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Budaun News: गंगा में बुजुर्ग महिला समेत छह बहे, बालक की मौत
Thu, 13 Jun 2024 04:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 13 Jun 2024 04:41 AM IST
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उझानी/ कछला। गंगा स्नान करते समय बुधवार सुबह आगरा के कुबेरपुर गांव के रहने वाले एक ही परिवार के तीन बच्चे बह गए। उनमें से दो बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन 11 साल के निशांत की डूबकर मौत हो गई। इसके अलावा बुजुर्ग महिला समेत तीन और लोग बह गए, जिन्हें गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
निशांत (11) आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के गांव कुबेरपुर निवासी कृपाल सिंह का बेटा था। वह परिवार के साथ गंगा स्नान को आया था। कृपाल के साथ परिवार के लोग करीब नौ बजे डुबकी लगाने लगे। तभी निशांत, उसका भाई प्रशांत (16), बुआ की बेटी विशाखा (13) बह गए। यह देख कृपाल ने प्रशांत और विशाखा को बचा लिया, लेकिन निशांत नजरों से ओझल हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला। चीख-पुकार सुन घाट पर मौजूद अन्य लोग भी नदी में कूद पड़े। करीब 20 मिनट बाद निशांत का शव मिला। परिवार के लोग शव को उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखते हुए मृत घोषित कर दिया।
इसके अलावा एटा जिले के एका निवासी राधेश्याम (55) भी गंगा में डुबकी लगाते समय डूबने लगे। श्रद्धालुओं के शोर मचाने पर पहुंचे गोताखोर ने उन्हें बचा लिया। वहीं, कासगंज जिले के सोरों निवासी बुजुर्ग महिला और 12 वर्षीय बेटी भी गंगा में डूबने लगीं, जिन्हें बचा लिया गया। चश्मदीदों में प्रेमपाल ने बताया कि जहां ये हादसे हुए हैं, उसके पास गहराई अधिक है। यही बात निशांत के पिता कृपाल ने भी बताई, लेकिन गंगा में गहराई वाले स्थान पर कोई संकेतक नहीं लगा था।
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कक्षा-पांच को छात्र था निशांत
- निशांत गांव के स्कूल में कक्षा-पांचवीं का छात्र था। पिता गांव में ही आटा चक्की चलाते हैं। उन्होंने कई दिन पहले परिजनों के साथ गंगा स्नान करने का मन बनाया था। इसी के तहत कृपाल अपने माता-पिता, पत्नी, भाई और बच्चों के साथ निजी कार से गंगा घाट पहुंचे थे। बच्चे स्नान करने को गंगा की तरफ बढ़ते, उससे पहले ही उनके फोटो भी खींचे। उन्हें क्या पता था कि वह बेटे निशांत का आखिरी बार फोटो खींच रहे हैं। निशांत की मौत से बदहवास मां ममता को शव दिखाने की बजाय निजी कार से घर लौटा दिया गया। इसके बाद परिजन दूसरे वाहन से शव लेकर चले गए।
जिम्मेदारों की लापरवाही से मां गंगा के आंचल पर आ रही आंच
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी/ कछला। जिम्मेदारों की लापरवाही से मां गंगा के आंचल पर हर-दूसरे दिन आंच आ रही है। यहां परिवार खुशी-खुशी आता है और गम के साथ चला जाता है। इन मौतों के जिम्मेदार वे लोग हैं, जो यहां की व्यवस्था कागजों में बनाते हैं। हकीकत तो यह है कि इन परिवारों की जान की कीमत वे समझते ही नहीं, इसलिए सिर्फ घटना के बाद बड़े-बड़े वादे कर टाल देते हैं।
बुधवार को हुए हादसे से पहले भी कई परिवार वालों का कोई न कोई सदस्य मां गंगा के आंचल में नहाते समय दूर हो गया था। अप्रैल महीने में दो युवकों की जान चली जाने के बाद एसडीएम सदर एसपी वर्मा की ओर से दावा किया गया था कि गंगा में गहराई वाले स्थान को चिह्नित कराके उसके जाल की बैरिकेडिंग करा देंगे। साथ ही घाट पर प्रत्येक दिन दो पुलिस कर्मी भी तैनात रहेंगे। ताकि किसी श्रद्धालु की जान न जाए। व्यवस्थाएं नगर पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से करनी थीं। शुरूआत में संकेतक लगा दिए गए, लेकिन गहराई स्थानों पर गंगा के जलस्तर के बीच बन रहे मौत के भंवर की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। पिछले दिनों गंगा में जलस्तर बढ़ा तो नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया चौहान ने कह दिया था कि फिलहाल जाल की व्यवस्था नहीं हो सकती। श्रद्धालुओं के जेहन में ऐसे ही कई और सवाल हैं, जो किसी परिवार के खेवनहार तो किसी के लाड़ले की जान चली जाने से जुड़े हैं।
दशहरा पर उमड़ी आस्था तो श्रद्धालुओं की जान पर होगा खतरा
- गंगा दशहरा 16 जून को है। उस दिन कछला घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। इससे प्रशासनिक और पुलिस अफसर भी वाकिफ हैं। व्यवस्थाओं के लिए मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं की गईं हैं।
- इन श्रद्धालुओं की गई जान
- 21 अप्रैल-2024
मृतक मुनीश कुमार (22) पुत्र अनिल शाह, निवासी बेगूसराय, बिहार
- 28 अप्रैल- 2024
मृतक विवेक शर्मा (22) पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी दतिया, जिला मथुरा
- 29 अप्रैल- 2024
मृतक कुनाल (20) पुत्र बनवारी, निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली
- 15 मई- 2024
मृतक पीयूष (12) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा, निवासी कासगंज
- 19 मई- 2024
मृतक तरुण कुमार (19) पुत्र प्रमोद दुबे, सोरों, कासगंज
- 28 मई- 2024
मृतक जितेंद्र (22) पुत्र नौरंगी लाल, जुनइया, उझानी
- 31 मई- 2024
मृतक धीरज (20) पुत्र श्रीनिवास, अहीरमई, एटा
12 जून- 2024
मृतक निशांत (11) पुत्र कृपाल सिंह, कुबेरपुर, आगरा
- 27 मई-2024 को छविशंकर (22) पुत्र विशंभर दयाल, मुड़िया ललिता, जिला भरतपुर राजस्थान नहाते समय डूब गए थे। छवि का अभी तक पता नहीं लग पाया है।
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निशांत (11) आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के गांव कुबेरपुर निवासी कृपाल सिंह का बेटा था। वह परिवार के साथ गंगा स्नान को आया था। कृपाल के साथ परिवार के लोग करीब नौ बजे डुबकी लगाने लगे। तभी निशांत, उसका भाई प्रशांत (16), बुआ की बेटी विशाखा (13) बह गए। यह देख कृपाल ने प्रशांत और विशाखा को बचा लिया, लेकिन निशांत नजरों से ओझल हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला। चीख-पुकार सुन घाट पर मौजूद अन्य लोग भी नदी में कूद पड़े। करीब 20 मिनट बाद निशांत का शव मिला। परिवार के लोग शव को उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखते हुए मृत घोषित कर दिया।
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इसके अलावा एटा जिले के एका निवासी राधेश्याम (55) भी गंगा में डुबकी लगाते समय डूबने लगे। श्रद्धालुओं के शोर मचाने पर पहुंचे गोताखोर ने उन्हें बचा लिया। वहीं, कासगंज जिले के सोरों निवासी बुजुर्ग महिला और 12 वर्षीय बेटी भी गंगा में डूबने लगीं, जिन्हें बचा लिया गया। चश्मदीदों में प्रेमपाल ने बताया कि जहां ये हादसे हुए हैं, उसके पास गहराई अधिक है। यही बात निशांत के पिता कृपाल ने भी बताई, लेकिन गंगा में गहराई वाले स्थान पर कोई संकेतक नहीं लगा था।
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कक्षा-पांच को छात्र था निशांत
- निशांत गांव के स्कूल में कक्षा-पांचवीं का छात्र था। पिता गांव में ही आटा चक्की चलाते हैं। उन्होंने कई दिन पहले परिजनों के साथ गंगा स्नान करने का मन बनाया था। इसी के तहत कृपाल अपने माता-पिता, पत्नी, भाई और बच्चों के साथ निजी कार से गंगा घाट पहुंचे थे। बच्चे स्नान करने को गंगा की तरफ बढ़ते, उससे पहले ही उनके फोटो भी खींचे। उन्हें क्या पता था कि वह बेटे निशांत का आखिरी बार फोटो खींच रहे हैं। निशांत की मौत से बदहवास मां ममता को शव दिखाने की बजाय निजी कार से घर लौटा दिया गया। इसके बाद परिजन दूसरे वाहन से शव लेकर चले गए।
जिम्मेदारों की लापरवाही से मां गंगा के आंचल पर आ रही आंच
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी/ कछला। जिम्मेदारों की लापरवाही से मां गंगा के आंचल पर हर-दूसरे दिन आंच आ रही है। यहां परिवार खुशी-खुशी आता है और गम के साथ चला जाता है। इन मौतों के जिम्मेदार वे लोग हैं, जो यहां की व्यवस्था कागजों में बनाते हैं। हकीकत तो यह है कि इन परिवारों की जान की कीमत वे समझते ही नहीं, इसलिए सिर्फ घटना के बाद बड़े-बड़े वादे कर टाल देते हैं।
बुधवार को हुए हादसे से पहले भी कई परिवार वालों का कोई न कोई सदस्य मां गंगा के आंचल में नहाते समय दूर हो गया था। अप्रैल महीने में दो युवकों की जान चली जाने के बाद एसडीएम सदर एसपी वर्मा की ओर से दावा किया गया था कि गंगा में गहराई वाले स्थान को चिह्नित कराके उसके जाल की बैरिकेडिंग करा देंगे। साथ ही घाट पर प्रत्येक दिन दो पुलिस कर्मी भी तैनात रहेंगे। ताकि किसी श्रद्धालु की जान न जाए। व्यवस्थाएं नगर पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से करनी थीं। शुरूआत में संकेतक लगा दिए गए, लेकिन गहराई स्थानों पर गंगा के जलस्तर के बीच बन रहे मौत के भंवर की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। पिछले दिनों गंगा में जलस्तर बढ़ा तो नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया चौहान ने कह दिया था कि फिलहाल जाल की व्यवस्था नहीं हो सकती। श्रद्धालुओं के जेहन में ऐसे ही कई और सवाल हैं, जो किसी परिवार के खेवनहार तो किसी के लाड़ले की जान चली जाने से जुड़े हैं।
दशहरा पर उमड़ी आस्था तो श्रद्धालुओं की जान पर होगा खतरा
- गंगा दशहरा 16 जून को है। उस दिन कछला घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। इससे प्रशासनिक और पुलिस अफसर भी वाकिफ हैं। व्यवस्थाओं के लिए मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं की गईं हैं।
- इन श्रद्धालुओं की गई जान
- 21 अप्रैल-2024
मृतक मुनीश कुमार (22) पुत्र अनिल शाह, निवासी बेगूसराय, बिहार
- 28 अप्रैल- 2024
मृतक विवेक शर्मा (22) पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी दतिया, जिला मथुरा
- 29 अप्रैल- 2024
मृतक कुनाल (20) पुत्र बनवारी, निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली
- 15 मई- 2024
मृतक पीयूष (12) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा, निवासी कासगंज
- 19 मई- 2024
मृतक तरुण कुमार (19) पुत्र प्रमोद दुबे, सोरों, कासगंज
- 28 मई- 2024
मृतक जितेंद्र (22) पुत्र नौरंगी लाल, जुनइया, उझानी
- 31 मई- 2024
मृतक धीरज (20) पुत्र श्रीनिवास, अहीरमई, एटा
12 जून- 2024
मृतक निशांत (11) पुत्र कृपाल सिंह, कुबेरपुर, आगरा
- 27 मई-2024 को छविशंकर (22) पुत्र विशंभर दयाल, मुड़िया ललिता, जिला भरतपुर राजस्थान नहाते समय डूब गए थे। छवि का अभी तक पता नहीं लग पाया है।