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Budaun News: 25-25 लाख से होगा संस्कृत विद्यालयों का कायाकल्प
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बदायूं। संस्कृत विद्यालयों का मिशन अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाएगा। कायाकल्प के बाद इनको आदर्श विद्यालय की तरह बनाया जाएगा। इसको लेकर विद्यालयाें से आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद उनका चयन किया जाएगा। कायाकल्प के लिए प्रत्येक विद्यालय को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
संस्कृत विषय कभी हमारी सभ्यता और बोलचाल की भाषा हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बोलचाल के साथ ही अब पढ़ाई से भी दूर होती जा रही है। जिले में संचालित होने वाले विद्यालय धीरे-धीरे बदहाल हो रहे हैं। उन्हें सुधारने के लिए कभी कोई सहायता राशि भी किसी ने नहीं दी। उपेक्षा के चलते संस्कृत विद्यालयों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
हालात यह हैं कि जिले में अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 10 संस्कृत इंटर कॉलेज संचालित हैं। इनमें चार प्राइवेट हैं। इसको देखते हुए शासन ने संस्कृत विद्यालयों को सुधारने की योजना तैयार की है। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे मिशन कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में मिशन अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए हर विद्यालय को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे। इसमें विद्यालय प्रबंध तंत्र को शुरूआत में पांच प्रतिशत की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।
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विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाएं
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर पेयजल, अच्छे शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, खेल मैदान, बैडमिंटन व वॉलीबॉल कोर्ट की स्थापना, चहारदीवारी, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, रेनवॉटर आदि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
संस्कृत विद्यालय के प्रबंधकों से आवेदन मांगे गए हैं। अब तक किसी ने आवेदन नहीं किया है। इसको लेकर फिर कॉलेज प्रबंधकों के साथ में बात करेंगे और आवेदन के लिए प्रेरित करेंगे। -डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस
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संस्कृत विषय कभी हमारी सभ्यता और बोलचाल की भाषा हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बोलचाल के साथ ही अब पढ़ाई से भी दूर होती जा रही है। जिले में संचालित होने वाले विद्यालय धीरे-धीरे बदहाल हो रहे हैं। उन्हें सुधारने के लिए कभी कोई सहायता राशि भी किसी ने नहीं दी। उपेक्षा के चलते संस्कृत विद्यालयों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
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हालात यह हैं कि जिले में अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 10 संस्कृत इंटर कॉलेज संचालित हैं। इनमें चार प्राइवेट हैं। इसको देखते हुए शासन ने संस्कृत विद्यालयों को सुधारने की योजना तैयार की है। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे मिशन कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में मिशन अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए हर विद्यालय को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे। इसमें विद्यालय प्रबंध तंत्र को शुरूआत में पांच प्रतिशत की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।
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विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाएं
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर पेयजल, अच्छे शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, खेल मैदान, बैडमिंटन व वॉलीबॉल कोर्ट की स्थापना, चहारदीवारी, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, रेनवॉटर आदि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
संस्कृत विद्यालय के प्रबंधकों से आवेदन मांगे गए हैं। अब तक किसी ने आवेदन नहीं किया है। इसको लेकर फिर कॉलेज प्रबंधकों के साथ में बात करेंगे और आवेदन के लिए प्रेरित करेंगे। -डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस