{"_id":"62c099f44e82143dab5cf944","slug":"rain-badaun-news-bly490179389","type":"story","status":"publish","title_hn":"महीनों से हो रही थी नालों की सफाई, मामूली बारिश में पोल खुली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महीनों से हो रही थी नालों की सफाई, मामूली बारिश में पोल खुली
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सुभाष चौक से नई सराय चौकी की ओर जाने वाले सड़क पर हुआ जल भराव। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। मानसून सक्रिय होने के साथ नगर पालिका के झूठे दावे भी सामने आने लगे हैं। शनिवार को दोपहर बाद सिर्फ आधा घंटे की बारिश से शहर में प्रमुख स्थानों पर नाले चोक होने के कारण सड़कें पानी से लबालब हो गईं। घंटों जलभराव की स्थिति बनी रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर आई नाले और नालियों की कीचड़ ने दुश्वारियों को और भी बढ़ा दिया।
बुधवार से मौसम ने करवट ली थी। बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत रिमझिम बूंदाबांदी के साथ हुई। शुक्रवार को दिन भर बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। शनिवार को भी दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई, लेकिन दोपहर होने से पहले धूप भी खिल गई। दोपहर होने के साथ ही आसमान में घनी काली घटाएं छाने के साथ तेज हवा का दौर शुरू हो गया। तीन बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। सिर्फ 35 से 40 मिनट की बारिश ने नगर पालिका के झूठे दावों की पोल खोल दी। चोक नाले उफना गए और पानी सड़कों पर आ गया। शहर के प्रमुख इलाके जलभराव से लबालब हो गए।
शहर में सुभाष चौक, नई सराय, पटियाली सराय, आर्य समाज चौक, तोताराम मार्केट, छह सड़का, पनबड़िया, गांधी ग्राउंड सकरी रोड, टिकटगंज आदि इलाकों में जलभराव हो गया। देर शाम तक सड़कों पर पानी भरा रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नाला सफाई के नाम पर एक महीने से चल रहा है ड्रामा
जिम्मेदारों के साथ आम लोगों को भी पता था कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय हो जाएगा। नगर पालिका ने नाले और नालियों की सफाई के नाम पर करीब एक महीने पहले पालिका का ड्रामा शुरू हो गया था। शहर में विशेष सफाई अभियान का भी दावा किया था, लेकिन नाले और नालियों के साथ सफाई के नाम पर भी सिर्फ खानापूरी की गई यह शनिवार को 35 से 40 मिनट की बारिश के दौरान साफ हो गया। जाहिर है कि अगर पहले से व्यवस्था बनाकर सही ढंग से नालों की सफाई कराई गई होती तो लोगों को मामूली बारिश में इस तरह से जलभराव का सामना नहीं करना पड़ता।
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कमीशन वाले कामों पर ज्यादा ध्यान
नगर पालिका ऐसे कामों पर जयादा धन दे रही है जहां कमीशनखोरी से धन की कमाई होती है। एसके इंटर कॉलेज के सामने पहले पार्किंग बनाने के लिए पिलर लगाने के नाम पर बजट खपाया गया अब यहां चहारदीवारी के नाम पर बजट खपाया जा रहा है। इतना ही नहीं वन विभाग रोड के नाले पर बेवजह पटियां डलवाने का काम भी इन दिनों नगर पालिका कर रही है। वाटर वर्क्स रोड और शिवपुरम के नाला निर्माण के नाम पर भी मोटा बजट खपा दिया गया। इसके बाद भी शहर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।
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फोटो- 02बीडीएनबीएसएलवाई002
बदायूं रोड पर कई दुकानों में घुस गया बरसात का पानी
बिसौली। आधा घंटे की बरसात ने ही पालिका प्रशासन की कलई खोलकर रख दी। नगर के बदायूं रोड सहित कई मार्गों पर दुकानों में पानी भर गया।
