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इस घाट पर महीने भर में बह चुके 16 लोग: दादी की अस्थियां विसर्जन करने गया समीर गंगा में बहा, तलाश में जुटे गोताखोर
Mon, 11 Jul 2022 06:53 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 11 Jul 2022 06:53 PM IST
सार
महीना भर में गंगाघाट पर राजस्थान, एटा, हाथरस और कासगंज निवासी 16 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। दो दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को बचाया भी जा चुका है।
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कछला घाट पर समीर के बहने के बाद बदहवास परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दादी की अस्थियां विसर्जन के करने के लिए परिवार के साथ कछला गंगाघाट पर आया राजस्थान के दौसा जिले का निवासी समीर डुबकी लगाते समय गंगा में बह गया। परिवार के लोगों ने पहले तो खुद ही खोजबीन शुरू कर दी लेकिन सुराग नहीं लगने पर गोताखोरों को बुला लिया गया।
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कछला घाट पर हादसा पुल के पास हुआ। दौसा जिले के गांव बांदीकुई निवासी राजेश कुमार की बुजुर्ग मां का पिछले महीना निधन हो गया था। उनकी अस्थियां विसर्जन के लिए राजेश के परिवार के एक दर्जन से अधिक सदस्य सोमवार को घाट पर आए।
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परिवार की महिलाओं के साथ कुछ लोग स्नान करने के लिए गंगा में गहराई तक चले गए। उसी दौरान राजेश का 17 वर्षीय बेटा समीर आगे बढ़ गया। वह बहने लगा तो परिवार की महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया। राजेश का एक परिजन उसे खोजने के लिए आगे बढ़ा तो उसे गोता लग गया। इसके बाद घाट पर मौजूद दुकानदारों ने गोताखोर ओमकार को फोन कर बुला लिया। ओमकार के साथ दो-तीन अन्य गोताखोरों ने समीर की तलाश शुरू कर दी।
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दुकानदार प्रेमपाल ने बताया कि गंगा नहाते समय राजेश के परिवार के दो लोग संकेतक के आगे बढ़ गए थे। उन्हीं के साथ समीर भी था। बता दें कि महीना भर में गंगाघाट पर राजस्थान, एटा, हाथरस और कासगंज निवासी 16 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। दो दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को बचाया भी जा चुका है।