फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Rain washes away the hopes of capsicum growers

Budaun News: बारिश में बहे शिमला मिर्च उत्पादकों के अरमान

Thu, 01 Oct 2026 02:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
Rain washes away the hopes of capsicum growers
​शिमला मिर्च की फसल। संवाद
उझानी। लगातार हुई बारिश ने इस बार शिमला मिर्च उत्पादकों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कृषि वैज्ञानिकों ने नुकसान के आकलन के लिए सर्वे किया तो चौकाने वाली स्थिति सामने आई। करीब 60 फीसदी तक नुकसान के अनुमान के बीच उत्पादकों को इस बार लागत निकाल पाना भी मुश्किल होने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन

शिमला मिर्च का बदायूं जिले में 620 हेक्टेयर रकबा है। इसमें सर्वाधिक रकबा उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव मिहौना, रिसौली, गढ़ी, किनापुर, पृथ्वीनगला, भिलौलिया, रौली, जमरौली आदि से जुड़ा है। बारिश के बाद कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. मनीष कुमार सिंह और जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने अपनी टीम के साथ सर्वे किया तो बारिश से करीब 60 फीसदी (करीब चार सौ हेक्टेयर) तक नुकसान सामने आया।
विज्ञापन

बता दें कि पौधा लगाने के बाद शिमला मिर्च की फसल करीब 45 दिन में तैयार हो जाती है। बाद में दो-तीन बार उत्पादन लिया जा सकता है। इससे पहले पौध तैयार करने में करीब एक महीना लगता है। शिमला मिर्च पर प्रति बीघा करीब 18 हजार रुपये लागत आने का अनुमान है। नुकसान के बाद इस बार उत्पादकों को लागत निकाल पाना मुश्किल हो सकता है। लागत उसी स्थिति में निकल सकती है, जब थोक चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास मिले। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

--

फूल गोभी की फसल भी आई चपेट में, नुकसान ज्यादा
कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में फूल गोभी का रकबा 450 हेक्टेयर में है। बारिश ने फूल गोभी को करीब 70 फीसदी तक नुकसान पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में फफूंदी भी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। सर्वे के दौरान बरामालदेव के किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों को बताया कि सब्जी उत्पादन की ओर बढ़ा उनका रुझान इस बार काफी नुकसानदायक साबित होगा। वैज्ञानिकों ने फफूंदी से बचाव के लिए किसानों को समय रहते फफूंदीनाशक मैनकोजेब का छिड़काव करने की सलाह दी है।
--

शिमला मिर्च ने बिगाड़ेगी खेती का बजट

शिमला मिर्च की खेती करने वालों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले इस बार इजाफा हुआ है। पौध तैयार करने से लेकर पौधरोपने तक पर



बारिश की वजह से फूल गोभी और शिमला मिर्च को नुकसान खेतों में पानी भर जाने की वजह से हुआ है। सर्वे में नुकसान की स्थिति काफी हद तक साफ हो चुकी है। फूल गोभी में नुकसान कम करने के लिए फफूंदीनाशक का इस्तेमाल करना आवश्यक है। इससे काफी हद तक भरपाई हो सकती है।- डॉ. मनीष कुमार सिंह, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र
---
शीघ्र मुआवजे की उठाई मांग

बदायूं। कई दिनों तक हुई बारिश से किसानों की धान, बाजरा एवं गन्ने सहित विभिन्न फसलें प्रभावित हुई हैं। गंभीर स्थिति को देखते हुए सदस्य विधान परिषद (एमएलसी) वागीश पाठक ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने तथा पात्र किसानों को शीघ्र क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग की है।

उसावां। क्षेत्र में लगातार तीन दिन हुई बारिश से खेतों में खड़ी धान, उर्द, बाजरे व मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उसावां निवासी भाजपा बूथ अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में राजस्व विभाग व कृषि विभाग से सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। संवाद

शिमला मिर्च की फसल। संवाद

शिमला मिर्च की फसल। संवाद

शिमला मिर्च की फसल। संवाद

शिमला मिर्च की फसल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed