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Budaun News: प्रोजेक्ट अलंकार से संवर रही स्कूलों की सेहत
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बदायूं। शासन की प्रमुख योजना प्रोजेक्ट अलंकार से जिले के 39 राजकीय स्कूलों में स्वच्छ पेजयल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग क्लासरूम, खेल के मैदान, चहारदीवारी, गेट का निर्माण, मल्टीपरपज हॉल, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास लाइब्रेरी आदि से लैस किया जा रहा है। पहली किस्त से बाउंड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। दूसरी किस्त की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही स्कूलों में चल रहे निर्माण पूरे हो जाएंगे।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के दिन बहुर रहे हैं। शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयाें से प्रस्ताव 30 जून तक मांगे थे। राजकीय हाईस्कूल व इंटरमीडिएट सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इसके लिए जिले के 39 राजकीय विद्यालयों का चयन किया गया। सभी स्कूलों को पहली किस्त जारी हुई, जिससे बाउंड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। अन्य काम पूरा कराने के लिए दूसरी किस्त की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही रुपये मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरे किए जा सकेंगे।
दरअसल, सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं न होने से बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूल नहीं भेजते। शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चिह्नित विद्यालयों के भवनों की हालत सुधार कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी की जा रही है।
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राजकीय विद्यालयों में बढ़ेंगी सुविधाएं
राजकीय विद्यालयों में प्रमुख रूप से स्वच्छ पेजयल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग क्लासरूम, खेल के मैदान, चहारदीवारी, गेट का निर्माण, मल्टीपरपज हॉल, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास लाइब्रेरी, सोलर प्लांट की स्थापना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि सुविधाओं से लैस किया जाना है।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के 39 राजकीय विद्यालयों को बेहतर बनाया जा रहा है। पहली किस्त से बाउंड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। दूसरी किस्त की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही विद्यालयों को हाईटेक बना दिया जाएगा- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस
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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के दिन बहुर रहे हैं। शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयाें से प्रस्ताव 30 जून तक मांगे थे। राजकीय हाईस्कूल व इंटरमीडिएट सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इसके लिए जिले के 39 राजकीय विद्यालयों का चयन किया गया। सभी स्कूलों को पहली किस्त जारी हुई, जिससे बाउंड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। अन्य काम पूरा कराने के लिए दूसरी किस्त की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही रुपये मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरे किए जा सकेंगे।
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दरअसल, सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं न होने से बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूल नहीं भेजते। शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत चिह्नित विद्यालयों के भवनों की हालत सुधार कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी की जा रही है।
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राजकीय विद्यालयों में बढ़ेंगी सुविधाएं
राजकीय विद्यालयों में प्रमुख रूप से स्वच्छ पेजयल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग क्लासरूम, खेल के मैदान, चहारदीवारी, गेट का निर्माण, मल्टीपरपज हॉल, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास लाइब्रेरी, सोलर प्लांट की स्थापना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि सुविधाओं से लैस किया जाना है।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के 39 राजकीय विद्यालयों को बेहतर बनाया जा रहा है। पहली किस्त से बाउंड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। दूसरी किस्त की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही विद्यालयों को हाईटेक बना दिया जाएगा- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस