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तो अब बढ़ेगा दलहनी फसलों का रकबा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 09:21 PM IST
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दलहनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरीकी वजह से जिले में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ने की उम्मीद बंधी है। कृषि विभाग के अधिकारी भी यह बात मानते हैं।
दलहनी फसलों में जिले में सबसे ज्यादा पैदावार उर्द और मसूर की होती है। इन दोनों का रकबा भी अन्य दलहनी फसलों के मुकाबले काफी अधिक रहता है। वहीं अरहर और मटर भी करीब एक हजार हेक्टयेर क्षेत्रफल में बोई जाती है, जबकि चना और मूंग की पैदावार नाममात्र के क्षेत्रफल में होती है। दलहनी फसलों की अच्छी पैदावार होने के बावजूद जिले के किसानों का बीते वर्ष मोह भंग हो गया था। इसके पीछे मुख्य वजह अधिक धनराशि न मिलना था। साथ ही बाजारों में उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती थी।
इस वित्तीय वर्ष में पैदा होने वाली दलहनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी की गई है। इसमें अरहर के समर्थन मूल्य में 425 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग और उड़द में 375 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 425 रुपये का बोनस देने की घोषणा से भी किसानों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। दलहनी फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से बारिश के बाद जुलाई माह में होने वाली उर्द और मूंग की बुवाई में तेजी आएगी। साथ ही बीते वर्ष की तुलना में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ने की उम्मीद जाग गई है।
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फसलें (2012-13) (2013-14) (2014-15)
1. चना 05-06 71-30 29-09
2. मटर 879-1865 903-1948 1078-1057
3. मसूर 4477-5999 3736-5499 2961-3183
4. उर्द 35701-30988 36810-28330 26551-17311
5. मूंग 180-91 107-34 211-67
(फसलों की पैदावार हेक्टेयर-मीट्रिक टन में दी गई है।)
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समर्थन मूल्य बढ़ने से अब किसानो को दलहनी फसलें आकर्षित करेंगी। कृषि विभाग की ओर से भी दलहनी फसलों की पैदावार बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। बीते वर्ष की तुलना में दलहनी फसलों के रकबे में खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
-आरपी चौधरी, कृषि उपनिदेशक
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दलहनी फसलों में जिले में सबसे ज्यादा पैदावार उर्द और मसूर की होती है। इन दोनों का रकबा भी अन्य दलहनी फसलों के मुकाबले काफी अधिक रहता है। वहीं अरहर और मटर भी करीब एक हजार हेक्टयेर क्षेत्रफल में बोई जाती है, जबकि चना और मूंग की पैदावार नाममात्र के क्षेत्रफल में होती है। दलहनी फसलों की अच्छी पैदावार होने के बावजूद जिले के किसानों का बीते वर्ष मोह भंग हो गया था। इसके पीछे मुख्य वजह अधिक धनराशि न मिलना था। साथ ही बाजारों में उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती थी।
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इस वित्तीय वर्ष में पैदा होने वाली दलहनी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी की गई है। इसमें अरहर के समर्थन मूल्य में 425 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग और उड़द में 375 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 425 रुपये का बोनस देने की घोषणा से भी किसानों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। दलहनी फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से बारिश के बाद जुलाई माह में होने वाली उर्द और मूंग की बुवाई में तेजी आएगी। साथ ही बीते वर्ष की तुलना में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ने की उम्मीद जाग गई है।
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फसलें (2012-13) (2013-14) (2014-15)
1. चना 05-06 71-30 29-09
2. मटर 879-1865 903-1948 1078-1057
3. मसूर 4477-5999 3736-5499 2961-3183
4. उर्द 35701-30988 36810-28330 26551-17311
5. मूंग 180-91 107-34 211-67
(फसलों की पैदावार हेक्टेयर-मीट्रिक टन में दी गई है।)
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समर्थन मूल्य बढ़ने से अब किसानो को दलहनी फसलें आकर्षित करेंगी। कृषि विभाग की ओर से भी दलहनी फसलों की पैदावार बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। बीते वर्ष की तुलना में दलहनी फसलों के रकबे में खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
-आरपी चौधरी, कृषि उपनिदेशक