार सिंह को यह भरोसा ही नहीं था कि उसको एंटी करप्शन की टीम दबोच भी सकती है। क्योंकि मामला कोई इतना बड़ा नहीं था। मारपीट के मामले में दिनेश मिश्रा ने गांव के ही रामकुमार, वेदप्रकाश व हरिबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा दो लोगों के नाम मुकदमा से हटाने की फिराक में था। नाम न हटाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।