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Budaun News: गंगा एक्सप्रेसवे की चार जगहों पर सुरक्षा दीवार टूटी, जानवर करा रहे दुर्घटनाएं
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दातागंज क्षेत्र में डहरपुर इंटरचेंज के पास टूटी एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार। संवाद
बदायूं/दातागंज। गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई है। दातागंज क्षेत्र के डहरपुर इंटरचेंज के आसपास सबसे ज्यादा हालात खराब है। यहां ब्रह्मदेव मंदिर से डहरपुर इंटरचेंज जाने वाले संपर्क मार्ग पर दो किमी के दायरे में चार जगहों से सुरक्षा दीवार टूटी हुई है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) की अनदेखी से इस क्षेत्र में कुत्ता व अन्य जानवर आसानी से एक्सप्रेसवे तक पहुंच जा रहे हैं। यही वजह है कि रात में एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ रहे हैं। पिछले सात दिन में एक्सप्रेसवे पर जानवरों से टक्कर होने की वजह से दो कारों के पलटने की वजह से दो परिवारों में चार मौतें हो गईं।
जनपद की सीमा में करीब 92 किमी में गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। जिले में एक्सप्रेसवे के तीन इंटरचेंज, वजीरगंज क्षेत्र में वनकोटा, दातागंज क्षेत्र में डहरपुर और बिनावर क्षेत्र में घटपुरी पर बने हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार. गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब पांच महीने में 25 से अधिक हादसों में 17 लोगों की जान जा चुकी है।
इसमें कई हादसे जानवरों के आने तो कई अनियंत्रित स्पीड की वजह से हुए। यूपीडा न ही कार्यदायी संस्था ही एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यातायात को लेकर गंभीर है। इस संबंध में एक्सप्रेसवे के डहरपुर इंटरचेंज पर तैनात अधिकारी राकेश ने बताया कि सुरक्षा दीवार को गांव वाले तोड़ देते हैं। दीवार की मरम्मत और देखरेख का कार्य दूसरी टीम देख रही है।
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कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का भी यही कहना है कि ग्रामीण दीवार तोड़ देते है, जिस कारण यह समस्या बनी है। वहीं, मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे पर बिनावर इंटरचेंज से टोल प्लाजा तक तो लाइटें लगी हैं, लेकिन टोल के बाद प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्ग पर रात में अंधेरा रहता है। हाईवे पर चढ़ने के बाद करीब एक किमी से पहले कोई लाइट नहीं है।
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जहां-जहां सुरक्षा दीवार टूटने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलती है, वहां कार्यदायी संस्था को निर्देशित कर मरम्मत कार्य कराया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए एक्सप्रेसवे पर एक अधिकारी नियुक्त हैं। - सुनंत कुमार सुमन, पीडी, यूपीडा
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गंगा एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह धंसी सड़क की हुई मरम्मत
वजीरंगज। वनकोटा इंटरचेंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर कई जगह सड़क धंसने की शिकायतें सामने आई थीं। बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह बैठ गई थी, जिससे वाहन चालकों को झटके लग रहे थे। निर्माण एजेंसी ने धंसी हुई सड़कों की मरम्मत करा दी है। गड्ढों को भरकर समतल कर दिया गया है।
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केस-1
- गंगा एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 221 के पास मंगलवार रात जानवर से टकराकर थार पलटने में वाराणसी निवासी कुसुम मिश्रा और उनके पुत्र शुभम मिश्रा की मौत हो गई, जबकि उनका एक बेटा शिवम और भाई सचिन मिश्रा घायल हो गए थे।
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केस-2
21 अक्तूबर की रात बदायूं-शाहजहांपुर सीमा पर गंगा एक्सप्रेसवे पर जानवर आने की वजह से कार पलटने से होटल कारोबारी व उनकी पुत्री की मौत हो गई थी, जबकि अरविंद की पत्नी, बेटा व बहन और भांजी घायल हो गए थे।
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जनपद की सीमा में करीब 92 किमी में गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। जिले में एक्सप्रेसवे के तीन इंटरचेंज, वजीरगंज क्षेत्र में वनकोटा, दातागंज क्षेत्र में डहरपुर और बिनावर क्षेत्र में घटपुरी पर बने हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार. गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब पांच महीने में 25 से अधिक हादसों में 17 लोगों की जान जा चुकी है।
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इसमें कई हादसे जानवरों के आने तो कई अनियंत्रित स्पीड की वजह से हुए। यूपीडा न ही कार्यदायी संस्था ही एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यातायात को लेकर गंभीर है। इस संबंध में एक्सप्रेसवे के डहरपुर इंटरचेंज पर तैनात अधिकारी राकेश ने बताया कि सुरक्षा दीवार को गांव वाले तोड़ देते हैं। दीवार की मरम्मत और देखरेख का कार्य दूसरी टीम देख रही है।
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कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का भी यही कहना है कि ग्रामीण दीवार तोड़ देते है, जिस कारण यह समस्या बनी है। वहीं, मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे पर बिनावर इंटरचेंज से टोल प्लाजा तक तो लाइटें लगी हैं, लेकिन टोल के बाद प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्ग पर रात में अंधेरा रहता है। हाईवे पर चढ़ने के बाद करीब एक किमी से पहले कोई लाइट नहीं है।
जहां-जहां सुरक्षा दीवार टूटने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलती है, वहां कार्यदायी संस्था को निर्देशित कर मरम्मत कार्य कराया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए एक्सप्रेसवे पर एक अधिकारी नियुक्त हैं। - सुनंत कुमार सुमन, पीडी, यूपीडा
गंगा एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह धंसी सड़क की हुई मरम्मत
वजीरंगज। वनकोटा इंटरचेंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर कई जगह सड़क धंसने की शिकायतें सामने आई थीं। बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह बैठ गई थी, जिससे वाहन चालकों को झटके लग रहे थे। निर्माण एजेंसी ने धंसी हुई सड़कों की मरम्मत करा दी है। गड्ढों को भरकर समतल कर दिया गया है।
केस-1
- गंगा एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 221 के पास मंगलवार रात जानवर से टकराकर थार पलटने में वाराणसी निवासी कुसुम मिश्रा और उनके पुत्र शुभम मिश्रा की मौत हो गई, जबकि उनका एक बेटा शिवम और भाई सचिन मिश्रा घायल हो गए थे।
केस-2
21 अक्तूबर की रात बदायूं-शाहजहांपुर सीमा पर गंगा एक्सप्रेसवे पर जानवर आने की वजह से कार पलटने से होटल कारोबारी व उनकी पुत्री की मौत हो गई थी, जबकि अरविंद की पत्नी, बेटा व बहन और भांजी घायल हो गए थे।

दातागंज क्षेत्र में डहरपुर इंटरचेंज के पास टूटी एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार। संवाद

दातागंज क्षेत्र में डहरपुर इंटरचेंज के पास टूटी एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार। संवाद

दातागंज क्षेत्र में डहरपुर इंटरचेंज के पास टूटी एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार। संवाद