फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Following the strictness of the CM office the Health Department Alerted and camps in Bibipur village

Budaun News: सीएम कार्यालय की सख्ती के बाद अलर्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग, बीबीपुर गांव में लगाए शिविर

Sat, 22 Aug 2026 11:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2026 11:29 AM IST
सार

बदायूं जिले के बीबीपुर गांव में डेंगू-मलेरिया के मरीज मिलने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की 15 टीमें गांव पहुंची और दो शिविर लगाए। 128 मरीजों की जांच में 98 को बुखार मिला। दो मरीज डेंगू संदिग्ध पाए गए, जिनकी एलाइजा जांच होगी। 

विज्ञापन
Following the strictness of the CM office the Health Department Alerted and camps in Bibipur village
गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

विस्तार

बदायूं के जगत ब्लॉक के बीबीपुर गांव में डेंगू-मलेरिया फैलने की प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से विभागीय अधिकारियों की फटकार लगाई गई। इसके बाद शुक्रवार को जिलास्तर से 15 स्वास्थ्य टीमें गांव में पहुंचीं और दो स्वास्थ्य शिविर लगाए। शिविरों में 128 मरीजों की जांच की गई। इसमें 98 ग्रामीण बुखार से पीड़ित मिले। इसके बाद इनकी मलेरिया और डेंगू जांच की गई, जिसमें किट से जांच में दो मरीज डेंगू संदिग्ध मिले। दोनों की एलाइजा जांच कराकर डेंगू की पुष्टि की जाएगी।  

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दो दिन पहले गांव में 21 डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले थे। इसके बाद अभी तक सरकारी जांच में डेंगू का कोई नया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला। शुक्रवार को दो मरीज डेंगू संदिग्ध मिलने के बाद उन्हें एलाइजा जांच के लिए भेजने की तैयारी की गई है। ऐसे में गांव में फैले बुखार की वास्तविक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं गांव में सरकारी और निजी जांच रिपोर्ट के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दो दिन से डेंगू का कोई पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार- निजी पैथोलॉजी में लगातार डेंगू और मलेरिया की पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही हैं। गांव के कई लोग बरेली, बदायूं के निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

मंडलीय टीम ने की 166 घरों की जांच, फिर भी लार्वा पर लगाम नहीं 
ग्रामीण मोहन के मुताबिक, गांव में 60 से अधिक परिवारों के लोग बुखार से परेशान हैं। बरेली से आई मंडलीय एंटीलॉलोजिस्ट अधिकारी डॉ. अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बीबीपुर गांव में 166 घरों की जांच की। जांच के दौरान 10 घरों में लार्वा मिला। 334 ड्रमों की जांच की। इसमें 18 में लार्वा मिला, जो बृहस्पतिवार की अपेक्षा कम है। 

बृहस्पतिवार को 167 घरों की जांच की थी, तब 25 घरों में लार्वा मिला था। वहीं 455 ड्रम में से 65 में लार्वा मिला था।  डॉ. अखिलेश्वर ने बताया कि डेंगू के तीन मरीज उन्हें ऐसे मिले जो निजी अस्पताल में भर्ती थे। उनका यह कहना है कि 500 की आबादी में 91 लोग बुखार से पीड़ित हैं। इस गांव को आउट ब्रेक नाम दिया है। इसमें अचानक डेंगू के हमले की बात सामने आना बताया गया है।  हालांकि लगातार गांव में लार्वा मिलना मच्छररोधी अभियान की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है। 

गांव में सफाई के लिए कांग्रेसी आज से देंगे धरना 
बदायूं। डेंगू-मलेरिया प्रभावित बीबीपुर गांव में शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया और बीमारों का हाल जाना। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि हर घर में मरीज हैं, 150 से अधिक लोग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। कर्ज और गहने बेचकर ग्रामीण अपना इलाज करा रहे हैं। जलनिकासी न होने से मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भरा है। बीबीपुर-फतेहपुर रास्ता बंद है, तालाब कूड़े से पटे हैं।  अजीत यादव ने शनिवार से गांव में धरने का ऐलान किया। इस दौरान दीपक मिश्रा, राजीव पटेल, प्रधान धीरेन्द्र सिंह मौजूद रहे। 

डॉक्टर व अधिकारियों सहित 40 ने गांव में डाला डेरा
शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. सनोज, जिला मलेरिया अधिकारी अमित तिवारी, डीसीपीएम अरविंद राणा, एमओआईसी जगत डॉ. असलम, बीपीएम मोहम्मद शाहबाज और बीसीपीएम मानवेंद्र सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीमों के साथ गांव में मौजूद रहे। डॉक्टर अधिकारियों की संख्या 40 रही। अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रधान धीरेंद्र यादव ने भी सहयोग किया।

सफाई के नाम पर भेजे सिर्फ 10 कर्मचारी
स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी फैलने के बाद 15 टीमें गांव में उतार दीं, वहीं सफाई व्यवस्था के लिए डीपीआरओ कार्यालय की ओर से सिर्फ 10 कर्मचारी ही भेजे गए। इतने बड़े गांव में सीमित कर्मचारियों से सफाई की औपचारिकता पूरी करने से गंदगी और जलभराव की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। ग्रामीण किशन, सोनू, विशाल का कहना है कि बीमारी के बीच केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर व्यापक सफाई अभियान की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed