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शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर की तालाबंदी, जोरदार प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:59 PM IST
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शासन की सख्ती के बाद शिक्षामित्रों के धरना-प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। फिर भी आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर तालाबंदी कर दी। जमकर नारेबाजी। पूरे जिले से हजारों की संख्या में शिक्षामित्र यहां पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि जब तक शासन उन्हें शिक्षकों के समान वेतन नहीं देता उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच मानदेय संबंधी शासनादेश की प्रतियां भी जलाई गईं। आंदोलनकारी शिक्षामित्रों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
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योगी सरकार ने दो दिन पहले कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर सभी शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार कर दिया था। यह मानदेय भी 11 माह तक दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश भर के शिक्षामित्रों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को हर जिले में शिक्षामित्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। पहले दिन शिक्षामित्रों ने शांतिपूर्वक तरीके से मालवीय आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। बृहस्पतिवार को सभी शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन को पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक शिक्षामित्रों की संख्या बढ़ती गई चूंकि शासन ने सभी जिला प्रशासन को इस बात के निर्देश जारी कर दिए हैं कि शिक्षामित्रों के आंदोलन पर पैनी नजर रखी जाए। इसलिए धरना-प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही थाना सिविल लाइंस, कोतवाली, उझानी, मूसाझाग, अलापुर आदि थानों की पुलिस को यहां पर तैनात कर दिया गया। शिक्षामित्र किसी तरह की गड़बड़ी न करें इसके लिए पुलिस वालों की उन पर पैनी नजर थी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने उनके साथ वादा खिलाफी की है। सरकार ने लखनऊ में हुई वार्ता के समय यह आश्वासन दिया था कि वह शिक्षामित्रों के साथ है और उनके हित में अच्छा कदम उठाएगी। लेकिन सरकार ने सिर्फ मानदेय 10 हजार किया। वह भी 11 माह तक। वक्ताओं ने कहा कि इस मानदेय से शिक्षामित्रों का कोई भला होने वाला नहीं है। उन्हें शिक्षकों के समान 40 हजार रुपये चाहिए। जब से समायोजन रद्द हुआ है तब से प्रदेश में कई शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है। उनके परिवारों के आगे आर्थिक कठिनाइयां ख़ड़ी हो गई हैं। वक्ताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में शिक्षामित्र एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं इसलिए सरकार को उनकी मांग को पूरा करना होगा। यदि इस आंदोलन के बाद भी सरकार नहीं चेती तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। वे किसी भी हाल में खामोश बैठने वाले नहीं हैं। इस बीच शिक्षामित्रों ने नारेबाजी करते हुए बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष निर्भान सिंह यादव, रावेंद्र सिंह यादव, अमित शर्मा, मनोज यादव, सतीश चंद्र गुप्ता, दिनेश चौधरी, जेपी आर्य, अभिषेक सिंह,प्रतिज्ञा चौहान, लोकेश शर्मा,कमलेश कुमारी, राजबाला, सतेंद्र उपाध्याय, अरुण तोमर, अमित गुप्ता, विनोद कुमार, वचन सिंह, चरन सिंह, रामगोपाल, अजमत अली, फूलबानो, मृदुलेश यादव, रहीश अहमद, मोहम्मद शमीम अहमद, वीरेंद्र सिंह, राकेश राठौर, राजीव कुमार सिंह, लक्ष्मण सिंह, मनोज कुमार, लज्जावती, सीमा भारती, संजीव त्रिपाठी, राजपाल सिंह, दिलीप कुमार,शिवम्, राकेश सिंह, नरेंद्र पाल, सीमा, जयपाल सिंह, नौबत राम, शकुंतला देवी आदि हजारों की संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। शिक्षामित्रों के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने से परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। आज बीएसए कार्यालय पर हुए धरना-प्रदर्शन में महिला शिक्षामित्रों की संख्या भी काफी देखी गई। कई के साथ छोटे बच्चे भी थे।
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