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उत्तर भारतीयों से माफी मांगें राज ठाकरे, तभी अयोध्या में मिलेगा प्रवेश : बृजभूषण शरण सिंह
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बिल्सी के बाबा स्कूल में सांसद बृजभूषण शरण सिंह का जनसभा में माला पहनाकर स्वागत करते लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी (बदायूं)। राज ठाकरे के पांच जून को प्रस्तावित अयोध्या दौरे की हाल ही में मुखालफत करके चर्चा में आए भाजपा के कैसरगंज सीट से सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को बिल्सी पहुंचे। यहां जनसभा में उन्होंने कहा कि यदि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्या (उत्तर भारत) में आना है तो पहले उन्हें अपने पुराने बयानों के लिए माफी मांगनी होगी। वह पूरे उत्तर भारतवासियों के अपराधी हैं।
सांसद ब्रजभूषण मंगलवार को नगर के बाबा इंटरनेशनल स्कूल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सांसद ने कहा कि राज ठाकरे को लेकर यह भाजपा का नहीं बल्कि उनका व्यक्तिगत आंदोलन है। दावे से कहता हूं कि ठाकरे को अयोध्या की पावन धरती पर कदम नहीं रखने दूंगा। आज तक वह मुंबई से कभी बाहर नहीं निकल सके हैं। उन्होंने ठाकरे की तुलना चूहे से की जो बिल में रहता है। उन्होंने कहा जब आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी तब हिंदू-मुस्लिम सब कंधा मिलाकर साथ खड़े थे। उसके बाद यह पहला आंदोलन है जिसमें फिर सभी साथ खड़े हैं। यह आंदोलन केवल अन्याय के खिलाफ और स्वाभिमान के लिए है। उत्तर भारत अब जाग चुका है। उन्होंने बदायूं के प्राचीन नाम वेदामऊ का जिक्र कर ऐतिहासिक महत्व बताया, यहां आजादी की लड़ाई का जिक्र किया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य संजीव रूप व भाजपा नेता योगेंद्र सिंह ने किया। सभा के बाद पालिकाध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ने माला पहनाकर व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन नरेंद्र बाबू वार्ष्णेय, मेहुल वार्ष्णेय, दीपक गुप्ता, विवेक राठी, लव कुमार वार्ष्णेय, वीरपाल सिंह सोलंकी, सुभाष चंद्र आदि मौजूद रहे।
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मराठों का स्वागत करेंगे, विरोध केवल राज ठाकरे का है
बिल्सी। स्कूल के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद ब्रजभूषण ने कहा कि मराठा आएं तो वह उनके स्वागत में अपनी जान तक दे सकते हैं। उनका विरोध मराठा समुदाय से नहीं केवल एक व्यक्ति (राज ठाकरे) से है। कहा कि वह पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ तथा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ सिद्धांत के अनुयायी हैं। कहा कि वह राज ठाकरे से पूछना चाहते हैं कि महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों का उत्पीड़न क्यों है? दावा किया कि राज उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांगेंगे तो अपने पूरे जीवनकाल में कभी उत्तर भारत की धरती पर नहीं आ सकेंगे। संवाद
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सांसद ब्रजभूषण मंगलवार को नगर के बाबा इंटरनेशनल स्कूल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सांसद ने कहा कि राज ठाकरे को लेकर यह भाजपा का नहीं बल्कि उनका व्यक्तिगत आंदोलन है। दावे से कहता हूं कि ठाकरे को अयोध्या की पावन धरती पर कदम नहीं रखने दूंगा। आज तक वह मुंबई से कभी बाहर नहीं निकल सके हैं। उन्होंने ठाकरे की तुलना चूहे से की जो बिल में रहता है। उन्होंने कहा जब आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी तब हिंदू-मुस्लिम सब कंधा मिलाकर साथ खड़े थे। उसके बाद यह पहला आंदोलन है जिसमें फिर सभी साथ खड़े हैं। यह आंदोलन केवल अन्याय के खिलाफ और स्वाभिमान के लिए है। उत्तर भारत अब जाग चुका है। उन्होंने बदायूं के प्राचीन नाम वेदामऊ का जिक्र कर ऐतिहासिक महत्व बताया, यहां आजादी की लड़ाई का जिक्र किया।
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कार्यक्रम का संचालन आचार्य संजीव रूप व भाजपा नेता योगेंद्र सिंह ने किया। सभा के बाद पालिकाध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ने माला पहनाकर व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन नरेंद्र बाबू वार्ष्णेय, मेहुल वार्ष्णेय, दीपक गुप्ता, विवेक राठी, लव कुमार वार्ष्णेय, वीरपाल सिंह सोलंकी, सुभाष चंद्र आदि मौजूद रहे।
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मराठों का स्वागत करेंगे, विरोध केवल राज ठाकरे का है
बिल्सी। स्कूल के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद ब्रजभूषण ने कहा कि मराठा आएं तो वह उनके स्वागत में अपनी जान तक दे सकते हैं। उनका विरोध मराठा समुदाय से नहीं केवल एक व्यक्ति (राज ठाकरे) से है। कहा कि वह पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ तथा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ सिद्धांत के अनुयायी हैं। कहा कि वह राज ठाकरे से पूछना चाहते हैं कि महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों का उत्पीड़न क्यों है? दावा किया कि राज उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांगेंगे तो अपने पूरे जीवनकाल में कभी उत्तर भारत की धरती पर नहीं आ सकेंगे। संवाद