{"_id":"5d30c55f8ebc3e6d1e2bd4c4","slug":"scam-badaun-news-bly369111627","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदरसे व स्कूल फर्जी, बच्चे फर्जी...और, ढाई करोड़ का कर दिया घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदरसे व स्कूल फर्जी, बच्चे फर्जी...और, ढाई करोड़ का कर दिया घोटाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जिले में खाद, गेहूं, धान, उड़द घोटाले के बाद में छात्रवृत्ति घोटाले का नाम भी इन घोटालों की फेहरिस्त में शामिल हो गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे, जिसमें जांच टीम ने इस मामले में कई लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं को पकड़ा, जिसके बाद 66 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिनमें जिला सहकारी बैंक के 11 शाखा प्रबंधकों व दो कैशियरों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।
छात्रवृत्ति से संबंधित जांच टीम ने समाज कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग एवं जिला दिव्यांगजन कल्याण विभाग की जांच की। इसके बाद में जिले के सभी ब्लॉकों के स्तर पर जांच कराई गई, तब टीम के सामने छात्रवृत्ति का बड़ा घोटाला सामने आया। इस घोटाले में सबसे खास बात ये रही कि जिन छात्र-छात्राओं के नाम पर ये रुपये निकाले गए थे, उस नाम का कोई भी व्यक्ति संबंधित गांवों में नहीं था। और तो और जिन स्कूल और मदरसों में ये छात्र-छात्राएं अध्ययनरत दिखाए गए, वे स्कूल और मदरसे भी कहीं टीम को नहीं मिले। इस प्रकार सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। इस पर सभी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। एफआईआर होने के बाद में अन्य पर जहां कार्रवाई चलती रही वहीं गबन के आरोप में शामिल जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों और कैशियरों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।
ये हुए निलंबित
1. सुताज उल्ला खां, शाखा प्रबंधक दातागंज
2. अमित कुमार शाखा प्रबंधक बदायूं
3. विष्णु कुमार पाठक शाखा प्रबंधक बदायूं
4. राजीव कुमार सक्सेना शाखा प्रबंधक कादरचौक
5. रोहित कुमार शाखा प्रबंधक उझानी
6. कुनाल, शाखा प्रबंधक, उझानी
7. देवजीत सिंह, शाखा प्रबंधक रजपुरा
8. पुष्पेंद्र कुमार, शाखा प्रबंधक बिल्सी
9. सत्येंद्र बहादुर, शाखा प्रबंधक बदायूं
10.लालाराम शर्मा, शाखा प्रबंधक बदायूं
11.सुशील मिश्रा, शाखा प्रबंधक बदायूं
12. महावीर प्रसाद, कैशियर, बदायूं
13. नरेंद्र कुमार द्विवेदी, कैशियर, बदायूं
डीसीबी चेयरमैन पर लगा था आरोपियों को बचाने का आरोप
सभी आरोपियों पर एफआईआर के साथ ही निबंधन कार्यालय ने संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। निलंबित न किए जाने पर जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पर आरोपियों के साथ गठजोड़ होने की वजह से निलंबित न करने का आरोप लगा था। इसी के बाद लोगों ने शासन स्तर पर शिकायत की, जिसके बाद लखनऊ की टीम ने जांच की। उसकी रिपोर्ट पर अब इन आरोपियों को निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
शासन स्तर से सभी आरोपी अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुझ पर उन्हें बचाने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार है।
- उमेश राठौर, डीसीबी चेयरमैन
छात्रवृत्ति घोटाले में जांच के दौरान जिला सहकारी बैंक के 11 शाखा प्रबंधक और दो कैशियर दोषी मिले थे। डीएम के निर्देश पर सभी पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शासन के निर्देश पर सभी को निलंबित कर दिया गया है। -राघवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव
विज्ञापन
छात्रवृत्ति से संबंधित जांच टीम ने समाज कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग एवं जिला दिव्यांगजन कल्याण विभाग की जांच की। इसके बाद में जिले के सभी ब्लॉकों के स्तर पर जांच कराई गई, तब टीम के सामने छात्रवृत्ति का बड़ा घोटाला सामने आया। इस घोटाले में सबसे खास बात ये रही कि जिन छात्र-छात्राओं के नाम पर ये रुपये निकाले गए थे, उस नाम का कोई भी व्यक्ति संबंधित गांवों में नहीं था। और तो और जिन स्कूल और मदरसों में ये छात्र-छात्राएं अध्ययनरत दिखाए गए, वे स्कूल और मदरसे भी कहीं टीम को नहीं मिले। इस प्रकार सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। इस पर सभी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। एफआईआर होने के बाद में अन्य पर जहां कार्रवाई चलती रही वहीं गबन के आरोप में शामिल जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों और कैशियरों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
ये हुए निलंबित
1. सुताज उल्ला खां, शाखा प्रबंधक दातागंज
2. अमित कुमार शाखा प्रबंधक बदायूं
3. विष्णु कुमार पाठक शाखा प्रबंधक बदायूं
4. राजीव कुमार सक्सेना शाखा प्रबंधक कादरचौक
5. रोहित कुमार शाखा प्रबंधक उझानी
6. कुनाल, शाखा प्रबंधक, उझानी
7. देवजीत सिंह, शाखा प्रबंधक रजपुरा
8. पुष्पेंद्र कुमार, शाखा प्रबंधक बिल्सी
9. सत्येंद्र बहादुर, शाखा प्रबंधक बदायूं
10.लालाराम शर्मा, शाखा प्रबंधक बदायूं
11.सुशील मिश्रा, शाखा प्रबंधक बदायूं
12. महावीर प्रसाद, कैशियर, बदायूं
13. नरेंद्र कुमार द्विवेदी, कैशियर, बदायूं
डीसीबी चेयरमैन पर लगा था आरोपियों को बचाने का आरोप
सभी आरोपियों पर एफआईआर के साथ ही निबंधन कार्यालय ने संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। निलंबित न किए जाने पर जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पर आरोपियों के साथ गठजोड़ होने की वजह से निलंबित न करने का आरोप लगा था। इसी के बाद लोगों ने शासन स्तर पर शिकायत की, जिसके बाद लखनऊ की टीम ने जांच की। उसकी रिपोर्ट पर अब इन आरोपियों को निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
शासन स्तर से सभी आरोपी अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुझ पर उन्हें बचाने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार है।
- उमेश राठौर, डीसीबी चेयरमैन
छात्रवृत्ति घोटाले में जांच के दौरान जिला सहकारी बैंक के 11 शाखा प्रबंधक और दो कैशियर दोषी मिले थे। डीएम के निर्देश पर सभी पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शासन के निर्देश पर सभी को निलंबित कर दिया गया है। -राघवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव