{"_id":"58779f464f1c1b8327ba89bb","slug":"polling-booth-electrification","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोलिंग बूथ बने स्कूलों के विद्युतीकरण में पेच फंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोलिंग बूथ बने स्कूलों के विद्युतीकरण में पेच फंसा
ब्यूरो/बदायूं
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
बिजली
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रेश विधानसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथ बनाए गए बेसिक शिक्षा परिषद के 1119 विद्यालयों में विद्युतीकरण को लेकर पेच है। एक तो चुनाव सिर पर होने के बावजूद इनमें विद्युतीकरण लेट हो गया है, दूसरा बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक बिजली विभाग को इसके लिए शासन से आई धनराशि भी नहीं भेजी है, तीसरी बात यह कि प्रत्येक विद्यालय में विद्युतीकरण के लिए सिर्फ लगभग सात हजार रुपये मिले हैं। उसमें से एक एक किलोवाट के कनेक्शन पर ही लगभग छह हजार रुपये खर्च हो जाएंगे। ऐसे में, बाकी बचे एक हजार रुपये वायरिंग, बोर्ड और बल्ब के लिए बेसिक शिक्षा विभाग भी पर्याप्त नहीं मान रहा है।
एक बात और विद्युतीकरण के लिए बाध्यता यह है कि स्कूल के 40 मीटर दायरे में एलटी लाइन होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो दूरी के हिसाब से अलग चार्ज देना होगा। ऐसे में, वायरिंग के लिए बचने वाले लगभग एक हजार रुपये भी बिजली विभाग के खाते में जा सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को जिले के 1119 विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए शासन से 77.84 लाख रुपये दिसंबर में प्राप्त हो गए थे लेकिन बीएसए कार्यालय की ओर से धनराशि स्कूलों के खातों में अब भेजी जा रही है, जब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है। स्कूलों के खाते में जाने के बाद ही ग्राम शिक्षा समिति की ओर से विद्युतीकरण का कार्य कराया जाना है। स्कूलों में अभी तक यह धनराशि नहीं मिल सकी है। इसके चलते विद्युतीकरण का कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। बता दें कि एक किलोवाट का कनेक्शन कराने के लिए 5930 रुपये खर्च करने होंगे। विद्युत कनेक्शन कराने के बाद बाकी एक हजार रुपये बचेंगे, जिसमें स्कूल परिसर में वायरिंग, बोर्ड एवं बल्ब लगाए जाने हैं। जबकि विभाग का मानना है कि इस पर कम से कम खर्च ही दो से तीन हजार का आ सकता है।
शिक्षकों को स्कूलों का विद्युतीकरण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में स्थित स्कूलों में होने वाली, बोर्ड, वायरिंग एवं बल्ब लगवा दें। यह कार्य 10 दिनों में हो जाएगा। पहले ही बेसिक शिक्षा विभाग पर बकाया है बिजली का 8.04 करोड़
विज्ञापन
-पीसी यादव, बीएसए
एक किलोवाट का कनेक्शन लेने पर 5930 और दो किलोवाट का कनेक्शन लेने के लिए 8930 रुपये जमा करने होते हैं। फिलहाल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब तक विद्युत विभाग को कनेक्शन कराने के लिए धनराशि नहीं दी गई है।
-छैलबिहारी, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
विज्ञापन
एक बात और विद्युतीकरण के लिए बाध्यता यह है कि स्कूल के 40 मीटर दायरे में एलटी लाइन होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो दूरी के हिसाब से अलग चार्ज देना होगा। ऐसे में, वायरिंग के लिए बचने वाले लगभग एक हजार रुपये भी बिजली विभाग के खाते में जा सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को जिले के 1119 विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए शासन से 77.84 लाख रुपये दिसंबर में प्राप्त हो गए थे लेकिन बीएसए कार्यालय की ओर से धनराशि स्कूलों के खातों में अब भेजी जा रही है, जब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है। स्कूलों के खाते में जाने के बाद ही ग्राम शिक्षा समिति की ओर से विद्युतीकरण का कार्य कराया जाना है। स्कूलों में अभी तक यह धनराशि नहीं मिल सकी है। इसके चलते विद्युतीकरण का कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। बता दें कि एक किलोवाट का कनेक्शन कराने के लिए 5930 रुपये खर्च करने होंगे। विद्युत कनेक्शन कराने के बाद बाकी एक हजार रुपये बचेंगे, जिसमें स्कूल परिसर में वायरिंग, बोर्ड एवं बल्ब लगाए जाने हैं। जबकि विभाग का मानना है कि इस पर कम से कम खर्च ही दो से तीन हजार का आ सकता है।
विज्ञापन
शिक्षकों को स्कूलों का विद्युतीकरण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में स्थित स्कूलों में होने वाली, बोर्ड, वायरिंग एवं बल्ब लगवा दें। यह कार्य 10 दिनों में हो जाएगा। पहले ही बेसिक शिक्षा विभाग पर बकाया है बिजली का 8.04 करोड़
विज्ञापन
-पीसी यादव, बीएसए
एक किलोवाट का कनेक्शन लेने पर 5930 और दो किलोवाट का कनेक्शन लेने के लिए 8930 रुपये जमा करने होते हैं। फिलहाल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब तक विद्युत विभाग को कनेक्शन कराने के लिए धनराशि नहीं दी गई है।
-छैलबिहारी, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय