Ram Mandir: रामलला के दर्शन करने दिल्ली से पैदल निकलीं शबनम, 700 किमी पदयात्रा कर पहुंचेंगी अयोध्या
दिल्ली से अयोध्या के लिए पैदल निकलीं मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम सोमवार रात बदायूं पहुंचीं। उन्होंने मुजरिया में रात्रि विश्राम। मंगलवार सुबह वह उझानी और बदायूं होते हुए अयोध्या के लिए रवाना हो गईं। शबनम करीब 700 किमी पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगी।
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अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। अयोध्या में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम दिल्ली से पैदल अयोध्या के लिए निकली हैं। वह सोमवार को बदायूं पहुंचीं। उन्होंने मुजरिया में रात्रि विश्राम किया।
शबनम मंगलवार को सुबह उझानी, बदायूं , दातागंज होते हुए फर्रुखाबाद की ओर कूच कर गईं। इससे पूर्व उझानी कस्बे में हिंदूवादी संगठन के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। शबनम ने बताया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली से पैदल यात्रा शुरू की है। वह करीब 700 किलोमीटर पैदल यात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगी। राम मंदिर के नाम से उनका मन श्रद्धा से भर जाता है।
तीन तलाक पीड़िताएं देंगी सौहार्द का संदेश
भगवान श्रीराम मंदिर के लोकार्पण के अवसर पर बरेली की तीन तलाक पीड़ित महिलाएं सामाजिक समरसता का संदेश देंगी। गणतंत्र दिवस के बाद वे मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की अगुवाई में अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगी। इसके अलावा वे अपने हाथों से तैयार किए हुए वस्त्र रामलला को समर्पित करेंगी।
फरहत नकवी की देखरेख में उनके आवास पर रामलला के वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं। फरहत ने बताया कि बरेली की जरी कारीगरी मशहूर है। लिहाजा रामलला के लिए जरी की पोशाक तैयार करा रही हैं। जरी का काम करने वाली 40 महिलाओं के साथ वह खुद भी इस काम में जुट गई हैं। रामलला की पोशाक पर दस्तकारी का काम हो रहा है।