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हाईकोर्ट के फैसले से निराशा में डूबे समायोजित शिक्षक

Mon, 14 Sep 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं Updated Mon, 14 Sep 2015 12:05 AM IST
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शनिवार को हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैधानिक करार दिया। यह फैसला आते ही सभी शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षकों में निराशा फैल गई। तमाम देहात क्षेत्र के शिक्षामित्र दूरभाष पर फैसले की जानकारी लेते रहे। आज सुबह होते ही क्या फैसला हुआ इस बारे में जानने को अखबार की तलाश में निकल पड़े। शिक्षामित्रों और उनके परिवारीजनों,संबंधियों ने कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षामित्र अपने कार्य को अंजाम दे रहे थे। सभी शिक्षामित्रों ने इस बात का निर्णय लिया है कि वह  फैसले को सुप्रीम कोर्ट  में चुनौती देंगे।
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राज्यपाल को शपथ पत्र देकर मांगेंगे इच्छा मृत्यु
बदायूं।  उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की मालवीय आवास गृह पर हुई बैठक में हाईकोर्ट के निर्णय को असंवैधानिक करार दिया गया। कहा गया है कि इस फैसले के खिलाफ वह फिर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और मजबूती के साथ अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखेंगे।  
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यह भी तय किया गया है कि संगठन द्वारा सभी शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने सदस्य शपथ पत्र देकर प्रदेश के राज्यपाल से इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला प्रदेश के सभी 1.70 हजार शिक्षामित्रों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर जहीरुल इस्लाम, गजेंद्र सिंह, अजमत अली, गजेंद्र शाक्य, बादाम शाक्य, विनीत सिंह, अनीता भारती, अजवती, गीता सक्सेना, विनोद कुमार, कुंवरपाल सिंह, सुनीता राठौर,धीरेंद्र प्रताप सिंह, अहिबरन सिंह, पूनम, आराम सिंह,देवेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह आदि थे।
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शिक्षण कार्य से विरत रहकर बीआरसी पर करेंगे विरोध
बदायूं। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की मालवीय आवास पर आयोजित बैठक में हाईकोर्ट के फैसले को शिक्षामित्रों के जीवन में काले अध्याय के समान बताया। बोले, उनकी 15 सालों की मेहनत निरर्थक साबित हुई। जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह ने ने कहा कि किसी भी साथी को हतोत्साहित होने की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्र उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करेंगे। उन्होंने आह्वान किया है कि जिले भर के शिक्षामित्र-समायोजित शिक्षक कल 14 सितंबर को शिक्षण कार्य से विरत रहकर अपने-अपने ब्लाक के बीआरसी पर उपस्थित रहकर फैसले का विरोध करेंगे। जिला महामंत्री सतीश चंद्र गुप्ता, रवींद्र यादव ने कहा कि पूर्व में राज्य सरकारें विश्व बैंक के तहत शिक्षामित्रों के गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण कार्य पर पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं, तो आज वह कैसे अयोग्य हो गए? बैठक में अनेक पाल सिंह बाबू खां, राजीव कुमार सिंह, दिनेश चौधरी, जयप्रकाश, रामगोपाल, अजयवीर सिंह, सतेंद्र आदि थे।

शिक्षक खड़े हैं साथ
बदायूं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा म्याऊं की बैठक में शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन निरस्त करने के हाईकोर्ट के निर्णय पर अंसतोष व्यक्त किया गया। ब्लाक मंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक संघ साथियों के साथ है। संघ उनकी हर लड़ाई में साथ देगा। बैठक मे ब्लाक अध्यक्ष राधेश्याम, अनुराग यादव, भानु प्रताप, शशिकांत,अशोक कुमार, मनोज कुमार, राजेंद्र, वीरपाल सिंह, रामचंद्र, मोहर सिंह, विजय सिंह, दिग्विजय सिंह आदि थे।

...हर तरह होती रही इसी की चर्चाएं
बदायूं। शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की हर जगह चर्चाएं होती रहीं। कोई फैसले को उचित तो कोई गलत करार दे रहा था। चाहे दुकान  हो या फिर कोई अन्य प्रतिष्ठान। इस फैसले की चर्चाएं होती रहीं। चूंकि यह फैसला लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है।

इंसेट-
बहुत से स्कूल थे शिक्षामित्रों के सहारे
बदायूं। विभागीय आंकड़े भले ही कुछ और दर्शाते हों लेकिन यह हकीकत है कि जिले में तमाम स्कूल ऐसे थे जो शिक्षामित्रों के सहारे ही चल रहे थे। उन स्कूलों में जो भी शिक्षक थे वह शिक्षामित्रों से सेटिंग रखते थे। लिहाजा, पूरे समय शिक्षामित्र ही शिक्षण कार्य में तल्लीन रहते थे।
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