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Budaun News: जानलेवा हो रहे सड़कों के गड्ढे, पर अफसरों को नहीं दिख रहे

Tue, 12 Mar 2024 11:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 11:03 AM IST
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Potholes on roads are becoming deadly, but officers are not able to see them
बदायूं। पांच माह में 164 सड़क हादसों में 102 लोगों की जान चली गई व 132 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। आम आदमी के लिए सड़कों के गड्ढे रात में जानलेवा साबित हो रहे हैं। जब पांच महीने में हादसों में मौत का आंकड़ा परखा गया तो पता लगा कि 102 में 85 लोगों की जान रात के वक्त गई। इसमें कई मौतें गड्ढों की वजह से हुईं हैं।
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बदायूं से उसावां तक मुरादाबाद- फर्रुखाबाद हाईवे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। यही कारण है कि इस हाईवे पर अलापुर थाना क्षेत्र के संजरपुर, इस्माइलपुर, सखानूं, म्यांऊ में आए दिन बड़े हादसे हो रहे हैं। विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी हादसों में मरने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। वहीं बजट जारी होने के बाद सात महीने से गड्ढा मुक्त करने के लिए सड़कों की मरम्मत की जा रही है, लेकिन कार्य बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा है। इसलिए सड़क पर कई जगह गहरे गड्ढे हैं।
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उसावां क्षेत्र में 30 अक्तूबर 2023 को सड़क पर हुए गड्ढे की वजह से स्कूल वैन और बस में टक्कर हुई। बस चालक ने गड्ढा बचाने के लिए बस मोड़ी थी तब टक्कर हुई थी। चार स्कूली बच्चों समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भी अफसर हादसे का कारण सड़कों पर गड्ढों को नहीं बता रहे हैं।
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रात में सफर खतरे से खाली नहीं
जिले में रात नौ बजे से ग्यारह बजे तक सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं। दर्ज किए गए आंकड़ों में अक्तूबर से लेकर फरवरी तक कुल 164 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। जिले में रात नौ बजे से ग्यारह बजे तक कुल 110 हादसे हुए। इसमें 60 लोगों की जान गई। वहीं 70 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। वहीं शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच 30 हादसे सामने आए, जिसमें 25 लोगों की जान गई तथा 40 गंभीर रूप से घायल हुए। रात ग्यारह बजे से सुबह छह बजे तक कुल 24 हादसों में 17 लोगों की मौत हुई, जबकि 22 लोग घायल हुए।


हादसे की वजह पुलिस दर्ज करती है, लेकिन सड़कों में जहां भी गड्ढे हैं, उनको भरवाया जाता है। गड्डे भरवाने की एक सतत प्रक्रिया है। जहां गड्डे रह गए हैं या नए बन गए हैं, उन्हें भी भरवाएंगे ताकि कोई हादसा न होने पाए। -मनीष सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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