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कर्ज माफी के लिए शासन ने मांगे किसानों के नाम
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं
Updated Wed, 12 Apr 2017 11:45 PM IST
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तैयार की जा रहीं सूचियां।
- फोटो : अमर उजाला
कर्ज माफी के लिए शासन
ने मांगे किसानों के नाम
सहकारिता विभाग में तैयार की जाने लगी रिपोर्ट
लघु और सीमांत किसानों का एक लाख तक का फसली ऋण माफ किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने प्रशासन और बैंक से जुड़े अधिकारियों से किसानों का ब्यौरा मांगा है। शासन ने सहकारिता विभाग से 31 मार्च 2016 से पहले किसानों की ओर से लिए गए फसली ऋण का ब्यौरा भी मांगा है। इसके लिए सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने शासन को तीन दिन के अंदर रिपार्ट भेजने के लिए तैयारियां तेज कर दी है।
जिले में सभी बैंको के 189317 किसानों ने फसली ऋण हासिल किया है। इनमें किसानों के एक लाख रुपये तक का ऋण माफ होने की उम्मीद है। इसमें सहकारिता विभाग के लगभग 35 हजार किसान भी शामिल हैं। इन किसानों पर सहकारिता का लगभग 80 करोड़ रुपये बकाया है। इसके लिए सरकार के आदेश पर सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने एक लाख तक के ऋणी किसानों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। सहकारिता विभाग में कर्मचारी किसानों की सूची बनाने में लगे हुए है। एआर सहकारिता अंबिका प्रसाद यादव ने बताया है कि शासन ने 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण लेने वाले किसानों की रिपोर्ट मांगी है, जो दो-तीन दिन बाद शासन को सूची तैयार करा कर भेज दी जाएगी।
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ने मांगे किसानों के नाम
सहकारिता विभाग में तैयार की जाने लगी रिपोर्ट
लघु और सीमांत किसानों का एक लाख तक का फसली ऋण माफ किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार ने प्रशासन और बैंक से जुड़े अधिकारियों से किसानों का ब्यौरा मांगा है। शासन ने सहकारिता विभाग से 31 मार्च 2016 से पहले किसानों की ओर से लिए गए फसली ऋण का ब्यौरा भी मांगा है। इसके लिए सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने शासन को तीन दिन के अंदर रिपार्ट भेजने के लिए तैयारियां तेज कर दी है।
जिले में सभी बैंको के 189317 किसानों ने फसली ऋण हासिल किया है। इनमें किसानों के एक लाख रुपये तक का ऋण माफ होने की उम्मीद है। इसमें सहकारिता विभाग के लगभग 35 हजार किसान भी शामिल हैं। इन किसानों पर सहकारिता का लगभग 80 करोड़ रुपये बकाया है। इसके लिए सरकार के आदेश पर सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने एक लाख तक के ऋणी किसानों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। सहकारिता विभाग में कर्मचारी किसानों की सूची बनाने में लगे हुए है। एआर सहकारिता अंबिका प्रसाद यादव ने बताया है कि शासन ने 31 मार्च 2016 से पहले फसली ऋण लेने वाले किसानों की रिपोर्ट मांगी है, जो दो-तीन दिन बाद शासन को सूची तैयार करा कर भेज दी जाएगी।
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