सड़कों पर पानी भरने के पीछे नालों का चोक होना माना जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि पालिका प्रशासन के नालों की सफाई ठीक से न कराए जाने से ऐसी स्थिति पैदा हो रही है। ईओ नवनीत कुमार ने बताया कि नालों की सफाई के लिए ठेकेदार जिम्मेदार है। जल्द ही नालों की सफाई कराने के लिए ठेकेदार को कड़े दिशा निर्देश दिए जाएंगे। संवाद
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बुधवार से मौसम ने करवट ली थी। बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत रिमझिम बूंदाबांदी के साथ हुई। शुक्रवार को दिन भर बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। शनिवार को भी दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई, लेकिन दोपहर होने से पहले धूप भी खिल गई। दोपहर होने के साथ ही आसमान में घनी काली घटाएं छाने के साथ तेज हवा का दौर शुरू हो गया। तीन बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। सिर्फ 35 से 40 मिनट की बारिश ने नगर पालिका के झूठे दावों की पोल खोल दी। चोक नाले उफना गए और पानी सड़कों पर आ गया। शहर के प्रमुख इलाके जलभराव से लबालब हो गए।
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शहर में सुभाष चौक, नई सराय, पटियाली सराय, आर्य समाज चौक, तोताराम मार्केट, छह सड़का, पनबड़िया, गांधी ग्राउंड सकरी रोड, टिकटगंज आदि इलाकों में जलभराव हो गया। देर शाम तक सड़कों पर पानी भरा रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नाला सफाई के नाम पर एक महीने से चल रहा है ड्रामा
जिम्मेदारों के साथ आम लोगों को भी पता था कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय हो जाएगा। नगर पालिका ने नाले और नालियों की सफाई के नाम पर करीब एक महीने पहले पालिका का ड्रामा शुरू हो गया था। शहर में विशेष सफाई अभियान का भी दावा किया था, लेकिन नाले और नालियों के साथ सफाई के नाम पर भी सिर्फ खानापूरी की गई यह शनिवार को 35 से 40 मिनट की बारिश के दौरान साफ हो गया। जाहिर है कि अगर पहले से व्यवस्था बनाकर सही ढंग से नालों की सफाई कराई गई होती तो लोगों को मामूली बारिश में इस तरह से जलभराव का सामना नहीं करना पड़ता।
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कमीशन वाले कामों पर ज्यादा ध्यान
नगर पालिका ऐसे कामों पर जयादा धन दे रही है जहां कमीशनखोरी से धन की कमाई होती है। एसके इंटर कॉलेज के सामने पहले पार्किंग बनाने के लिए पिलर लगाने के नाम पर बजट खपाया गया अब यहां चहारदीवारी के नाम पर बजट खपाया जा रहा है। इतना ही नहीं वन विभाग रोड के नाले पर बेवजह पटियां डलवाने का काम भी इन दिनों नगर पालिका कर रही है। वाटर वर्क्स रोड और शिवपुरम के नाला निर्माण के नाम पर भी मोटा बजट खपा दिया गया। इसके बाद भी शहर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।
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फोटो- 02बीडीएनबीएसएलवाई002
बदायूं रोड पर कई दुकानों में घुस गया बरसात का पानी
बिसौली। आधा घंटे की बरसात ने ही पालिका प्रशासन की कलई खोलकर रख दी। नगर के बदायूं रोड सहित कई मार्गों पर दुकानों में पानी भर गया।
सड़कों पर पानी भरने के पीछे नालों का चोक होना माना जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि पालिका प्रशासन के नालों की सफाई ठीक से न कराए जाने से ऐसी स्थिति पैदा हो रही है। ईओ नवनीत कुमार ने बताया कि नालों की सफाई के लिए ठेकेदार जिम्मेदार है। जल्द ही नालों की सफाई कराने के लिए ठेकेदार को कड़े दिशा निर्देश दिए जाएंगे। संवाद