{"_id":"6653c20e57701e40f1025be6","slug":"responsible-not-alert-youth-improved-the-field-with-their-hard-work-badaun-news-c-4-bly1048-408743-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: जिम्मेदार नहीं चेते... युवाओं ने अपनी मेहनत से संवारा मैदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: जिम्मेदार नहीं चेते... युवाओं ने अपनी मेहनत से संवारा मैदान
Mon, 27 May 2024 04:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 27 May 2024 04:43 AM IST
विज्ञापन
प्रशांत कश्यप। युवा
दहगवां। नगर पंचायत की 15 हजार की आबादी है, लेकिन एक भी खेल मैदान नहीं है। वहीं, कोई पार्क भी विकसित नहीं किया गया है। ऐसे में युवा न खेल प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर पा रहे हैं और न ही पुलिस व आर्मी की भर्ती के लिए तैयारी कर पा रहे हैं।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने 2014-2019 के बीच अपने कार्यकाल में दुर्गपुर जरीफनगर गांव को गोद लिया था। तब युवाओं की मांग पर उन्होंने खेल मैदान विकसित करने का वायदा किया था। जमीन चिह्नित हुई, लेकिन काम नहीं हुआ। अब युवाओं ने खुद की मेहनत से मैदान को संवारा है। भूमि को समतल करके दौड़ के लिए 400 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है।
समसपुर कुवरी निवासी पप्पू यादव ने श्रमदान से मैदान संवारने की पहल की थी। कई और युवा भी जुड़े। अब आसपास के तमाम युवा यहां हर रोज तैयारी करने के लिए आने लगे। मैदान में तैयारी करके हर वर्ष दो से तीन युवा पुलिस और सेना में भर्ती हो रहे हैं। अगर, प्रशासन मैदान का सौंदर्यीकरण कराए तो युवाओं को जरूरी खेल सुविधाएं मिल जाएंगी।
विज्ञापन
पप्पू यादव का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई युवक और युवतियां सेना और पुलिस में कॅरियर बनाना चाहते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वह आगे नहीं बढ़ पाते। वह युवाओं को जागरूक करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा खेल का मैदान तो छोड़ रखा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी हैं। साल 2015 में क्षेत्र के युवा सड़क पर दौड़ लगाते थे। कई युवा हादसे का शिकार होते-होते बच गए। इसके बाद मैदान को ट्रैक्टर से समतल कराने का काम किया। युवा इसी मैदान में बिना सुविधा के ही तैयारी करते आ रहे हैं।
मेहनत युवाओं की है, जो ट्रैक बन गया लेकिन बाकी काम अधूरा है। मैदान में कई हिस्सों में घास ही घास है। शारीरिक अभ्यास के लिए कोई मशीनरी सपोर्ट नहीं है। सुविधाएं मिलें तो युवा अच्छे से तैयारी कर सकते हैं। यश वार्ष्णेय , युवा
मैदान में ट्रैक काम चलाऊ है। युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। युवाओं ने खुद ही पानी पीने को नल की व्यवस्था की है। जिससे यहां युवा प्यास बुझाते आ रहे हैं। प्रशांत कश्यप, युवा
दहगवां मेरा अपना कस्बा है। अगर कस्बे के आसपास भी किसी ग्राम पंचायत में जमीन मिल जाती है तो उसे किसी न किसी योजना में मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित कराने की पैरवी करूंगा क्योंकि इससे युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
महेश गुप्ता, सदर विधायक
खेल का मैदान कोई नहीं है। एक पार्क निर्माणाधीन है जो एक माह में पूर्ण हो जाएगा। युवाओं के साथ हर उम्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। -राजेश वर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत
विज्ञापन
पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने 2014-2019 के बीच अपने कार्यकाल में दुर्गपुर जरीफनगर गांव को गोद लिया था। तब युवाओं की मांग पर उन्होंने खेल मैदान विकसित करने का वायदा किया था। जमीन चिह्नित हुई, लेकिन काम नहीं हुआ। अब युवाओं ने खुद की मेहनत से मैदान को संवारा है। भूमि को समतल करके दौड़ के लिए 400 मीटर का ट्रैक तैयार किया गया है।
विज्ञापन
समसपुर कुवरी निवासी पप्पू यादव ने श्रमदान से मैदान संवारने की पहल की थी। कई और युवा भी जुड़े। अब आसपास के तमाम युवा यहां हर रोज तैयारी करने के लिए आने लगे। मैदान में तैयारी करके हर वर्ष दो से तीन युवा पुलिस और सेना में भर्ती हो रहे हैं। अगर, प्रशासन मैदान का सौंदर्यीकरण कराए तो युवाओं को जरूरी खेल सुविधाएं मिल जाएंगी।
विज्ञापन
पप्पू यादव का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई युवक और युवतियां सेना और पुलिस में कॅरियर बनाना चाहते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वह आगे नहीं बढ़ पाते। वह युवाओं को जागरूक करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा खेल का मैदान तो छोड़ रखा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी हैं। साल 2015 में क्षेत्र के युवा सड़क पर दौड़ लगाते थे। कई युवा हादसे का शिकार होते-होते बच गए। इसके बाद मैदान को ट्रैक्टर से समतल कराने का काम किया। युवा इसी मैदान में बिना सुविधा के ही तैयारी करते आ रहे हैं।
मेहनत युवाओं की है, जो ट्रैक बन गया लेकिन बाकी काम अधूरा है। मैदान में कई हिस्सों में घास ही घास है। शारीरिक अभ्यास के लिए कोई मशीनरी सपोर्ट नहीं है। सुविधाएं मिलें तो युवा अच्छे से तैयारी कर सकते हैं। यश वार्ष्णेय , युवा
मैदान में ट्रैक काम चलाऊ है। युवा अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। युवाओं ने खुद ही पानी पीने को नल की व्यवस्था की है। जिससे यहां युवा प्यास बुझाते आ रहे हैं। प्रशांत कश्यप, युवा
दहगवां मेरा अपना कस्बा है। अगर कस्बे के आसपास भी किसी ग्राम पंचायत में जमीन मिल जाती है तो उसे किसी न किसी योजना में मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित कराने की पैरवी करूंगा क्योंकि इससे युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
महेश गुप्ता, सदर विधायक
खेल का मैदान कोई नहीं है। एक पार्क निर्माणाधीन है जो एक माह में पूर्ण हो जाएगा। युवाओं के साथ हर उम्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। -राजेश वर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत

प्रशांत कश्यप। युवा

प्रशांत कश्यप। युवा

प्रशांत कश्यप। युवा

प्रशांत कश्यप। युवा