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Budaun News: मारपीट करने तक से नहीं चूकते रिकवरी एजेंट
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पीडीएफ।
उझानी क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर बना रखे हैं चार प्वाइंट
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। कछला निवासी समाचार पत्र अभिकर्ता पवन कश्यप की कार को घेरने की कोशिश और नाकाम होने पर तमंचा दिखाने के आरोपी रिकवरी एजेंटों का जाल काफी मजबूत है। वह वाहन एजेंसियों से टूटी हुई किस्त वाली गाड़ियों के नंबर निकाल लेते हैं और फिर सड़क पर दबंगई करते हैं। यह मारपीट करने से भी नहीं चूकते।
बरेली-मथुरा हाईवे पर जजपुरा से लेकर कछला तक चार प्रमुख प्वाइंट पर रिकवरी एजेंट खड़े देखे जा सकते हैं। पुलिस भी इनकी दबंगई से वाकिफ है, लेकिन खामोश रहती है। कछला निवासी पवन कश्यप के मामले में भी ऐसा ही सामने आया। पवन ने बताया कि कोई भी फाइनेंस कंपनी खासकर रात में अपने एजेंटों के जरिये वाहन रोकने की इजाजत नहीं देती।
एक-दो किस्त टूट जाने के बाद कंपनी अपनी ओर से बकायेदार वाहन मालिक को नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकती है या फिर बकाया जमा करने के लिए सूचित करती है।
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दरअसल, दबंग रिकवरी एजेंटों ने वसूली का आक्रामक तरीका अख्तियार कर रखा है। वह फाइनेंसशुदा वाहन की डिटेल उसके रजिस्ट्रेशन नंबर से जुटा लेते हैं। किस्तें टूटने पर बकायेदार के पीछे लग जाते हैं।
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खुफिया तंत्र सक्रिय, कार मालिक से जुटाई जानकारी
हाईवे पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों की दबंगई का मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार पूर्वाह्न कछला निवासी पवन कश्यप से पुलिस ने फोन पर पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। कछला निवासी समाचार पत्र अभिकर्ता पवन कश्यप की कार को घेरने की कोशिश और नाकाम होने पर तमंचा दिखाने के आरोपी रिकवरी एजेंटों का जाल काफी मजबूत है। वह वाहन एजेंसियों से टूटी हुई किस्त वाली गाड़ियों के नंबर निकाल लेते हैं और फिर सड़क पर दबंगई करते हैं। यह मारपीट करने से भी नहीं चूकते।
बरेली-मथुरा हाईवे पर जजपुरा से लेकर कछला तक चार प्रमुख प्वाइंट पर रिकवरी एजेंट खड़े देखे जा सकते हैं। पुलिस भी इनकी दबंगई से वाकिफ है, लेकिन खामोश रहती है। कछला निवासी पवन कश्यप के मामले में भी ऐसा ही सामने आया। पवन ने बताया कि कोई भी फाइनेंस कंपनी खासकर रात में अपने एजेंटों के जरिये वाहन रोकने की इजाजत नहीं देती।
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एक-दो किस्त टूट जाने के बाद कंपनी अपनी ओर से बकायेदार वाहन मालिक को नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकती है या फिर बकाया जमा करने के लिए सूचित करती है।
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दरअसल, दबंग रिकवरी एजेंटों ने वसूली का आक्रामक तरीका अख्तियार कर रखा है। वह फाइनेंसशुदा वाहन की डिटेल उसके रजिस्ट्रेशन नंबर से जुटा लेते हैं। किस्तें टूटने पर बकायेदार के पीछे लग जाते हैं।
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खुफिया तंत्र सक्रिय, कार मालिक से जुटाई जानकारी
हाईवे पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों की दबंगई का मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार पूर्वाह्न कछला निवासी पवन कश्यप से पुलिस ने फोन पर पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी की।