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Budaun News: गर्मी में खुजली, दाद और फंगल संक्रमण के मरीज बढ़े
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जिला अस्पताल में डॉक्टर कक्ष के बाहर खड़े मरीज। संवाद
- फोटो : मोनिका कुमारी
बदायूं। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस भरे मौसम का असर अब लोगों की त्वचा पर भी दिखाई देने लगा है। चिलचिलाती धूप, अत्यधिक पसीना और धूल-मिट्टी के कारण त्वचा रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से 110 मरीज खुजली, दाद, फंगल संक्रमण, त्वचा पर लाल चकत्ते और एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. स्वतंत्र पाल सिंह के अनुसार, गर्मी के मौसम में अधिक पसीना आने और त्वचा के लंबे समय तक नम रहने से बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। बच्चों में स्थिति और अधिक गंभीर है। डायपर पहनने वाले बच्चों की त्वचा पर रैशेज, लालिमा और जलन की समस्या बढ़ जाती है। कई अभिभावक बच्चों को लेकर इसी समस्या का इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
वहीं खेतों, बाजारों और खुले वातावरण में काम करने वाले लोगों में भी त्वचा संबंधी रोगों के मामले बढ़े हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीपाल का कहना है कि पिछले कुछ दिन में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा के साथ साफ-सफाई रखने, सूती कपड़े पहनने और शरीर को सूखा रखने की सलाह दी जा रही है।
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डॉक्टर की सलाह
दिन में दो से तीन बार साफ पानी से स्नान करें। सूती और ढीले कपड़े पहनें। अधिक पसीना होने पर कपड़े तुरंत बदल लें। बच्चों के डायपर समय-समय पर बदलते रहें। संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या कपड़ा साझा न करें। त्वचा पर खुजली या दाद होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
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जिला अस्पताल के डॉ. स्वतंत्र पाल सिंह के अनुसार, गर्मी के मौसम में अधिक पसीना आने और त्वचा के लंबे समय तक नम रहने से बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। बच्चों में स्थिति और अधिक गंभीर है। डायपर पहनने वाले बच्चों की त्वचा पर रैशेज, लालिमा और जलन की समस्या बढ़ जाती है। कई अभिभावक बच्चों को लेकर इसी समस्या का इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
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वहीं खेतों, बाजारों और खुले वातावरण में काम करने वाले लोगों में भी त्वचा संबंधी रोगों के मामले बढ़े हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीपाल का कहना है कि पिछले कुछ दिन में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा के साथ साफ-सफाई रखने, सूती कपड़े पहनने और शरीर को सूखा रखने की सलाह दी जा रही है।
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डॉक्टर की सलाह
दिन में दो से तीन बार साफ पानी से स्नान करें। सूती और ढीले कपड़े पहनें। अधिक पसीना होने पर कपड़े तुरंत बदल लें। बच्चों के डायपर समय-समय पर बदलते रहें। संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या कपड़ा साझा न करें। त्वचा पर खुजली या दाद होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।