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जर्जर सरकारी स्कूल होंगे ध्वस्त, विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
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बदायूं। जिले के परिषदीय विद्यालयों के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। कई विद्यालयों की बिल्डिंग जर्जर है। आए दिन हादसे होते रहते हैं। अमर उजाला ने बच्चों और शिक्षकों की समस्या को ध्यान में रखते हुए खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अफसर चेते हैं। बीएसए 39 विद्यालयों के ध्वस्तीकरण कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिले में 1502 प्राथमिक, 356 उच्च प्राथमिक और 297 संविलियन विद्यालय है। प्रत्येक ब्लॉक में 10 से 12 विद्यालय जर्जर हैं। कुछ विद्यालयों की बिल्डिंग के हालात ऐसे है कि पता नहीं कब छत का प्लास्टर छूटकर गिर जाए या दीवार टूट जाए। कुछ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए कक्षाएं ही नहीं बची। इसकी वजह से शिक्षकों को खुले आसमान, पेड़ के नीचे छात्र-छात्राओं को पढ़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और स्टाफ की समस्याओं को उठाते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरों को प्रकाशित करना शुरू किया, इसके बाद में विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया।
बीएसए ने सभी बीईओ से क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद बीएसए ने मंगलवार को जिले के 39 विद्यालयों की जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्त कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले डीएम के अनुमोदन के बाद यहां के मलबे को नीलाम कराया जाएगा, जिसके बाद ध्वस्तीकरण का काम होगा।
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जर्जर भवन बदलने की ये है प्रकिया
बीएसए के अनुसार जर्जर भवन बदले जाने की एक प्रक्रिया है, इसके अनुसार पहले विद्यालय स्तर से प्रधानाध्यापक बीईओ को जानकारी देंगे। फिर बीईओ बीएसए कार्यालय को जर्जर बिल्डिंग की रिपोर्ट देंगे। उसके बाद बीएसए द्वारा लोक निर्माण विभाग को पत्राचार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के जेई विद्यालय की बिल्डिंग की यथास्थिति की जांच करेंगे। इसमें बिल्डिंग जर्जर पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बिल्डिंग का आंकलन किया जाएगा। उसके बाद में इसकी नीलामी कराई जाएगी। नीलामी में मिली धनराशि को संबंधित विद्यालय के एसएमसी खाते में जमा करा दिया जाएगा। शासन द्वारा विद्यालय के भवन निर्माण को धनराशि भेजी जाएगी।
फैक्ट फाइल
- ब्लॉक कादरचीौक- छह
- ब्लॉक जगत-चार
- ब्लॉक दातागंज-10
- ब्लॉक उसावां-एक
- ब्लॉक म्याऊं-पांच
- ब्लॉक समरेर-छह
- ब्लॉक उझानी-तीन
- नगरीय क्षेत्र उझानी- चार
-----------------
- सात ब्लॉकों के विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनकी बिल्डिंग को ध्वस्त किया जाएगा। वहां पर नए भवन बनवाए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में कोई दिक्कत न आए। -आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए
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जिले में 1502 प्राथमिक, 356 उच्च प्राथमिक और 297 संविलियन विद्यालय है। प्रत्येक ब्लॉक में 10 से 12 विद्यालय जर्जर हैं। कुछ विद्यालयों की बिल्डिंग के हालात ऐसे है कि पता नहीं कब छत का प्लास्टर छूटकर गिर जाए या दीवार टूट जाए। कुछ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए कक्षाएं ही नहीं बची। इसकी वजह से शिक्षकों को खुले आसमान, पेड़ के नीचे छात्र-छात्राओं को पढ़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और स्टाफ की समस्याओं को उठाते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरों को प्रकाशित करना शुरू किया, इसके बाद में विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया।
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बीएसए ने सभी बीईओ से क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद बीएसए ने मंगलवार को जिले के 39 विद्यालयों की जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्त कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले डीएम के अनुमोदन के बाद यहां के मलबे को नीलाम कराया जाएगा, जिसके बाद ध्वस्तीकरण का काम होगा।
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जर्जर भवन बदलने की ये है प्रकिया
बीएसए के अनुसार जर्जर भवन बदले जाने की एक प्रक्रिया है, इसके अनुसार पहले विद्यालय स्तर से प्रधानाध्यापक बीईओ को जानकारी देंगे। फिर बीईओ बीएसए कार्यालय को जर्जर बिल्डिंग की रिपोर्ट देंगे। उसके बाद बीएसए द्वारा लोक निर्माण विभाग को पत्राचार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के जेई विद्यालय की बिल्डिंग की यथास्थिति की जांच करेंगे। इसमें बिल्डिंग जर्जर पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बिल्डिंग का आंकलन किया जाएगा। उसके बाद में इसकी नीलामी कराई जाएगी। नीलामी में मिली धनराशि को संबंधित विद्यालय के एसएमसी खाते में जमा करा दिया जाएगा। शासन द्वारा विद्यालय के भवन निर्माण को धनराशि भेजी जाएगी।
फैक्ट फाइल
- ब्लॉक कादरचीौक- छह
- ब्लॉक जगत-चार
- ब्लॉक दातागंज-10
- ब्लॉक उसावां-एक
- ब्लॉक म्याऊं-पांच
- ब्लॉक समरेर-छह
- ब्लॉक उझानी-तीन
- नगरीय क्षेत्र उझानी- चार
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- सात ब्लॉकों के विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनकी बिल्डिंग को ध्वस्त किया जाएगा। वहां पर नए भवन बनवाए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में कोई दिक्कत न आए। -आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए