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विवादित स्थल पर मुख्य त्योहारों पर पढ़ सकते नमाज
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:47 AM IST
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सुरक्षा व्यवस्था का खतरा होने पर डीएम का आदेश होगा मान्य
लाउडस्पीकर को नहीं माना गया नमाज का अनिवार्य अंग
दीवानी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक मामले में निर्णय करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग जुमा एवं प्रमुख त्योहारों पर बिना लाउडस्पीकर के विवादित स्थल पर नमाज अदा कर सकते हैं। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि यदि डीएम को सुरक्षा व्यवस्था में खतरा महसूस हुआ तो कोर्ट का आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा।
बिसौली तहसील के ग्राम नंदेरी के रसीद खां पुत्र जाफर ने दीवानी मुकदमा दायर करते हुए कहा कि गांव के लोग उसे व उसके समुदाय को नमाज नहीं पढ़ने देते हैं, जबकि उस विवादित स्थल पर करीब 20 साल पहले से नमाज पढ़ते आ रहे हैं। सरकारी वकील दीवानी ने कहा कि उस विवादित स्थल पर पांच वक्त की नमाज नहीं अदा की जाती है, बल्कि त्योहारों पर ही नमाज अदा होती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद दीवानी फास्ट ट्रैक कोर्ट जज अमर सिंह ने कहा कि शासन प्रत्येक शुक्रवार एवं मुख्य त्योहारों पर विवादित स्थल की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करेगा। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि लाउड स्पीकर को नमाज का मुख्य अंग नहीं माना गया है। कहा कि यदि डीएम को विवादित स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का कोई खतरा लगता है, तो ऐसी दशा में वह खुद निर्णय ले सकते हैं। उस स्थिति में कोर्ट का आदेश स्वत: समाप्त हो जाएगा।
लाउडस्पीकर को नहीं माना गया नमाज का अनिवार्य अंग
दीवानी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक मामले में निर्णय करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग जुमा एवं प्रमुख त्योहारों पर बिना लाउडस्पीकर के विवादित स्थल पर नमाज अदा कर सकते हैं। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि यदि डीएम को सुरक्षा व्यवस्था में खतरा महसूस हुआ तो कोर्ट का आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा।
बिसौली तहसील के ग्राम नंदेरी के रसीद खां पुत्र जाफर ने दीवानी मुकदमा दायर करते हुए कहा कि गांव के लोग उसे व उसके समुदाय को नमाज नहीं पढ़ने देते हैं, जबकि उस विवादित स्थल पर करीब 20 साल पहले से नमाज पढ़ते आ रहे हैं। सरकारी वकील दीवानी ने कहा कि उस विवादित स्थल पर पांच वक्त की नमाज नहीं अदा की जाती है, बल्कि त्योहारों पर ही नमाज अदा होती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद दीवानी फास्ट ट्रैक कोर्ट जज अमर सिंह ने कहा कि शासन प्रत्येक शुक्रवार एवं मुख्य त्योहारों पर विवादित स्थल की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करेगा। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि लाउड स्पीकर को नमाज का मुख्य अंग नहीं माना गया है। कहा कि यदि डीएम को विवादित स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का कोई खतरा लगता है, तो ऐसी दशा में वह खुद निर्णय ले सकते हैं। उस स्थिति में कोर्ट का आदेश स्वत: समाप्त हो जाएगा।
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