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न्याय को भटक रही रिटायर्ड  दरोगा की सताई अबला

Wed, 10 Aug 2016 11:45 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Wed, 10 Aug 2016 11:45 PM IST
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खेत पर किया कब्जा आदेशों के बाद भी नहीं हट रहा
मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक कई बार की गईं शिकायतें

 एक महिला स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी फरियाद करती फिर रही है, लेकिन उसे आश्वासन के सिवाय अभी तक कुछ नहीं मिला है। रिटायर्ड दरोगा द्वारा का उसके खेत पर कब्जा बरकरार है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने की जांच में रिटायर्ड दरोगा का कब्जा पाया है, लेकिन उसका खेत कब्जा मुक्त तब भी नहीं हुआ है। ऐसे में अब शिकायत कर्ता ने डीएम से सवाल किया है कि क्या यह सच नहीं है कि रिटायर्ड दरोगा ने उसके खेत पर कब्जा किया? अगर, ऐसा है तो क्यों नहीं हट पा रहा है? 
थाना उसावां के गांव नवीगंज निवासिनी सुषमा चौहान स्थानीय अधिकारियों से लेकर लखनऊ के तमाम अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक शिकायतें कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान लेकर कार्रवाई तक के निर्देश जारी किए हैं। इस पर कई जांच हुईं। एडीएम प्रशासन की शिकायत तक में आरोपी रिटायर्ड दरोगा का कब्जा मिला। मौके पर उन्होंने इस दरोगा को डांटा-फटकारा भी था। कब्जा फिर भी नहीं हटा। 
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अब सुषमा ने एसडीएम दातागंज पर आरोप लगाया है कि उनकी साठगांठ से कब्जा हुआ है। अब उसके बटाईदारों को भगाने, ब्लेड बाड़ लगाने, नलकूप कोठरी तोड़ देने, फर्जी तौर पर हस्ताक्षर कर जमीन की खरीद 10 रुपये के स्टांप पर लिखवा लेने जैसी हरकत की जा चुकी हैं। इस संबंध में दर्जनों शिकायत के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा है। पीड़िता ने बताया एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, जिला राजस्व अधिकारी बी प्रसाद और तहसीलदार आदि अधिकारियों की रिपोर्ट उसके पक्ष में रही है। शिकायत कर्ता ने आशंका जताई है कोई राजनेता या बड़ा पुलिस अधिकारी के दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि कमिश्रर ने भी उसके खेत का कब्जा मुक्त कराए जाने के आदेश किए हैं। 
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सुरक्षा की लगाई गुहार 
बदायूं। पीड़िता सुषमा चौहान ने कहा है कि एसएसपी और थाना प्रभारी उसकी सुरक्षा सुनिश्चित कराएं, क्योंकि उसका जीवन खतरे में है। कभी भी उनके साथ घटना घट सकती है। वह बुरी तरह से आतंकित और उत्पीड़ित है। पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज किया है, लेकिन विवेचक ने उसमें एफआर लगा दी है। 
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