फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Railway begins probe in track maintainer death case

जांच शुरू, एएसएम समेत 12 रेल कर्मियों से पूछताछ

Sat, 06 Jan 2018 12:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं Updated Sat, 06 Jan 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
Railway begins probe in track maintainer death case
दो ट्रैक मैन की मौत के बाद घटनास्‍थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पूर्वोत्तर रेलवे की बरेली-कासगंज लाइन पर मालगाड़ी से कटकर दो ट्रैक मेंटेनर की मौत के मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने सहायक स्टेशन मास्टर शशांक मिश्रा और लोको पायलट समेत 12 रेल कर्मियों को शुक्रवार को तलब कर लिया। तीन सदस्यीय कमेटी के सामने रेल कर्मियों ने हादसे को लेकर अपना बयान दर्ज कराया। पेट्रोलिंग कर्मियों से भी पूछताछ हुई।
विज्ञापन

जांच कमेटी के मुखिया रेलवे के सहायक मंडलीय इंजीनियर एके सिंह की ओर से बयान दर्ज कराने के लिए एएसएम शशांक मिश्रा, मालगाड़ी के लोको पायलट, सहायक पायलट, गार्ड समेत पेट्रोलिंग कर्मियों के लिए मुख्यालय पर आकर पेश होने का फरमान बृहस्पतिवार शाम को ही जारी कर दिया गया था। सुबह संबंधित रेल कर्मी बरेली मुख्यालय पर जांच कमेटी के सामने पेश हुए। गोशाला फाटक के गेटमैन, की-मैन समेत उन सभी कर्मियों से जांच कमेटी के सदस्यों ने पूछताछ की जो हादसे वाली रात ड्यूटी पर थे। पेट्रोलिंग कर्मियों में खुशीराम और विजय शंकर ने हादसे से पहले दिलीप कुमार और हसीब से कॉपियों के आदान-प्रदान करने की बात भी कही। गेटमैन से यह भी पूछा गया कि मालगाड़ी जिस समय गोशाला गेट से पास हुई तब हार्न बजाया गया था या नहीं। गेटमैन ने इसे लेकर जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष रख दिया। जांच कमेटी के सामने मालगाड़ी के गार्ड ने भी अपना बयान दर्ज कराया। जांच को लेकर एएसएम समेत रेलवे कर्मियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया लेकिन दो-तीन कर्मियों का कहना है कि उन्होंने हकीकात बयां कर दी है। बता दें कि पेट्रोलिंग कर्मियों समेत रेलवे कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने हादसे वाले दिन मौके पहुंचे एडीआरएम विनोद गुप्ता के सामने मालगाड़ी के लोको पायलट की शिकायत की। गुस्साए रेलवे कर्मियों का कहना था कि लोको पायलट ने हादसे के बाद भी न तो उझानी स्टेशन पर सूचना दी और न ही बदायूं स्टेशन अधीक्षक को अवगत कराया था। बृहस्पतिवार को गोशाला फाटक के पास मालगाड़ी से कटकर ट्रैक मेंटेनर गोंडा निवासी दिलीप कुमार और बरेली में इज्जतनगर क्षेत्र के हसीब की मौत हो गई थी। हादसे के बाद ही डीआरएम के आदेश पर रेलवे अफसरों की तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच सौंपी गई थी। 
विज्ञापन


पीडब्ल्यूआई की भूमिका पर उठे सवाल 
उझानी। ट्रैक की पेट्रोलिंग से जुड़े रेलवे कर्मचारी हादसे के बाद खासकर ड्यूटी को लेकर पीडब्ल्यूआई की भूमिका को लेकर अफसरों के सामने शिकायत कर चुके हैं। पेट्रोलिंग कर्मियों के साथ कर्मचारी यूनियन के नेताओं में विवेक मिश्रा ने भी पीडब्ल्यूआई को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। बयान दर्ज कराने के लिए जांच कमेटी के सामने पीडब्ल्यूआई भी पेश हुए। उन्होंने बचाव में अपना पक्ष रखा। इधर, कुछेक कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान मामूली सी बात पर भी पीडब्ल्यूआई लापरवाही बताकर कर्मचारियों को चार्जशीट थमाते रहे हैं। हसीब के साथ हादसे का शिकार बने मेंटेनर दिलीप कुमार को भी तीन महीना पहले चार्जशीट का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed