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Budaun News: सीबीएसई स्कूलों में बनाई जाएगी कौशल विकास प्रयोगशाला
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बदायूं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को कौशल विकास का अवसर भी मिलेगा। वहां पर कक्षा 6 से ही अब विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए जिले के 27 स्कूलों में कौशल विकास प्रयोगशाला (स्किल डेवलपमेंट लैब) का निर्माण कराया जाएगा।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों के स्किल एजुकेशन को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के तहत शुरू की गई है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा। कक्षा 6 से 12 तक के लिए स्किल मॉड्यूल्स तैयार किए गए हैं। उसे विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं। यह मॉड्यूल्स प्रोजेक्ट बेस्ड मूल्यांकन पर आधारित होंगे।
इस पहल से सीबीएसई विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के साथ ही हुनरमंद बनाया जाएगा, ताकि वह पढ़ाई पूरी कर खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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सीबीएसई बोर्ड की समन्वयक पवित्रा यादव ने बताया कि यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उनकी शैक्षिक योग्यता बढ़ेगी, बल्कि वह व्यावहारिक कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। इसमें कक्षा नौ व 10 के लिए 22 विषय और कक्षा 11 व 12 के लिए 43 विषय उपलब्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि बिना किसी अतिरिक्त शुक्ल के इन विषयों को स्कूल अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर सकते हैं। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को अगले तीन वर्षों में कंपोजिट स्किल लैब स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए प्रत्येक जिले में जिला कौशल समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे। जो स्कूलों को मार्गदर्शन करेंगे।
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सीबीएसई ने सभी स्कूलों के स्किल एजुकेशन को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के तहत शुरू की गई है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा। कक्षा 6 से 12 तक के लिए स्किल मॉड्यूल्स तैयार किए गए हैं। उसे विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं। यह मॉड्यूल्स प्रोजेक्ट बेस्ड मूल्यांकन पर आधारित होंगे।
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इस पहल से सीबीएसई विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के साथ ही हुनरमंद बनाया जाएगा, ताकि वह पढ़ाई पूरी कर खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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सीबीएसई बोर्ड की समन्वयक पवित्रा यादव ने बताया कि यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उनकी शैक्षिक योग्यता बढ़ेगी, बल्कि वह व्यावहारिक कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। इसमें कक्षा नौ व 10 के लिए 22 विषय और कक्षा 11 व 12 के लिए 43 विषय उपलब्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि बिना किसी अतिरिक्त शुक्ल के इन विषयों को स्कूल अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर सकते हैं। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को अगले तीन वर्षों में कंपोजिट स्किल लैब स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए प्रत्येक जिले में जिला कौशल समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे। जो स्कूलों को मार्गदर्शन करेंगे।