{"_id":"6891136e45ca4cf02307f443","slug":"soil-was-taken-out-from-the-field-for-the-brick-kiln-the-pit-was-eight-feet-deep-badaun-news-c-123-1-sbly1006-144503-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: ईंट भट्ठे के लिए खेत से निकाली थी मिट्टी, आठ फिट गहरा था गड्ढा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: ईंट भट्ठे के लिए खेत से निकाली थी मिट्टी, आठ फिट गहरा था गड्ढा
विज्ञापन
वैन गांव के इसी खेत में भरे पानी में नहा रहे थे मासूम। संवाद
- फोटो : स्वयं
बिल्सी। वैन गांव में ईंट भट्ठे के लिए किसनपाल के खेत से मिट्टी निकाली गई थी। इससे खेत में आठ फिट गहरा गड्ढा हो गया और अब उसमें बारिश का पानी भर गया। इसी गड्ढे के पानी में डूबने से सगे भाइयों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गांव में मातम छाया है। ऐसे ही खेतों में कई और गड्ढे किए गए हैं।
वैन गांव में ईंट भट्ठा है। भट्ठा मालिक ने कई किसानों के खेत की मिट्टी खरीदी है। उसने कई खेतों में ऐसे ही मिट्टी निकालकर छोड़ दिया। बारिश में यह गड्ढे मौत का कुआं बन गए हैं। इस खनन पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। सोमवार की सुबह 11 बजे जैसे ही बारिश रुकी तो सुहावने मौसम को देखते हुए गांव के कई बच्चे नहाने के लिए खेतों की ओर निकल गए। भुवनेश और नवनीत ने एक साथ नहाने के लिए उतरे थे। धीरे-धीरे वह गहरे पानी में चले गए और फिर कुछ सेकंड में ही दोनों आंखों से ओझल हो गए। जबकि अमर की पानी में डूबने से हालत बिगड़ गई।
--
बिखर गया परिवार, मां हुई बेसुध
नवनीत गांव के जूनियर हाईस्कूल की कक्षा सात में और भुवनेश कक्षा चार में पढ़ाई कर रहा था। दोनों सगे भाई थे। इनके दो बहने भी है। दोनों भाइयों की मौत से परिवार पूरी तरह से बिखर गया है। मां बार-बार लला लला कर दिनभर रोती रही। इस दौरान वह बेसुध भी हुई तो परिवार के लोगों ने पानी की छींटे मारकर उठाया।
विज्ञापन
दैवीय आपदा के तहत मिलेगी आर्थिक मदद
एसडीएम रिपुदमन सिंह ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि उक्त घटना दैवीय आपदा के तहत आती है। इसलिए दोनों बच्चे के माता-पिता के लिए चार-चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए तहसील प्रशासन ने जांच शुरु कर दी है।
-
कई बच्चों की गड्ढे में डूबने से हो चुकी है मौत
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में मिट्टी की खोदाई पिछले साल करनपुर क्षेत्र के गांव एपरा में की गई थी। वहां पर पानी भरने से फुरकान और आमीन की डूबने से मौत हो गई थी। बिसौली क्षेत्र के कथौली में 20 अप्रैल को एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में बाॅबी और सलमान की मौत हो गई थी। इसी तरह कई अन्य बच्चों की भी मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने गड्ढा खोदकर छोड़ने वालों पर कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
वैन गांव में ईंट भट्ठा है। भट्ठा मालिक ने कई किसानों के खेत की मिट्टी खरीदी है। उसने कई खेतों में ऐसे ही मिट्टी निकालकर छोड़ दिया। बारिश में यह गड्ढे मौत का कुआं बन गए हैं। इस खनन पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। सोमवार की सुबह 11 बजे जैसे ही बारिश रुकी तो सुहावने मौसम को देखते हुए गांव के कई बच्चे नहाने के लिए खेतों की ओर निकल गए। भुवनेश और नवनीत ने एक साथ नहाने के लिए उतरे थे। धीरे-धीरे वह गहरे पानी में चले गए और फिर कुछ सेकंड में ही दोनों आंखों से ओझल हो गए। जबकि अमर की पानी में डूबने से हालत बिगड़ गई।
विज्ञापन
बिखर गया परिवार, मां हुई बेसुध
नवनीत गांव के जूनियर हाईस्कूल की कक्षा सात में और भुवनेश कक्षा चार में पढ़ाई कर रहा था। दोनों सगे भाई थे। इनके दो बहने भी है। दोनों भाइयों की मौत से परिवार पूरी तरह से बिखर गया है। मां बार-बार लला लला कर दिनभर रोती रही। इस दौरान वह बेसुध भी हुई तो परिवार के लोगों ने पानी की छींटे मारकर उठाया।
विज्ञापन
दैवीय आपदा के तहत मिलेगी आर्थिक मदद
एसडीएम रिपुदमन सिंह ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि उक्त घटना दैवीय आपदा के तहत आती है। इसलिए दोनों बच्चे के माता-पिता के लिए चार-चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए तहसील प्रशासन ने जांच शुरु कर दी है।
-
कई बच्चों की गड्ढे में डूबने से हो चुकी है मौत
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में मिट्टी की खोदाई पिछले साल करनपुर क्षेत्र के गांव एपरा में की गई थी। वहां पर पानी भरने से फुरकान और आमीन की डूबने से मौत हो गई थी। बिसौली क्षेत्र के कथौली में 20 अप्रैल को एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में बाॅबी और सलमान की मौत हो गई थी। इसी तरह कई अन्य बच्चों की भी मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने गड्ढा खोदकर छोड़ने वालों पर कार्रवाई नहीं की।